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Grasim Industries लाने जा रही है राइट्स इश्यू, इसके बारे में जानते हैं आप? 

ग्रासिम इंडस्ट्रीज के शेयर सोमवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे. हालांकि, पिछले 5 कारोबारी सत्रों में इसमें 4.26% की तेजी आई है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

आदित्य बिरला ग्रुप (Aditya Birla Group) की फ्लैगशिप कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज (Grasim Industries) राइट्स इश्यू लाने वाली है. टेक्सटाइल इंडस्ट्री से जुड़ी यह कंपनी राइट्स इश्यू के जरिए शेयरधारकों से 4000 करोड़ रुपए जुटाने की तैयारी में है. कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने राइट्स इश्यू के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि, इसके लिए रिकॉर्ड डेट की घोषणा फिलहाल नहीं की गई है. 

कीमत पर अभी बात नहीं
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि राइट्स इश्यू के माध्यम से फंड जुटाने के प्रस्ताव को कंपनी के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. हालांकि, ऐसा करने से पहले कंपनी को रेगुलेटरी/स्टेट्यूटरी अप्रूवल की भी जरूरत होगी. ग्रासिम इंडस्ट्रीज ने फिलहाल इश्यू की कीमत के बारे में कुछ नहीं बताया है. कंपनी की तरफ से इतना कहा गया है कि बोर्ड या बोर्ड की गठित कमेटी राइट्स इश्यू के सभी नियम एवं शर्तें निर्धारित करेगी, जिसमें इश्यू प्राइज, राइट्स एंटाइटेलमेंट रेश्यो, रिकॉर्ड डेट, टाइमिंग आदि शामिल हैं. 

ये है राइट्स इश्यू का मतलब
अब जानते हैं कि आखिर ग्रासिम इंडस्ट्रीज जिस राइट्स इश्यू के जरिए जन जुटाने की योजना बना रही है, वो आखिर होता क्या है? दरअसल, ये एक प्रक्रिया है जिसे शेयर बाजार में पहले से लिस्टेड कंपनियां धन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अमल में लाती हैं. इसके तहत कंपनियां केवल अपने मौजूदा शेयरधारकों को ही अतिरिक्त शेयर खरीदने का मौका देती हैं. शेयरधारक कंपनी की ओर से निर्धारित अवधि में डिस्काउंट पर राइट्स इश्यू के तहत शेयर खरीद सकते हैं. इस प्रक्रिया से प्राप्त धन का इस्तेमाल कंपनियां अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए करती हैं.

किसे मिलता है इसका फायदा?
राइट्स इश्यू के तहत एक निश्चित अनुपात में ही शेयर खरीदे जा सकते हैं और यह अनुपात कंपनी तय करती है. उदाहरण के तौर पर एक कंपनी ने राइट्स इश्यू के लिए 1:3 का अनुपात तय किया है. इसका मतलब है कि शेयरधारक अपने पास पहले से मौजूद 3 शेयर पर एक अतिरिक्त शेयर खरीद सकता है. राइट्स इश्यू कंपनी और शेयरधारक दोनों के लिए फायदे का सौदा होते हैं. कंपनी को जहां इससे अतिरिक्त पैसा मिलता है. उसका इक्विटी बेस बढ़ता है और स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ जाती है. वहीं, शेयरधारकों को वर्तमान कीमत से कम में कंपनी के शेयर मिल जाते हैं. दरअसल, राइट्स इश्यू के जरिए शेयर खरीदने पर कंपनियां अपने शेयरधारकों को डिस्काउंट देती हैं. इससे शेयरधारक के पास कम कीमत में अतिरिक्त शेयर खरीदने का मौका रहता है.
 


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