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सोने की कीमतें ‘निर्धारित सीमा’ से बाहर नहीं, सरकार रखे हुए है कड़ी नजर: निर्मला सीतारमण
त्योहारों और घरेलू मांग के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, लेकिन सरकार ने संकेत दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो उचित कदम उठाए जाएंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बावजूद स्थिति चिंताजनक स्तर पर नहीं पहुंची है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार सोने के दामों पर लगातार नजर रखे हुए है, लेकिन कीमतें अभी “कुछ तय सीमाओं” से आगे नहीं बढ़ी हैं. रिजर्व बैंक के केंद्रीय निदेशक मंडल की बजट के बाद पारंपरिक बैठक के उपरांत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने यह बयान दिया.
त्योहारों में बढ़ती है सोने की मांग
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में सोना पारंपरिक रूप से एक पसंदीदा निवेश माध्यम रहा है, चाहे वह आभूषण के रूप में हो या एसेट क्लास के तौर पर. घरेलू खपत के चलते त्योहारों के दौरान इसकी मांग में मौसमी उछाल देखा जाता है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अक्षय तृतीया जैसे अवसरों पर सोने की खरीदारी बढ़ जाती है, जिससे कीमतों में अस्थायी तेजी आ सकती है. हालांकि, उन्होंने दोहराया कि स्थिति अभी अलार्मिंग नहीं है और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी हालात पर नजर बनाए हुए है.
सोने के आयात पर क्या कहा?
वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की कीमती धातुओं की जरूरतें मुख्य रूप से आयात पर निर्भर हैं. देश में सोने का घरेलू उत्पादन बहुत सीमित है और मांग को पूरा करने के लिए लगभग पूरा सोना विदेशों से मंगाना पड़ता है. उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन वे अभी मांग के अनुरूप पर्याप्त नहीं हैं. वहीं आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि हाल के समय में सोने की कीमतों में वृद्धि के बावजूद आयात के ऑर्डर वैल्यू में उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं हुई है.
अमेरिकी टैरिफ पर भी नजर
निर्मला सीतारमण ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए संभावित टैरिफ को लेकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय स्थिति की समीक्षा कर रहा है. हालांकि उन्होंने कहा कि इस विषय पर अभी टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी.
एक्सचेंजों ने हटाया अतिरिक्त मार्जिन
इससे पहले, बुलियन बाजार में उतार-चढ़ाव कम होने के बाद Multi Commodity Exchange of India (MCX) और National Stock Exchange of India (NSE) ने सोना और चांदी वायदा अनुबंधों पर लगाया गया अतिरिक्त मार्जिन वापस लेने की घोषणा की.
MCX ने बताया कि सोने के वायदा अनुबंधों पर 3% और चांदी के वायदा पर 7% अतिरिक्त मार्जिन, जो एहतियाती जोखिम प्रबंधन उपाय के तौर पर लगाया गया था, 19 फरवरी से हटा दिया गया है. इससे बाजार सहभागियों के लिए ट्रेडिंग लागत में राहत मिलने की उम्मीद है.
वित्त मंत्री ने साफ किया कि सरकार और RBI दोनों सोने की कीमतों पर करीबी नजर रखे हुए हैं. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और बाजार में घबराहट की जरूरत नहीं है. त्योहारों और घरेलू मांग के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, लेकिन सरकार ने संकेत दिया है कि यदि जरूरत पड़ी तो उचित कदम उठाए जाएंगे.
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