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Jharkhand: क्या है वो जमीन घोटाला, जो बन गया है Hemant Soren के गले की फांस?
हेमंत सोरेन को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत जमीन घोटाला मामले में 10 समन जारी किए जा चुके हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) बड़ी मुश्किल में हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम दिल्ली में उनके आवास पर पहुंच चुकी है. ED के साथ दिल्ली पुलिस भी मौजूद है. माना जा रहा है कि हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया जा सकता है. ED ने सोरेन इस मामले में कई समन भेजे थे. अपने 10वें समन में केंद्रीय एजेंसी ने 29 से 31 जनवरी के बीच समय देने को कहा था, लेकिन सीएम की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके बाद ईडी पूछताछ के लिए उनके दिल्ली आवास पहुंच गई है.
एक बार हुई है पूछताछ
यह सबकुछ उस जमीन घोटाला को लेकर हो रहा है, जिसमें राज्य के कई बड़े अफसर भी फंसे हैं. वैसे, ED एक बार CM हेमंत सोरेन से पूछताछ कर चुकी है. उसके 8वें समन के बाद सोरेन इस मामले में पहली बार पूछताछ के लिए राजी हुए थे. हालांकि, वह खुद ईडी के दफ्तर नहीं पहुंचे थे, बल्कि ED के अधिकारियों को सीएम ने बयान दर्ज कराने के लिए मुख्यमंत्री आवास बुलाया गया था. 20 जनवरी को ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन से करीब 7-8 घंटे तक पूछताछ की थी, लेकिन एजेंसी मुख्यमंत्री से एक बार फिर से पूछताछ करना चाहती थी और इसलिए उन्हें 10वां समन जारी किया गया था.
फर्जी तरह से हुई खरीद-फरोख्त
CM हेमंत सोरेन सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं. उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 50 के तहत जमीन घोटाला मामले में 10 समन जारी किए जा चुके हैं. ED जमीन घोटाले के साथ-साथ अवैध खनन की भी जांच कर रही है. जमीन घोटाले की बात करें, तो यह मामला सेना के कब्जे वाली जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फर्जी नाम-पते के आधार पर झारखंड में सेना की जमीन की खरीद-बिक्री हुई थी. इस सिलसिले में रांची नगर निगम ने FIR दर्ज करवाई थी और ED ने उसी के आधार पर जांच शुरू की.
अब तक इतनी गिरफ्तारी
जमीन घोटाला मामले में कुल 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 2011 बैच के आईएएस अधिकारी छवि रंजन पर भी ED ने शिकंजा कसा जो राज्य के समाज कल्याण विभाग के निदेशक और रांची के उपायुक्त के रूप में कार्यरत थे. इस महीने की शुरुआत में जांच एजेंसी ने राज्य में कथित अवैध खनन की मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत CM सोरेन के प्रेस सलाहकार, साहिबगंज जिले के अधिकारियों और एक पूर्व विधायक के परिसरों पर भी छापेमारी की थी. CM सोरेन लगातार ED से सवालों से बचने की कोशिश करते रहे हैं और इस वजह से ED का शक उन्हें लेकर बढ़ गया है.
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