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ऐसी भी क्या मजबूरी थी कि Heineken ने महज 90 रुपए में बेच दिया अपना कारोबार?

नीदरलैंड्स की मशहूर शराब निर्माता कंपनी Heineken ने रूस से अपना कारोबार समेट लिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

शराब बनाने वाली मशहूर कंपनी हेनेकेन (Heineken) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. नीदरलैंड्स की इस कंपनी ने रूस में अपना कारोबार बेच दिया है. कंपनी ने जिस रकम में यह डील की है, वो बेहद चौंकाने वाली है. Heineken ने महज 1 यूरो (करीब 90 रुपए) में अपने रूसी कारोबार का सौदा अर्नेस्ट ग्रुप (Arnest Group) के साथ कर दिया है. यानी महज 90 रुपए में अर्नेस्ट ग्रुप Heineken के रूसी बिजनेस का मालिक बन गया है.  

क्या है पूरा मामला?
चलिए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है और ऐसे क्या मजबूरी थी जिसके चलते Heineken को ये कदम उठाना पड़ा. दरअसल, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी शराब बनाने वाली इस कंपनी ने यूक्रेन पर रूसी हमले के बाद रूस छोड़ने का ऐलान किया था. Heineken को पता था कि इस फैसले से उसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा, लेकिन रूस को सबक सिखाने के लिए कई ग्लोबल कंपनियों की तरह उसने भी यह साहसिक कदम उठाया. मीडिया रिपोर्ट्स में हेनेकेन के हवाले से बताया गया है कि इस सौदे से उसे 300 मिलियन यूरो (324.8 मिलियन डॉलर) का नुकसान हुआ है. हेनेकेन ने कहा है कि उसने अर्नेस्ट ग्रुप को प्रतीकात्मक एक यूरो में अपना कारोबार बेचकर रूस से बाहर निकलने की प्रक्रिया पूरी कर ली है.

पिछले साल किया था ऐलान
इस शराब निर्माता कंपनी ने बताया है कि रूस के अर्नेस्ट ग्रुप के साथ उसकी डील को सभी आवश्यक मंजूरी मिल गई हैं. गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद, हेनेकेन ने पिछले साल मार्च में रूस छोड़ने का ऐलान किया था. हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में कंपनी की उम्मीद से ज्यादा समय लग गया. हेनेकेन की रूस में सात Breweries थीं, जिनमें 1800 कर्मचारी कार्यरत हैं. हेनेकेन का कहना है कि Arnest Group ने वादा किया है कि इन कर्मचारियों को अगले तीन वर्षों तक रोजगार की गारंटी मिलेगी. यानी इस अवधि तक इन्हें नौकरी से नहीं निकाला जाएगा. बता दें कि रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की पूरी दुनिया में निंदा हुई थी. रूस के खिलाफ कई देशों ने कड़े कदम उठाए थे. इसी क्रम में अब तक कम से कम 1,000 ग्लोबल कंपनियों ने रूस से अपना कारोबार समेट लिया है. 


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