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क्या अब इंडिगो की सवारी नहीं करना चाहते गंगवाल? बेच रहे हैं इतने % हिस्सेदारी

इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत साल अगस्त 2006 में हुई थी. राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर एयरलााइन की स्थापना की थी. हालांकि, बाद में दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गए.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

एविएशन इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी इंडिगो (IndiGo) में कुछ भी ठीक नहीं चल रहा है. हाल ही में कर्मचारियों के प्रबंधन से मनमुटाव की खबरें सामने आई थीं और अब कंपनी के फाउंडर राकेश गंगवाल ने अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है. गंगवाल और उनका परिवार एयरलाइन में अपनी 2.8 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रहा है. इस खबर के साथ ही इंडिगो के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है.

पहले जताई थी इच्छा
राकेश गंगवाल के इस फैसले से यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या वो वास्तव में कंपनी से बाहर निकलना चाहते हैं? को-फाउंडर राहुल भाटिया से विवाद के चलते उन्होंने यह इच्छा दर्शाई थी. इस साल की शुरुआत में इंडिगो की मालिकाना हक वाली कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के डॉयरेक्टर पद से इस्तीफा देते हुए उन्होंने कहा था कि वह अगले पांच सालों में धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कम कर लेंगे. गंगवाल परिवार अपनी हिस्सेदारी ब्लॉक डील (Block Deal) के जरिए बेचेगा. इस डील के लिए मॉर्गन स्टैनली, गोल्डमैन सैक्स और जेपी मॉर्गन को ब्रोकर नियुक्त किया गया है.

किसके पास कितनी हिस्सेदारी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्लॉक डील के लिए शेयरों का बेस प्राइस 1,850 रुपए रखा गया है, जो इंडिगों के मौजूदा बाजार भाव से कम है. बेस प्राइस के हिसाब से डील का साइज करीब 1996 करोड़ रुपए हो सकता है. राकेश गंगवाल और उनके परिवार के पास इंटरग्लोब एविएशन में 36.61% और भाटिया परिवार के पास 37.8% हिस्सेदारी है. अपनी 2.8 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के बाद कंपनी में गंगवाल परिवार का स्टेक कम हो जाएगा.

संस्थापकों में चल रहा विवाद
लगभग 76.40 हजार करोड़ रुपए के मार्केट कैप वाली इंडिगो एयरलाइन की शुरुआत साल अगस्त 2006 में हुई थी. राहुल भाटिया और राकेश गंगवाल ने मिलकर एयरलााइन की स्थापना की थी. हालांकि, बाद में दोनों के बीच मनमुटाव शुरू हो गए. दोनों में इस बात को लेकर झगड़ा है कि एयरलाइन को कौन और कैसे चलाएगा. इस साल की शुरुआत में जब इंडिगो ने राहुल भाटिया को प्रबंध निदेशक के रूप में नामित किया, तब गंगवाल ने डॉयरेक्टर के पद इस्तीफे सेदे दिया था. 

क्या करें निवेशक?
इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में इस समय नरमी का रुख है. खबर लिखे जाने तक शेयर 2.22% की गिरावट के साथ 1,933.75 रुपए पर ट्रेड कर रहा था. पिछले पांच दिनों में कंपनी के शेयरों में 5.27% की गिरावट दर्ज की गई है और एक महीने में यह आंकड़ा 6.46% पहुंच गया है. हालांकि, पिछले छह महीने में इंडिगो ने 20.95% रिटर्न दिया है. अभी ये शेयर अपने 52-वीक के हाई लेवल 2,380 रुपए से नीचे चल रहा है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इंडिगो में हेल्दी कैश पोजीशन, मार्केट लीडरशिप पोजीशन, कॉस्ट-एफिशियंट फ्लीट के चलते इंडिगो को लेकर सकारात्मक नजरिया बनाए रखा जाना चाहिए.


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