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Edible Oil: 'राहत' पहुंचाने में कंपनियों की सुस्ती से सरकार नाराज, अब होगा एक्शन!
सरकार की सख्ती के बाद तेल कंपनियों ने दाम तो घटा दिए हैं, लेकिन नए पैक अब तक बाजार में नहीं पहुंचे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
महंगाई (Inflation) के मौसम में आम जनता को रसोई तेल (Edible Oil) के मोर्चे पर कुछ राहत मिली है. केंद्र सरकार के निर्देश के बाद खाद्य तेल बनाने वाली कंपनियों ने दाम घटा दिए हैं, लेकिन कम कीमत वाले नए पैक मार्केट में अब तक नहीं पहुंचे हैं. कीमत में कटौती के समय कंपनियों ने इसके लिए कुछ दिन का समय मांगा था. हालांकि, उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने इस पर नाराजगी जताई है. मंत्रालय का कहना है कि घटी हुई कीमतों का लाभ ग्राहकों को तुरंत मिलना चाहिए.
इन्होंने घटाए हैं दाम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्रालय ने संबंधित खाद्य तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि ग्राहकों को नई कीमत के साथ तेल उपलब्ध कराया जाए. देरी पर कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. बता दें कि सरकार ने खाद्य तेल कंपनियों से अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) को कमोडिटी की अंतरराष्ट्रीय दरों में गिरावट के अनुरूप कम करने को कहा था, जिसके बाद 4 मई को मदर डेयरी, अडानी विलमर और जेमिनी एडिबल फैट्स इंडिया ने अपने खाद्य तेल ब्रैंड की कीमतों में कटौती का ऐलान किया था.
नहीं मिल रहा था फायदा
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव संजीव चोपड़ा ने उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक में कहा कि खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ उपभोक्ताओं को जल्द दिया जाना चाहिए. गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में एडिबल ऑयल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में कमी आई है. बीते 60 दिनों में खासकर ये गिरावट ज्यादा देखने को मिली है. हालांकि, मूंगफली, सोयाबीन और सरसों के बंपर उत्पादन के बावजूद, स्थानीय स्तर पर कीमतों में कमी नहीं आ रही थी, लेकिन अब सरकार की सख्ती के चलते कंपनियों ने दाम घटाना शुरू कर दिए हैं.
जल्द से जल्द ऐसा करें
मंत्रालय ने खाद्य तेल संघों को सलाह दी है कि वे इस मुद्दे पर अपने सदस्यों के साथ तुरंत बातचीत करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक तेल की एमआरपी, खाद्य तेलों की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के अनुरूप तत्काल प्रभाव से कम की गई है. साथ ही यह भी कहा गया है कि जब निर्माताओं/रिफाइन करने वालों द्वारा वितरकों को मिलने वाली कीमत में कमी की जाती है, तो ग्राहकों को लाभ दिया जाना चाहिए और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग को नियमित रूप से सूचित किया जाना चाहिए. जिन कंपनियों ने अब तक कीमतें कम नहीं की हैं, उन्हें जल्द से जल्द ऐसा करने को कहा गया है.
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