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3.25 लाख करोड़ की ‘मेगा डील’ को हरी झंडी, 114 Dassault Rafale लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी
114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मिली मंजूरी भारत की सैन्य ताकत को नई दिशा देने वाला फैसला माना जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारत ने अपनी वायु शक्ति को निर्णायक बढ़त देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. रक्षा खरीद से जुड़े शीर्ष निकाय डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (DAC) ने 114 राफेल मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) की खरीद को मंजूरी दे दी है. इस सौदे की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है, जिसे अब तक की सबसे बड़ी रक्षा डील्स में गिना जा रहा है.
IAF को मिलेगी नई ताकत
रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए राफेल जेट्स, उन्नत लड़ाकू मिसाइलों और एयर-शिप बेस्ड हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) की खरीद के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ नेसेसिटी’ (AoN) को मंजूरी दी गई है.
MRFA कार्यक्रम को बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों के बीच एयर डॉमिनेंस और लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक क्षमता बढ़ाने के अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है. मंत्रालय ने कहा कि इन विमानों की खरीद से युद्ध के हर आयाम में हवाई बढ़त बनाए रखने और लंबी दूरी तक सटीक हमले करने की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा.
‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि खरीदे जाने वाले ज्यादातर मल्टी रोल फाइटर एयरक्राफ्ट भारत में ही निर्मित किए जाएंगे. इससे घरेलू एयरोस्पेस इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी, तकनीकी हस्तांतरण को बढ़ावा मिलेगा और रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी.
SCALP मिसाइल और P-8I विमानों को भी मंजूरी
DAC ने SCALP cruise missile की खरीद को भी मंजूरी दी है, जिससे जमीनी लक्ष्यों पर सटीक और लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता बढ़ेगी. इसके अलावा भारतीय नौसेना के लिए 6 अतिरिक्त Boeing P-8I Poseidon समुद्री निगरानी विमान खरीदने को हरी झंडी दी गई है. ये विमान लंबी दूरी की समुद्री टोही और पनडुब्बी रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाते हैं.
सेना और नेवी के लिए भी अहम फैसले
भारतीय सेना के लिए एंटी-टैंक माइंस (Vibhav), आर्मर्ड रिकवरी व्हीकल्स (ARVs) तथा T-72 टैंकों और BMP-II इन्फेंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स के ओवरहॉल को भी AoN की मंजूरी दी गई है. नेवी के लिए 4 मेगावॉट मरीन गैस टर्बाइन आधारित इलेक्ट्रिक पावर जेनरेटर को भी स्वीकृति मिली है, जिससे नौसैनिक अभियानों की ऊर्जा क्षमता मजबूत होगी.
रणनीतिक पृष्ठभूमि में अहम फैसला
यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब हाल के महीनों में क्षेत्रीय तनाव और सीमाई सुरक्षा चुनौतियों ने रक्षा तैयारियों को और मजबूत करने की जरूरत रेखांकित की है. विशेषज्ञों का मानना है कि MRFA कार्यक्रम भारत की प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence Capability) को नई ऊंचाई देगा.
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