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सरकार का बड़ा मोनेटाइजेशन प्लान : 16.72 लाख करोड़ जुटाने का लक्ष्य, पोर्ट-रेलवे-एनर्जी में हिस्सेदारी बिक्री की तैयारी
रोडमैप के मुताबिक भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के 38 लैंड पार्सल लीज पर देकर करीब 2400 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
सरकार ने एसेट मोनेटाइजेशन के दूसरे चरण का विस्तृत रोडमैप जारी कर दिया है. नीति आयोग द्वारा जारी इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2025-26 से 2029-30 के बीच कुल 16.72 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इस चरण में पोर्ट, रेलवे, ऊर्जा, कोल और टेलीकॉम सेक्टर की परिसंपत्तियों को लीज पर देने या हिस्सेदारी बेचने की रणनीति अपनाई जाएगी.
BSNL जमीन और सरकारी होटलों से होगी बड़ी वसूली
रोडमैप के मुताबिक भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के 38 लैंड पार्सल लीज पर देकर करीब 2400 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है. इसके अलावा राजधानी स्थित प्रतिष्ठित द अशोका होटल का ऑपरेशन निजी क्षेत्र को सौंपा जाएगा, जिससे लगभग 820 करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है. सरकार होटल सम्राट का संचालन भी निजी हाथों में देने की तैयारी में है. इस संपत्ति से करीब 380 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है. सरकार का मानना है कि पेशेवर प्रबंधन से इन परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग संभव होगा और राजस्व में वृद्धि होगी.
रेलवे सेक्टर में हिस्सेदारी बिक्री की तैयारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एसेट मोनेटाइजेशन फेज-2 के तहत सरकार सात रेलवे कंपनियों में आंशिक हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है. इससे करीब 83,700 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान है. रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी परिसंपत्तियों के निजीकरण या लीज मॉडल से सरकार पूंजी जुटाने के साथ-साथ दक्षता बढ़ाने की भी कोशिश कर रही है.
एनर्जी सेक्टर पर फोकस, GAIL और PGCIL शामिल
ऊर्जा क्षेत्र में भी बड़े कदम प्रस्तावित हैं. सरकार 2028 तक गेल (GAIL) में हिस्सेदारी बेचकर करीब 3100 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है. इसके अलावा पावर ग्रिड (Power Grid Corporation of India) की ट्रांसमिशन लाइनों के मोनेटाइजेशन से 33,500 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है. हाइड्रो पावर कंपनियों NHPC और SJVN की परियोजनाओं से लगभग 12,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई गई है. वहीं, NTPC के बदरपुर सहित अन्य लैंड पार्सल लीज पर देकर 32,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है.
पोर्ट और कोल सेक्टर से भी बड़ी उम्मीदें
पोर्ट सेक्टर में एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए 1.2 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इसके तहत पोर्ट टर्मिनल, बर्थ, जेट्टी और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर के संचालन में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाई जाएगी. कोल सेक्टर में सरकार अपनी कुछ सब्सिडियरी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में है. इस कदम से करीब 48,350 करोड़ रुपये जुटाने का अनुमान है. सरकार का मानना है कि निजी निवेश से उत्पादन क्षमता और परिचालन दक्षता दोनों में सुधार होगा.
क्या है सरकार की रणनीति
एसेट मोनेटाइजेशन फेज-2 का मुख्य उद्देश्य सरकारी परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग करते हुए विकास परियोजनाओं के लिए पूंजी जुटाना है. सरकार का जोर ‘एसेट सेल’ के बजाय ‘एसेट मोनेटाइजेशन’ मॉडल पर है, जिसमें स्वामित्व बरकरार रखते हुए संचालन या आंशिक हिस्सेदारी निजी क्षेत्र को दी जाती है. आने वाले वर्षों में यह देखना अहम होगा कि बाजार इन प्रस्तावों को किस तरह से लेता है और सरकार तय लक्ष्यों को कितनी तेजी से हासिल कर पाती है.
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