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RBI के फैसले से चमके गोल्ड लोन कंपनियों के शेयर, जानें क्या है नई पॉलिसी में खास?
RBI के इस फैसले ने गोल्ड लोन NBFCs को नए सिरे से प्रतिस्पर्धा और विस्तार का अवसर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गोल्ड लोन पर अपने अंतिम दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं, जिसके बाद सोमवार को गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. अब बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को गोल्ड लोन के लिए लगभग समान नियमों के तहत काम करने की छूट मिलेगी. इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और लोन वितरण आसान होगा. आइए जानते हैं ये नियम क्या है और इसका शेयर पर क्या असर पड़ा है?
क्या हैं नए नियम?
RBI ने 2.5 लाख रुपये तक के गोल्ड लोन के लिए लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात को 75% से बढ़ाकर 85% कर दिया है. साथ ही, ऐसे छोटे लोन पर अब अनिवार्य क्रेडिट मूल्यांकन (credit appraisal) की भी आवश्यकता नहीं होगी. इसका सीधा लाभ उन ग्राहकों को मिलेगा जो कम राशि के लिए गोल्ड गिरवी रखकर लोन लेना चाहते हैं. इसके अतिरिक्त, लोन के उद्देश्य (loan purpose) को लेकर भी अब ज्यादा सख्ती नहीं बरती जाएगी, खासकर अगर लोन Priority Sector Lending (PSL) के अंतर्गत आता है. इन उपायों का उद्देश्य लोन प्रोसेस को तेज बनाना और दस्तावेजी प्रक्रिया को कम करना है. ये नए नियम अप्रैल 2026 से लागू होंगे.
शेयरों में आई तेजी
RBI के इस फैसले का सीधा असर शेयर बाजार में देखने को मिला. सोमवार को Muthoot Finance के शेयर 3.24% चढ़कर 2,525.50 रुपये पर पहुंच गए. Manappuram Finance के शेयर 3.20% बढ़कर 255.48 रुपये पर कारोबार करते दिखे. वहीं, IIFL Finance के शेयरों में 6.61% की उछाल दर्ज हुई और वे 480.85 रुपये पर पहुंच गए.
गवर्नर ने पहले ही दिए थे संकेत
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा था कि गोल्ड लोन पर अंतिम दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतिम गाइडलाइंस में कुछ नया नहीं है, बल्कि पहले से जारी ड्राफ्ट नियमों का ही समावेश किया गया है. नई गाइडलाइंस में गोल्ड की वैल्यूएशन, नवीनीकरण, ऑडिट और नीलामी प्रक्रिया के नियमों को भी स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. इससे NBFCs, बैंक और स्मॉल फाइनेंस बैंक अब एक समान मैदान पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे.
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