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करवाचौथ से पहले सोना पहली बार ₹1.25 लाख के पार, चांदी ₹1.55 लाख पर पहुंची
करवाचौथ और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहारों के ठीक पहले सोने-चांदी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी ने आम ग्राहकों और निवेशकों दोनों को प्रभावित किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago
10 अक्टूबर को करवाचौथ जैसे बड़े त्योहार से पहले ही सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. महज कुछ दिनों में इनकी कीमतों ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. 8 अक्टूबर को 24 कैरेट सोना 1,832 रुपये की बड़ी छलांग लगाकर ₹1,25,452 प्रति 10 ग्राम (GST समेत) पर पहुंच गया, वहीं चांदी भी ₹1,345 महंगी होकर ₹1,55,306 प्रति किलो (GST समेत) पर ट्रेड कर रही है. त्योहारों की मांग, वैश्विक अस्थिरता और निवेश रुझान ने इस तेजी को और हवा दी है.
6 कारोबारी दिनों में सोना 6450 रुपये महंगा
अक्टूबर के पहले छह कारोबारी दिनों में ही सोना ₹6,450 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹8,349 प्रति किलो महंगी हो चुकी है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार मंगलवार को 24 कैरेट सोना बिना जीएसटी ₹1,19,967 पर बंद हुआ था, जबकि आज यह ₹1,21,799 पर खुला. चांदी का रेट भी ₹1,49,438 से बढ़कर ₹1,50,783 प्रति किलो पर पहुंच गया.
कैरेट के हिसाब से आज के भाव
- 23 कैरेट गोल्ड: ₹1,21,311 प्रति 10 ग्राम (जीएसटी समेत ₹1,24,950).
- 22 कैरेट गोल्ड: ₹1,11,568 प्रति 10 ग्राम (जीएसटी समेत ₹1,14,915).
- 18 कैरेट गोल्ड: ₹91,349 प्रति 10 ग्राम (जीएसटी समेत ₹94,089).
- 14 कैरेट गोल्ड: ₹71,252 प्रति 10 ग्राम (जीएसटी समेत ₹73,389).
इस साल अब तक सोना 46,000 रुपये और चांदी 64,000 रुपये महंगी
2025 की शुरुआत से अब तक सोना करीब ₹46,059 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹64,766 प्रति किलो महंगी हो चुकी है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि करवाचौथ और दिवाली जैसे त्योहारों के सीजन में कीमतों में और उछाल देखने को मिल सकता है.
सोने-चांदी की तेजी के 5 बड़े कारण
1. सुरक्षित निवेश: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के बीच निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा.
2. मुद्रास्फीति से बचाव: उभरते बाजारों में महंगाई के खिलाफ सोने को सुरक्षित निवेश माना जा रहा है.
3. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी: डॉलर पर निर्भरता घटाने के लिए केंद्रीय बैंकों ने सोना खरीदा.
4. फेड की नीतियां: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती ने कीमती धातुओं को बढ़ावा दिया.
5. औद्योगिक मांग: सौर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चांदी की मांग में तेज़ इजाफा हुआ.
बता दें, सोने-चांदी के ये भाव इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए हैं. स्थानीय बाजारों में कीमतों में ₹1000 से ₹2000 तक का अंतर हो सकता है.
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