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पूर्व YoloBus CEO संजय जादौन ने शुरू की ‘सिखर फ्लीट’, दिल्ली-NCR में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगा नया भरोसा

सिखर फ्लीट की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब भारत को साफ, भरोसेमंद और टिकाऊ शहरी परिवहन की सख्त जरूरत है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 8 months ago

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को पेशेवर और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से पूर्व YoloBus CEO संजय जादौन ने ‘सिखर फ्लीट’ (Sikhar Fleet )की शुरुआत की है. कंपनी ने 15 जनवरी 2026 से दिल्ली-NCR में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं और जल्द ही अन्य बड़े शहरों में विस्तार की योजना है.

शहरी परिवहन की चुनौतियों का समाधान

आज भारतीय शहर वायु प्रदूषण, खराब राइड क्वालिटी और अविश्वसनीय कैब सेवाओं जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. यात्रियों को अक्सर गंदे वाहन, खराब मेंटेनेंस, ड्राइवरों का गैर-पेशेवर व्यवहार और बार-बार कैंसिलेशन का सामना करना पड़ता है. वहीं ड्राइवरों और प्लेटफॉर्म्स के सामने अनियमित कमाई, कम वाहन उपयोग, कमजोर फ्लीट डिसिप्लिन और घाटे का बिजनेस मॉडल बड़ी चुनौती बना हुआ है. सिखर फ्लीट का लक्ष्य इन सभी खामियों को दूर कर शहरों के लिए स्वच्छ, ड्राइवरों के लिए न्यायसंगत और ग्राहकों के लिए भरोसेमंद इलेक्ट्रिक मोबिलिटी उपलब्ध कराना है.

2025 के अंत में हुई थी कंपनी की स्थापना

सिखर फ्लीट की स्थापना 2025 के अंत में हुई थी. यह कंपनी B2B EV Fleet-as-a-Service मॉडल पर काम करती है और राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म्स, कॉर्पोरेट्स और लॉजिस्टिक्स कंपनियों को पूरी तरह मैनेज की गई इलेक्ट्रिक फ्लीट उपलब्ध कराती है. इसकी सेवाओं में प्रशिक्षित और अनुशासित ड्राइवर, साफ-सुथरे और अच्छी तरह मेंटेन किए गए EV, तेज और पारदर्शी पेमेंट सिस्टम, चार्जिंग और एनर्जी पार्टनरशिप, तथा लगातार फ्लीट परफॉर्मेंस मैनेजमेंट शामिल है.

कंपनी का दावा है कि वह 95 प्रतिशत से ज्यादा वाहन अपटाइम बनाए रखती है, जिससे ड्राइवरों की कमाई स्थिर रहती है. फिलहाल इसके 90 प्रतिशत से अधिक वाहन यूनिट इकनॉमिक्स के लिहाज से मुनाफे में हैं, जिससे इसका बिजनेस मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ माना जा रहा है.

पार्टनर्स को मिलेगी ऑपरेशनल मजबूती

इस इंटीग्रेटेड मॉडल के तहत सिखर फ्लीट के पार्टनर्स केवल डिमांड जनरेशन पर फोकस कर सकते हैं, जबकि सप्लाई क्वालिटी, ऑपरेशनल भरोसेमंदी और कस्टमर एक्सपीरियंस की पूरी जिम्मेदारी सिखर फ्लीट उठाता है.

संजय जादौन का बयान

सिखर फ्लीट के को-फाउंडर संजय जादौन ने कहा, “भारतीय शहरों में प्रदूषण बढ़ रहा है, ड्राइवर अस्थिर कमाई के मॉडल से जूझ रहे हैं और ग्राहक खराब सेवाओं से परेशान हैं. सिखर फ्लीट यह साबित करने के लिए बनाया गया है कि अगर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को अनुशासित ऑपरेशंस और प्रोफेशनल फ्लीट मैनेजमेंट का साथ मिले, तो यह पर्यावरण के लिए साफ, ड्राइवरों के लिए सुरक्षित और ग्राहकों के लिए भरोसेमंद बन सकती है.”

Rapido के साथ पार्टनरशिप

शुरुआती सफलता के तौर पर सिखर फ्लीट, Rapido का आधिकारिक EV फ्लीट पार्टनर बन चुका है. यह साझेदारी फिलहाल दिल्ली-NCR में शुरू हो चुकी है और जल्द ही दूसरे शहरों में भी इसका विस्तार होगा. इसका मकसद प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक विकल्पों से बदलना, फ्लीट क्वालिटी सुधारना और ड्राइवरों की कमाई को ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद बनाना है.

ड्राइवर-फर्स्ट अप्रोच पर जोर

सिखर फ्लीट के को-फाउंडर धरम जादौन ने कहा, “हमारे बिजनेस के केंद्र में हमारे ड्राइवर हैं. जब उन्हें समय पर भुगतान, सम्मान और अच्छे वाहन मिलते हैं, तो वे ग्राहकों को बेहतर और सुरक्षित सेवा दे पाते हैं. पारदर्शी कमाई, अनुशासित ऑपरेशंस और भरोसेमंद वाहन न सिर्फ ड्राइवरों की जिंदगी बेहतर बनाते हैं, बल्कि पूरे सिस्टम की सर्विस क्वालिटी भी ऊपर उठाते हैं.”

50 से ज्यादा EV, 200 से अधिक के लिए MOU

फिलहाल सिखर फ्लीट के पास 50 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन ऑपरेशन में हैं और 200 से अधिक नए वाहनों के लिए एमओयू साइन किए जा चुके हैं. अगले 12 महीनों में कंपनी का लक्ष्य कई शहरों में 1,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों की फ्लीट खड़ी करना है. फोकस उन सेगमेंट्स पर रहेगा जहां EV का सबसे ज्यादा पर्यावरणीय और आर्थिक फायदा मिल सकता है, जैसे राइड-हेलिंग, कॉर्पोरेट मोबिलिटी, अर्बन और लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स, तथा फर्स्ट-माइल और लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट.

तेजी से हो रहा है विस्तार

कंपनी बड़े शहरों में विस्तार के साथ-साथ नए ड्राइवरों को जोड़ रही है, चार्जिंग और एनर्जी पार्टनरशिप मजबूत कर रही है और तेजी से EV की तैनाती कर रही है. सिखर फ्लीट का मानना है कि आने वाले समय में यह भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम में एक मजबूत और भरोसेमंद नाम बनकर उभरेगी.

 


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