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तिरंगों की मांग बढ़ने से रोजाना हो रहा है कीमतों में उछाल, बाजार में हुई झंडों की कमी

सरकार द्वारा शुरू किए गए " हर घर तिरंगा " अभियान शुरू करने के तुरंत बाद राष्ट्रीय ध्वज की मांग आसमान छू रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 years ago

नई दिल्लीः 15 अगस्त से पहले देश भर में तिरंगे झंडों की बिक्री में इजाफे के साथ ही कीमतों में भी वृद्धि हो गई है. हालत ये है कि इस वक्त कई राज्यों में झंडों की कमी भी हो गई है. सरकार द्वारा शुरू किए गए " हर घर तिरंगा " अभियान शुरू करने के तुरंत बाद राष्ट्रीय ध्वज की मांग आसमान छू रही है. 

जमशेदपुर के साकची मार्केट के एक विक्रेता 31 वर्षीय आशीष साहू खुश हैं क्योंकि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान की व्यक्तिगत जिम्मेदारी औपचारिक रूप से भारतीयों को सौंपने के बाद "लोग इस साल सामान्य से अधिक झंडे खरीद रहे हैं." 

राष्ट्रीय ध्वज के मूल्य में हुई वृद्धि

झंडा विक्रेता साहू ने कहा, "हमें तिरंगे का स्टॉक नहीं मिल रहा है क्योंकि इस साल इसकी मांग इतनी अधिक है. एक छोटे आकार का झंडा जो पहले 25 रुपये में बेचा जाता था, अब 55 रुपये में बेचा जा रहा है, कीमत की उम्मीद है." वहीं अमर मार्केट के पास झण्डा बेचने वालों में से एक मुदस्सिर हुसैन ने कहा कि पिछले वर्षों में हम 15 अगस्त से 1-2 दिन पहले झंडे बेचते थे, लेकिन इस साल हमने 1 सप्ताह पहले अपने स्टॉल शुरू कर दिए थे. ऐसा इसलिए है क्योंकि बड़ी संख्या में है झंडे खरीदने के लिए इस साल आदेश आया है. हमने इस साल कोलकाता से तिरंगे का स्टॉक मंगवाया है."

बाजार में बढ़ गई है मांग

जैसा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 13 से 15 अगस्त तक लोगों से अपने घरों पर तिरंगा लगाने का आग्रह किया है, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अन्य वर्षों की तुलना में बाजार में झंडों की बिक्री में वृद्धि हुई है. ऐतिहासिक दिन आने में बस एक दिन और है और अब से हर दुकान और स्टाल पर राष्ट्रीय ध्वज फहराते देखा जा सकता है.

झंडा निर्माताओं के रोजगार के लिए अच्छी पहल

इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाओं को तिरंगा सिलने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा, स्थानीय डाकघर ने अधिकतम 80,000 तिरंगे का स्टॉक किया है. जून में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने बताया कि तिरंगे की सिलाई के क्रम में झंडा निर्माताओं को बेतहाशा ऑर्डर मिल रहे हैं. इसके लिए CAIT ने व्यापारियों से 13 से 15 अगस्त तक ' घर-घर तिरंगा, दुकान-दुकन तिरंगा ' के नारे के साथ ' तिरंगा महोत्सव ' मनाने का भी आग्रह किया. आम तौर पर बाजारों में 9×6, 18×12, 16×24, 20×30 और 53×35 आकार के झंडे की बहुत मांग होती है.

निकल रहे हैं तिरंगा मार्च

जब से मोदी सरकार ने तिरंगा महोत्सव की घोषणा की है, कई राजनीतिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठन अभियान के संबंध में तिरंगा रैलियां या तिरंगा मार्च निकाल रहे हैं. सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड ट्रेड ने 14 अगस्त को मार्च निकालने के लिए 300 राष्ट्रीय झंडे खरीदे.

हर जगह छाया है उत्साह

हर घर तिरंगा अभियान को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा सकता है. कुछ दुकानों और घरों में पहले से ही राष्ट्रीय झंडे लगे हुए हैं. निवासियों ने कहा, "तिरंगा हमारे देश की आजादी का प्रतीक है, और हम सभी को ध्वज का सम्मान करके मनाना चाहिए."

झारखंड के भाजपा सदस्य शाहिद परवेज ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के हर घर तिरंगा अभियान में प्रत्येक नागरिक को भाग लेना चाहिए क्योंकि यह हमारे देश की स्वतंत्रता की हीरक जयंती जैसा है, इसलिए मेरा सुझाव है कि सभी को इसमें भाग लेना चाहिए." कई राजनीतिक नेताओं के विचारों के बारे में पूछे जाने पर कि झंडा लगाना देशभक्ति को परिभाषित नहीं कर सकता है.

परवेज ने कहा, "हर माता-पिता अपने बच्चे से प्यार करते हैं लेकिन अगर वे इसे व्यक्त नहीं करते हैं, तो यह दावा नहीं किया जा सकता है कि वे अपने बच्चे से प्यार करते हैं. इसी तरह, देशभक्ति हमारे देश के प्रति व्यक्त किया जाना चाहिए और अगर यह हमारे घर पर राष्ट्रीय ध्वज लगाने के माध्यम से है तो इसमें कोई बुराई नहीं है."

पीएम मोदी ने भारत के लोगों से 13-15 अगस्त तक अपने घरों के ऊपर तिरंगा लगाने की अपील की है.

VIDEO: मिस यूनिवर्स हरनाज संधू को माफ नहीं करने वालीं उपासना सिंह, जानिए क्या कहा

 


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