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सरकार ने BHEL में 5% हिस्सेदारी बेचने का ऐलान, 254 रुपये प्रति शेयर पर OFS लॉन्च
OFS की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी. गैर-खुदरा (नॉन-रिटेल) निवेशक बुधवार को बोली लगा सकेंगे, जबकि खुदरा निवेशकों के लिए गुरुवार को बोली का अवसर रहेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
केंद्र सरकार ने अपनी विनिवेश रणनीति के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में अधिकतम 5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) जारी किया है. नियामकीय फाइलिंग के अनुसार, इस OFS के लिए प्रति शेयर 254 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया गया है.
इस पेशकश के तहत पहले चरण में लगभग 3 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी गई है. इसके अलावा, यदि निवेशकों की ओर से अधिक मांग आती है तो 2 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी “ग्रीन शू” विकल्प के जरिए बेची जा सकेगी. इस तरह कुल मिलाकर लगभग 17.41 करोड़ शेयरों की बिक्री संभव है.
OFS की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से होगी. गैर-खुदरा (नॉन-रिटेल) निवेशक बुधवार को बोली लगा सकेंगे, जबकि खुदरा निवेशकों के लिए गुरुवार को बोली का अवसर रहेगा. निवेश और लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) ने स्पष्ट किया है कि यह कदम सरकार की व्यापक विनिवेश नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक संपत्तियों का मुद्रीकरण करना और सूचीबद्ध कंपनियों में आम निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना है.
यदि 5 प्रतिशत हिस्सेदारी पूरी तरह फ्लोर प्राइस पर बिकती है तो सरकार को लगभग 4,422 करोड़ रुपये जुटने की संभावना है. यह फ्लोर प्राइस BHEL के हालिया बाजार भाव से करीब 8 प्रतिशत कम है, जिससे निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश की गई है.
भारी उद्योग मंत्रालय के तहत आने वाली महारत्न कंपनी BHEL देश की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में से एक है. हाल के महीनों में कंपनी के शेयरों में अच्छी दिलचस्पी देखी गई है और सकारात्मक परिचालन विकास के चलते इसका शेयर मूल्य OFS फ्लोर प्राइस से ऊपर कारोबार करता रहा है.
चालू वित्त वर्ष में सरकार द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों में हिस्सेदारी बिक्री की यह कड़ी का हिस्सा है. सरकार का लक्ष्य संसाधन जुटाना, राजकोषीय लक्ष्यों को समर्थन देना और इक्विटी बाजार में व्यापक निवेशक भागीदारी को बढ़ावा देना है. बाजार विशेषज्ञ इस सप्ताह OFS को मिलने वाली सदस्यता पर नजर रखेंगे, क्योंकि इसकी सफलता काफी हद तक खुदरा और संस्थागत निवेशकों की भागीदारी पर निर्भर करेगी.
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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