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Inox India का मुनाफा Q4 में 55% बढ़ा, एक्सपोर्ट और ऑर्डर बुक में भी जबरदस्त बढ़ोतरी
इंडस्ट्रियल गैस, एलएनजी और साइंटिफिक उपकरण वाले विभागों से ज़बरदस्त बढ़त मिली; निर्यात से आधे से ज्यादा कमाई हुई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
क्रायोजेनिक इंजीनियरिंग कंपनी Inox India Ltd ने मार्च 2025 में खत्म हुए चौथे तिमाही और पूरे साल के लिए अपनी अब तक की सबसे अच्छी आर्थिक उपलब्धि दर्ज की है. यह सफलता एक्सपोर्ट, ऑर्डर और कई उद्योगों जैसे इंडस्ट्रियल गैस, LNG, और साइंटिफिक उपकरणों के विस्तार की वजह से मिली है.
चौथी तिमाही (जनवरी–मार्च 2025) का प्रदर्शन
कंपनी ने जनवरी से मार्च की तिमाही में अपने मुनाफे (PAT) में 55.5% की बढ़ोतरी की, जो अब 66 करोड़ रुपये हो गया है. इस दौरान कंपनी की आय 33% बढ़कर 383 करोड़ रुपये हो गई, और EBITDA 51.9% बढ़कर 95 करोड़ रुपये पहुंच गया. एक्सपोर्ट सेल्स का हिस्सा कुल आय का 53% था, जो कंपनी की अंतरराष्ट्रीय बढ़त को दर्शाता है. चौथे तिमाही में कंपनी को 364 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले, जिससे कुल ऑर्डर बैकलॉग 1,356 करोड़ रुपये हो गया. यह बाजार में कंपनी की मजबूत मांग और भरोसे को दिखाता है. पूरे वित्तीय वर्ष में, Inox India का मुनाफा 15.4% बढ़कर 224 करोड़ रुपये और आय 16.2% बढ़कर 1,354 करोड़ रुपये हो गई. EBITDA भी 18.3% बढ़कर 330 करोड़ रुपये पहुंच गया. एक्सपोर्ट का हिस्सा साल भर कुल बिक्री का 53% ही रहा.
प्रमुख बिज़नेस डिवीज़न का प्रदर्शन
इंडस्ट्रियल गैस डिविजन कंपनी की सबसे बड़ी आय वाली शाखा है, जो 61% योगदान देती है. कंपनी को ऑस्ट्रेलिया से ऑक्सीजन, नाइट्रोजन और CO₂ के IMO कंटेनरों का एक बड़ा ऑर्डर मिला है, जो चीनी सप्लायर्स से मुकाबला कर रहा है. कंपनी ने खास हीलियम डिवाइस बनाने में भी प्रगति की है, जिसे अगले साल ज़्यादा मांग मिलेगी. साथ ही, कंपनी ने इथिलीन ऑक्साइड ट्रक में बदलाव पूरे किए और 25 और ट्रकों के लिए ऑर्डर हासिल किए. अमेरिका के बोइज़ में एक सेमीकंडक्टर कंपनी को 9 क्रायोजेनिक टैंक्स दिए, जिससे टेक्नोलॉजी में उनकी पकड़ मजबूत हुई. एक खास पल था जब कंपनी ने दुनिया के पहले कमर्शियल लिक्विड एयर एनर्जी स्टोरेज (LAES) प्रोजेक्ट के लिए UK के मैनचेस्टर में 5 बड़े क्रायोजेनिक टैंक सप्लाई किए.
एलएनजी (LNG) डिवीज़न की कमाई
LNG सेक्शन ने चौथे तिमाही की आय में 19% योगदान दिया. कंपनी ने अमेरिका में पहला ऑर्डर हासिल किया है जिसमें 36 IMO कंटेनर शामिल हैं. भारत में इंडियन रेलवे के साथ साझेदारी बढ़ रही है, जहां दो LNG फ्यूल सिस्टम काम कर रहे हैं और चार और बन रहे हैं. महाराष्ट्र राज्य रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के साथ भी LNG वाहन योजना पर बातचीत हो रही है. इस साल कंपनी ने सबसे बड़ा LNG कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया — बहामास के एक द्वीप पर मिनी LNG टर्मिनल बनाने का, जिसकी क्षमता 15,000 क्यूबिक मीटर है. कंपनी को LNG फ्यूल टैंक बनाने की फैक्ट्री के लिए IATF सर्टिफिकेशन भी मिला है.
क्रायो साइंटिफिक डिवीज़न की कमाई
क्रायो साइंटिफिक डिविजन, जो कुल आय का 16% देता है, ने भारत का पहला घरेलू MRI मशीन AIIMS दिल्ली में लगाया. कंपनी को यूरोप के कुछ विश्वविद्यालयों से भी ऑर्डर मिले हैं और भारतीय स्पेस स्टार्टअप्स के साथ काम बढ़ा रही है. Inox India के स्टेनलेस स्टील केग्स बिजनेस को भी दुनिया में पहचान मिली है. AB InBev से 98% सर्टिफिकेशन स्कोर मिला और जर्मनी की Paulaner कंपनी से मंजूरी मिली. अगले साल Heineken की भी जांच हो सकती है. अमेरिका, यूरोप और भारत में इन केग्स की मांग अच्छी चल रही है, और 50,000 से ज्यादा केग्स बेचे गए हैं.
CEO दीपक आचार्य का बयान
CEO दीपक आचार्य ने कहा कि कंपनी ने अपने सभी सेक्टर्स में अपने लक्ष्य पार कर लिए हैं और FY25 एक बहुत ही महत्वपूर्ण साल रहा. उन्होंने बताया कि Savli प्लांट का भी बहुत अच्छा योगदान रहा, जहां से 200 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिक्री हुई. आगे बढ़ते हुए, कंपनी हाइड्रोजन, हीलियम, अमोनिया और सेमीकंडक्टर जैसे नए और तेजी से बढ़ रहे क्षेत्रों में काम करने की योजना बना रही है, साथ ही LNG और क्रायोजेनिक उपकरणों के कारोबार को भी आगे बढ़ाएगी. उन्होंने कहा, “हमारी विशेषज्ञता, टिकाऊपन और नवाचार की मजबूत नींव के साथ हम इन मार्केट्स में नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.”
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