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एआई बूम और व्यापार संरचना में बदलाव से वैश्विक व्यापार मजबूत : रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 के पहले 11 महीनों में चीन का वस्तु व्यापार अधिशेष 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा, हालांकि अमेरिका को निर्यात में तेज गिरावट आई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
वैश्विक व्यापार टैरिफ और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद उम्मीद से अधिक मजबूत बना हुआ है. सिटीग्रुप की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित निवेश और आपूर्ति श्रृंखलाओं का क्षेत्रीयकरण (रीजनलाइजेशन) वैश्विक व्यापार को नई दिशा दे रहा है और विकास को सहारा दे रहा है.
लगातार चार वर्षों से चुनौतियों को झटक रहा है वैश्विक व्यापार
Citigroup की 2026 सप्लाई चेन फाइनेंसिंग रिपोर्ट, जिसे Citi Institute ने Citi Services के सहयोग से तैयार किया है, में कहा गया है कि 2025 में नीतिगत अनिश्चितताओं और बढ़े हुए टैरिफ के बावजूद वैश्विक व्यापार ने “मौजूदा चुनौतियों को झटक दिया” है.
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में आयातित वस्तुओं पर प्रभावी टैरिफ बोझ राष्ट्रपति Donald Trump के शपथ ग्रहण से पहले 2.4 प्रतिशत था, जो बढ़कर लगभग 16.8 प्रतिशत हो गया है. हालांकि टैरिफ का प्रबंधन संसाधन-गहन रहा, लेकिन इसका व्यापक कारोबारी असर सीमित रहा है. कुछ निवेश योजनाएं टलीं जरूर, लेकिन उन्हें पूरी तरह रद्द नहीं किया गया.
रिपोर्ट में कहा गया, “वैश्विक व्यापार पीछे नहीं हट रहा है बल्कि वह विकसित हो रहा है.” कंपनियों के लिए क्षेत्रीयकरण और विविधीकरण अब तात्कालिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीति बन चुके हैं.
एआई निवेश से बढ़ेगा सीमा-पार पूंजी प्रवाह
रिपोर्ट का प्रमुख फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ा पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) है. Citi Research का अनुमान है कि 2030 तक एआई की मांग से जुड़ा वैश्विक कैपेक्स 7.75 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है.
डेटा सेंटर, ऊर्जा अवसंरचना और उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) पर बढ़ता खर्च वस्तुओं और कंपोनेंट्स के सीमा-पार प्रवाह को बढ़ावा दे रहा है. हालांकि दीर्घकालिक कमाई (मॉनिटाइजेशन) को लेकर कुछ सवाल अभी भी बने हुए हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक अनुमानित 6.7 ट्रिलियन डॉलर के डेटा सेंटर कैपेक्स में से लगभग 400 अरब डॉलर बिजली अवसंरचना पर खर्च हो सकते हैं, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रिड अपग्रेड की मांग बढ़ेगी.
निजी निवेश के आंकड़े भी इसी बदलाव की ओर इशारा करते हैं. 2020 से अक्टूबर 2025 के बीच जेनरेटिव एआई ने 176.59 अरब डॉलर का निजी पूंजी निवेश आकर्षित किया, जो क्वांटम कंप्यूटिंग, फ्यूजन एनर्जी और विकेंद्रीकृत वित्त जैसे अन्य क्षेत्रों से कहीं अधिक है.
सर्वे में शामिल 36 प्रतिशत ट्रेजरी अधिकारियों ने बताया कि वे अपने वित्तीय कार्यों में एआई का उपयोग कर रहे हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में तेज वृद्धि दर्शाता है.
सिटी के अनुसार, एआई ट्रेड फाइनेंस को भी बदल रहा है जैसे स्मार्ट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग, जोखिम का पूर्वानुमान लगाने वाले टूल्स और लघु एवं मध्यम उद्यमों (SMEs) के लिए स्वचालित अंडरराइटिंग.
उभर रहा है बहुध्रुवीय व्यापार नेटवर्क
रिपोर्ट 2019 से 2024 के बीच वैश्विक वस्तु प्रवाह में संरचनात्मक बदलाव को भी रेखांकित करती है.
उत्तर और पूर्वी एशिया से निर्यात वृद्धि अब उभरते बाजारों की ओर शिफ्ट हो रही है. इस अवधि में लैटिन अमेरिका को शिपमेंट 59 प्रतिशत, मध्य पूर्व और अफ्रीका को 52 प्रतिशत तथा दक्षिण एशिया और आसियान (ASEAN) को 44 प्रतिशत बढ़े.
वहीं, अमेरिका का दक्षिण एशिया और आसियान से आयात 50 प्रतिशत और लैटिन अमेरिका से 43 प्रतिशत बढ़ा, जो उत्तर और पूर्वी एशिया से 32 प्रतिशत वृद्धि से अधिक है. यह दर्शाता है कि अमेरिकी कंपनियां अपने सोर्सिंग नेटवर्क में विविधता ला रही हैं.
रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 के पहले 11 महीनों में चीन का वस्तु व्यापार अधिशेष 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा, हालांकि अमेरिका को निर्यात में तेज गिरावट आई. इसके विपरीत, दक्षिण-पूर्व एशिया को निर्यात लगभग दोगुनी गति से बढ़ा, जिससे संकेत मिलता है कि आपूर्ति श्रृंखलाएं मध्यवर्ती देशों के माध्यम से पुनर्निर्देशित हो रही हैं.
2025 में उच्च अमेरिकी टैरिफ लागू होने से पहले कंटेनर वॉल्यूम में 28 प्रतिशत की तेजी देखी गई, लेकिन बाद में छूट और वार्ताओं के चलते यह स्तर सामान्य हुआ.
रिपोर्ट में कहा गया, “अब व्यवधान वैश्विक व्यापार की त्रुटि नहीं, बल्कि उसकी विशेषता बन गया है.” विविधीकरण और अतिरिक्त क्षमता अब लागत नहीं, बल्कि रणनीतिक संपत्ति मानी जा रही है.
एफडीआई में उतार-चढ़ाव, लेकिन रणनीति बरकरार
2025 की पहली छमाही में वैश्विक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में 2024 की औसत तुलना में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. विकसित अर्थव्यवस्थाओं में यह गिरावट 7 प्रतिशत और यूरोप में 25 प्रतिशत रही.
हालांकि सिटी ने इसे दीर्घकालिक रणनीति में बदलाव नहीं, बल्कि कुछ निवेश योजनाओं के टलने के रूप में देखा है. 2025 की पहली छमाही में घोषित चार सबसे बड़े ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट्स में से तीन अमेरिका में थे, जिनमें से कई सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर से जुड़े थे.
सिटी के नेटवर्क के माध्यम से प्रोसेस किए गए कुल भुगतान प्रवाह में 2025 में साल-दर-साल 17 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि हेल्थकेयर क्षेत्र में 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई. बैंक के अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक व्यापार गतिविधियां अभी भी मजबूत हैं.
न तो अति-आशावादी, न ही भयभीत तस्वीर
सिटी का निष्कर्ष है कि मौजूदा परिदृश्य “न तो आत्मसंतुष्ट है और न ही डर फैलाने वाला.” भू-राजनीतिक तनाव और नीतिगत अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, लेकिन नवाचार, निवेश और परिचालन लचीलापन एक अधिक खंडित और बहुध्रुवीय विश्व में वैश्विक व्यापार को मजबूती दे रहे हैं.
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