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HDFC Bank Q3 Results 2025: मुनाफा 11.5% बढ़कर ₹18,654 करोड़, एसेट क्वालिटी रही मजबूत
मुनाफे में दो अंकों की बढ़ोतरी, स्थिर एसेट क्वालिटी, नियंत्रित क्रेडिट कॉस्ट और मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी बैंक की मजबूत बुनियाद को दर्शाते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक HDFC Bank ने दिसंबर 2025 तिमाही (Q3) में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है. बैंक का शुद्ध मुनाफा दो अंकों में बढ़ा है, नेट इंटरेस्ट इनकम में भी इजाफा हुआ है और एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर हालात स्थिर बने हुए हैं. डिपॉजिट और लोन बुक दोनों में संतुलित ग्रोथ देखने को मिली है.
मुनाफे में 11.5% की सालाना बढ़ोतरी
HDFC Bank ने Q3 में ₹18,654 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹16,736 करोड़ था. इस तरह सालाना आधार पर मुनाफे में करीब 11.5% की वृद्धि हुई. यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से कोर बैंकिंग बिजनेस से आई बेहतर कमाई और कंट्रोल्ड खर्च की वजह से रही.
NII 32,600 करोड़ के पार, मार्जिन पर हल्का दबाव
बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) बढ़कर ₹32,620 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले यह ₹30,650 करोड़ थी. इसमें 6.4% की ग्रोथ दर्ज की गई. हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) पर थोड़ा दबाव देखने को मिला. कुल एसेट्स पर NIM 3.35% और ब्याज कमाने वाली एसेट्स पर 3.51% रहा.
एसेट क्वालिटी मजबूत, GNPA में सुधार
लोन क्वालिटी के मोर्चे पर बैंक को कोई बड़ा झटका नहीं लगा. ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (GNPA) घटकर ₹35,179 करोड़ रह गईं, जबकि पिछले साल यह ₹36,019 करोड़ थीं.
GNPA अनुपात भी सुधरकर 1.24% पर आ गया, जो एक साल पहले 1.42% था.
नेट NPA ₹11,982 करोड़ रहा, जबकि नेट NPA रेशियो 0.46% से घटकर 0.42% हो गया. प्रोविजन और कंटिंजेंसी खर्च इस तिमाही में ₹2,840 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर करीब 10% कम है. इसमें ₹1,040 करोड़ के कंटिंजेंट प्रोविजन की वापसी से भी राहत मिली. इनको हटाकर देखें तो क्रेडिट कॉस्ट रेशियो 0.55% रहा.
डिपॉजिट और CASA में स्थिर ग्रोथ
बैंक का कुल बिजनेस बढ़कर ₹40.89 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹37.59 लाख करोड़ था. कुल डिपॉजिट ₹28.6 लाख करोड़ तक पहुंच गए, जिसमें 11.6% की सालाना बढ़ोतरी हुई.
1. CASA डिपॉजिट 10.1% बढ़कर ₹9.61 लाख करोड़
2. कुल डिपॉजिट में CASA की हिस्सेदारी 33.6%
3. टाइम डिपॉजिट में 12.3% की ग्रोथ
लोन बुक में संतुलित विस्तार
Q3 में बैंक के ग्रॉस एडवांस बढ़कर ₹28.45 लाख करोड़ हो गए, जिसमें 11.9% की सालाना वृद्धि दर्ज की गई. सेगमेंट के हिसाब से ग्रोथ इस प्रकार रही.
1. रिटेल लोन: 6.9%
2. MSME लोन: 17.2%
3. कॉर्पोरेट और होलसेल लोन: 10.3%
खर्च और कैपिटल पोजीशन
तिमाही के दौरान ऑपरेटिंग खर्च ₹18,770 करोड़ रहा. न्यू लेबर कोड से जुड़े करीब ₹800 करोड़ के असर को हटाने पर खर्च ₹17,970 करोड़ रहा. कोर कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 39.2% पर बना रहा. कैपिटल पोजीशन की बात करें तो बैंक पूरी तरह मजबूत स्थिति में है. बेसल-III के तहत टोटल कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो 19.9% रहा. टियर-1 कैपिटल 17.8% और CET-1 रेशियो 17.4% रहा, जो नियामकीय जरूरत से काफी ऊपर है.
शेयर का हाल
नतीजों से पहले HDFC Bank का शेयर NSE पर 0.55% की बढ़त के साथ ₹930.55 पर बंद हुआ. पिछले एक साल में स्टॉक करीब 13.7% चढ़ चुका है, जबकि इसी अवधि में निफ्टी 50 का रिटर्न 11% से कम रहा है.
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