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शॉपिंग के मूड में नजर आ रहे Adani, इस कंपनी के लिए फिर लगाई बड़ी बोली
गौतम अडानी ने हिंडनबर्ग के प्रभाव से बाहर निकलते ही विस्तार की योजना पर फोकस शुरू कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
गौतम अडानी (Gautam Adani) इन दिनों शॉपिंग के मूड में नजर आ रहे हैं. हाल ही में उन्होंने सांघी इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Sanghi Industries Ltd) का अधिग्रहण पूरा किया था और अब पावर सेक्टर की एक कंपनी अपना बनाने में जुटे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रुप की कंपनी अडानी पावर ने अब लैंको अमरकंटक पावर (Lanco Amarkantak Power) के कर्जदाताओं को 4100 करोड़ रुपए का रिवाइज्ड ऑफर दिया है. कर्ज में डूबी ये कंपनी इस समय इनसॉल्वेंसी की प्रक्रिया से गुजर रही है.
मिल चुका का ये ऑफर भी
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि छह हफ्ते के भीतर अडानी पावर (Adani Power) का यह दूसरा रिवाइज्ड ऑफर है. जिससे पता चलता है कि गौतम अडानी इस कंपनी को कितनी शिद्दत से अपना बनाना चाहते हैं. अडानी पावर ने इससे पहले लैंको अमरकंटक पावर के लिए 3650 करोड़ रुपए की पेशकश की थी. यहां ये भी जानना जरूरी है कि कुछ महीने पहले कंपनी के अधिकांश कर्जदाताओं ने पावर फाइनेंस कारपोरेशन (PFC) की अगुवाई वाले कंसोर्टियम की पेशकश पर सहमति जताई थी. हालांकि, 3020 करोड़ रुपए की इस समाधान योजना को अब तक स्वीकार नहीं किया गया है. यानी कि अडानी पावर के लिए अभी भी मौका है.
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लैंकों पर कितना है कर्जा?
लैंको ने वित्तीय संस्थानों और बैंकों के 17 सदस्यीय समूह से 14600 करोड़ का लोन लिया है. 2012 से ही लैंको की आर्थिक स्थिति खराब चल रही है. उसका आंध्रप्रदेश स्थित अनपरा पावर प्लांट पहले ही अडानी ग्रुप ने खरीद लिया है. जब कंपनी लोन चुकाने में नाकाम रही, तब नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू की. इस लैंको को खरीदने की दौड़ में कई कंपनियां शामिल हुईं, मगर बाद में यह लिस्ट थोड़ी छोटी हो गई. अब मुख्य लड़ाई PFC कंसोर्टियम और अडानी समूह में है. PFC और REC दोनों ही कंसोर्टियम का हिस्सा हैं. लैंको अमरकंटक के कर्ज में इनकी संयुक्त हिस्सेदारी 41 प्रतिशत है.
क्या करती है कंपनी?
लैंको अमरकंटक पावर छत्तीसगढ़ के कोरबा-चांपा राज्य राजमार्ग पर कोयला आधारित थर्मल पावर प्रोजेक्ट चलाती है. कुछ वक्त पहले तक मौजूद जानकारी के मुताबिक, पहले चरण में 300-300 मेगावाट की दो यूनिट से बिजली पैदा की जा रही है. इनसे हरियाणा, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को बिजली की आपूर्ति होती है. जबकि दूसरे चरण के तहत दो यूनिट और बनाई जा रही हैं, इनमें प्रत्येक की क्षमता 660 मेगावाट है. इसके अलावा, तीसरे चरण में भी 660 मेगावाट की दो यूनिट तैयार होनी हैं.
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