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Google भारत में बनाने जा रहा है ये मोबाइल फोन, जानिए कब मिलने लगेगा फोन

एक ओर जहां एप्‍पल का भारत में निर्माण शुरू हो चुका है वहीं दूसरी ओर गूगल भी अब अपने नए फोन का निर्माण भारत में करने जा रहा है. ये मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिए बेहद सकारात्‍मक है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

देश के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के लिए बड़ी सकारात्मक खबर निकलकर सामने आई है। जानी मानी टेक कंपनी गूगल अब भारत में अपने पिक्सल 8 फोन का निर्माण करने जा रही है। गुरुवार को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव की मोजूदगी में गूगल ने कहा कि ये फोन बाजार में ग्राहकों के लिए अगले साल से मोजूद होगा. पिक्सल गूगल का एक हाई क्वालिटी मोबाइल फोन है, और अब भारत से इसका नया वर्जन आने जा रहा है.

किसके साथ साझेदारी करेगा गूगल? 
गूगल अपने इस फोन के लिए किन घरेलू और विदेशी पार्टनरों के साथ काम करेगा ये बताने से कंपनी ने माना कर दिया है. लेकिन इस क्षेत्र के जानकारों का कहना है की गूगल भारत में लावा इंटरनेशनल और dixon टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियों के साथ बातचीत कर चुका है. लेकिन आज कंपनी की ओर से इस बारे में कुछ नहीं बताया गया. गूगल भारत में पिक्‍सल का 9 वां वर्जन लॉन्‍च करने जा रहा है. गूगल की ओर से ये घोषणा गुरुवार को हुई. इस कार्यक्रम में केन्‍द्रीय इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्‍णव भी मौजूद रहे. 

क्‍या बोले गूगल के वाइस प्रेसीडेंट? 
पिक्‍सल 9 के लॉन्‍च के मौके पर गूगल के वाइस प्रेसीडेंट रिक ओस्‍टरलोह ने कहा कि भारत में पहला पिक्‍सल फोन 2024 में मौजूद होगा. इस फोन के निर्माण के लिए गूगल भारत में हार्डवेयर के निर्माण के लिए घरेलू और इंटरनेशनल भागीदारों के साथ बात कर रहा है.Google Pixel 8 कंपनी का एक नया हार्डवेयर है. इस फोन को हाल ही में दुनिया में और भारत में लॉन्‍च किया गया है. गूगल पिक्‍सल 8 की कीमत 75999 रुपये और प्रो की कीमत 106999 रुपये है. ये फोन 12 अक्‍टूबर से बाजार में उपलब्‍ध हो गया है. 

भारत के बाजार में बड़ी है संभावना 
पिछले कुछ समय में भारत में स्‍थानीय निर्माण को लेकर एक सकारात्‍मक वातावरण बनता दिख रहा है. अभी जहां आने वाले दिनों में गूगल पिक्‍सल का निर्माण करने जा रहा है वहीं इससे पहले एप्‍पल भी अपने फोन के निर्माण को भारत में शुरू कर चुका है.  केन्‍द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्‍णव ने कहा कि भारत में अगर मोबाइल निर्माण की स्थिति पर नजर डालें तो ये 9 साल पहले तक काफी कम था. लेकिन आज भारत में इसकी मैन्‍युफैक्‍चरिंग का बाजार 44 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. 
 


 


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