होम / बिजनेस / कोडिंग से कॉर्पोरेट तक: नितीश मित्तर्सैन ने कैसे खड़ा किया भारत का गेमिंग साम्राज्य

कोडिंग से कॉर्पोरेट तक: नितीश मित्तर्सैन ने कैसे खड़ा किया भारत का गेमिंग साम्राज्य

आज यानी 3 मार्च को Nazara Technologies के संस्थापक नितीश मित्तर्सैन अपना जन्मदिन मना रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago

जब भी भारत के गेमिंग उद्योग की कहानी लिखी जाएगी, तो उसमें नितीश मित्तर्सैन का नाम प्रमुखता से दर्ज होगा. एक ऐसे दौर में जब देश में गेमिंग इंडस्ट्री आकार ले ही रही थी, उन्होंने न सिर्फ इसका भविष्य पहचाना, बल्कि उसे आकार भी दिया. किशोर उम्र में कोडिंग से शुरुआत करने वाले मित्तर्सैन ने संघर्ष, अनुशासन और मुनाफा-केंद्रित रणनीति के दम पर Nazara Technologies को भारत की एकमात्र सूचीबद्ध गेमिंग कंपनी बनाया. उनका सफर भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में धैर्य और दीर्घकालिक सोच की मिसाल है. आज यानी 3 मार्च को वह अपना जन्मदिन मना रहे हैं, तो आइए इस खास मौके पर उनकी सफलता की कहानी के बारे में विस्तार से जानते हैं. 

बचपन की जिज्ञासा से उद्यमिता तक

नितीश को बचपन में उनके पिता ने एक पर्सनल कंप्यूटर उपहार में दिया. जहां दूसरे बच्चे गेम खेलते थे, वहीं नितीश गेम कोड करने में जुटे रहते थे. टेक्सटाइल कारोबार से जुड़े परिवार में पले-बढ़े नितीश ने अपने दादा से मेहनत और अनुशासन का महत्व सीखा.

महज 15 साल की उम्र में उन्होंने अपनी वेबसाइट बनानी शुरू कर दी थी. 19 साल की उम्र में, 1998 में, उन्होंने Nazara Technologies की स्थापना की, ठीक उस समय जब डॉट-कॉम बूम अपने चरम पर था.

डॉट-कॉम क्रैश और कठिन दौर

2000 में डॉट-कॉम क्रैश ने कई स्टार्टअप्स को खत्म कर दिया. नजारा भी कर्ज के बोझ तले दब गया. आज के हिसाब से यह रकम 20 से 30 करोड़ रुपये के बराबर थी. उस समय नितीश सिर्फ 21 साल के थे.

परिवार ने उन्हें विदेश जाकर MBA करने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने भारत में रहकर संघर्ष करने का फैसला किया. 2000 से 2002 के बीच के कठिन वर्षों ने उन्हें एक सिद्धांत सिखाया: मुनाफा पहले, दिखावटी आंकड़े नहीं, और कैश फ्लो हमेशा प्राथमिकता पर. यही दर्शन आगे चलकर नजारा की पहचान बना.

सचिन तेंदुलकर के साथ बड़ा मोड़

2004 में कंपनी के सफर में बड़ा बदलाव आया, जब नजारा ने क्रिकेट गेम के लिए Sachin Tendulkar को ब्रांड एंबेसडर बनाया. इस साझेदारी ने कंपनी को Airtel जैसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर तक पहुंचने का मौका दिया. इसके बाद Westbridge Capital से 6 करोड़ रुपये का निवेश मिला, जिसने कंपनी को नई उड़ान दी.

वैश्विक विस्तार और मुनाफे की कहानी

2007 से 2014 के बीच नजारा ने टेलीकॉम आधारित गेमिंग सब्सक्रिप्शन मॉडल विकसित किया. यह मॉडल गेमिंग के लिए एक तरह से Netflix जैसा था, जब भारत में Netflix की लोकप्रियता भी नहीं थी.

इस मॉडल को श्रीलंका, अफ्रीका और मध्य पूर्व सहित 50 देशों में लागू किया गया. 2014 तक कंपनी ने शुरुआती 12 करोड़ रुपये के निवेश से बढ़कर 250 करोड़ रुपये का पोस्ट-टैक्स मुनाफा अर्जित कर लिया.

‘हाउस ऑफ ब्रांड्स’ रणनीति

2015 के बाद नितीश ने ‘हाउस ऑफ ब्रांड्स’ रणनीति अपनाई. उन्होंने गेमिंग के विभिन्न क्षेत्रों, जैसे ईस्पोर्ट्स, स्पोर्ट्स कंटेंट और फैंटेसी गेमिंग में काम कर रहे उद्यमियों में निवेश किया. Sportskeeda और WCC फ्रेंचाइजी जैसे अधिग्रहणों ने नजारा के पोर्टफोलियो को मजबूत किया और गेमिंग इकोसिस्टम में उसकी पकड़ को व्यापक बनाया.

ऐतिहासिक IPO और नई ऊंचाइयां

2021 में Nazara Technologies का IPO 170 गुना सब्सक्राइब हुआ. दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने इसमें 200 करोड़ रुपये का निवेश किया था. लिस्टिंग के समय कंपनी का राजस्व 450 करोड़ रुपये था, जो 2024 तक बढ़कर 1,100 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी ने 131 करोड़ रुपये का ऑपरेशनल कैश फ्लो भी दर्ज किया.

एंजेल निवेशक और मेंटर की भूमिका

नजारा के अलावा नितीश ने लगभग 90 स्टार्टअप्स में एंजेल निवेश किया है. उनका मानना है कि आने वाले दशक में भारतीय स्टार्टअप निवेश वैश्विक स्तर पर सबसे अधिक रिटर्न देने वाली संपत्ति श्रेणियों में शामिल होगा. जो युवा कभी अभिनेता शम्मी कपूर के कंप्यूटर रूम में बैठकर सीखता था, वही आज नई पीढ़ी के उद्यमियों का मार्गदर्शक बन चुका है.

शांत, केंद्रित और बिना किसी दिखावे के आगे बढ़ते नितीश मित्तर्सैन ने भारतीय गेमिंग उद्योग को नई दिशा दी है. उनका सफर यह साबित करता है कि लंबी दौड़ का खिलाड़ी वही बनता है, जो धैर्य, अनुशासन और स्पष्ट दृष्टि के साथ आगे बढ़ता है.

उनके जन्मदिन पर, भारत का गेमिंग इकोसिस्टम ही उनके विजन और मेहनत का सबसे बड़ा सम्मान है.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

5 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

5 hours ago

सीएम विजय का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ के निवेश से तमिलनाडु में 93 हजार नौकरियां

विजय सरकार ने वर्ष 2035 तक तमिलनाडु को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है. इसी दिशा में शुरुआती महीनों में कई बड़े निवेश समझौते किए गए हैं.

6 hours ago

देश और अर्थव्यवस्था को लेकर आश्वस्त हैं शहरी भारतीय, इप्सोस रिपोर्ट में सामने आई सकारात्मक तस्वीर

रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लोगों की प्रमुख चिंताओं में बेरोजगारी, वित्तीय और राजनीतिक भ्रष्टाचार, अपराध और हिंसा, शिक्षा, गरीबी तथा सामाजिक असमानता शामिल हैं.

8 hours ago

ऋषिकेश में शुरू होगा पहला कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट

यह ऋषिकेश का पहला समर्पित कॉन्ट्रास्ट थेरेपी सर्किट होगा, जिसमें सॉना, आइस बाथ और गर्म पानी के पूल का अनुभव एक क्रमबद्ध थर्मल यात्रा के रूप में दिया जाएगा.

8 hours ago


बड़ी खबरें

₹860 करोड़ का कोहिनूर सौदा, राज ठाकरे की चुप्पी

एक राजनेता एक रियल एस्टेट सौदे में प्रवेश करता है. एक सरकारी संस्था से जुड़ी वित्तीय कंपनी ₹225 करोड़ का निवेश करती है. फिर वही संस्था ₹135 करोड़ के नुकसान के साथ उस सौदे से बाहर निकलती है.

5 hours ago

मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

4 hours ago

GDP से आगे: क्यों भारत की प्रगति का पैमाना सिर्फ आर्थिक वृद्धि नहीं, बल्कि खुशहाली और जीवन गुणवत्ता भी होना चाहिए

पूर्व उत्तर प्रदेश मुख्य सचिव और लेखक आलोक रंजन का मानना है कि भारत की विकास यात्रा को केवल आर्थिक उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए. उनके अनुसार, खुशहाली, जीवन की गुणवत्ता, शिक्षा, स्वास्थ्य और समावेशी विकास को भी प्रगति का महत्वपूर्ण पैमाना बनाया जाना चाहिए.

10 hours ago

Truhome Finance को 3,000 करोड़ रुपये के आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी

कंपनी के कुल एयूएम में 57.37 प्रतिशत हिस्सा हाउसिंग लोन का है, जबकि 39.22 प्रतिशत हिस्सा लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी का है. अन्य ऋण उत्पादों की हिस्सेदारी 3.41 प्रतिशत है.

5 hours ago

दुनिया ने बनाया युवा संस्कृति का संग्रहालय, भारत को चाहिए ऐसे दर्जनों संग्रहालय

इस संग्रहालय को अलग बनाने वाली बात इसकी वस्तुओं को संग्रहित करने की सोच है. टीम अपने दृष्टिकोण को "बॉटम-अप क्यूरेशन" कहती है, जिसे जानबूझकर हस्तनिर्मित रखा गया है.

5 hours ago