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लगातार दूसरे हफ्ते घटा फॉरेक्स रिजर्व, $7 अरब से ज्यादा की गिरावट दर्ज
एफसीए में बड़ी कमी, सोने का भंडार बढ़ने के बावजूद कुल रिजर्व पर दबाव
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट दर्ज की गई है. ताजा आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च 2026 को समाप्त सप्ताह में देश के कुल फॉरेक्स रिजर्व में 7.05 अरब डॉलर की कमी आई है. इससे पहले वाले सप्ताह में भी भारी गिरावट देखी गई थी, जिससे कुल भंडार घटकर 709.759 अरब डॉलर रह गया है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, इससे एक सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा भंडार में 11.683 अरब डॉलर की बड़ी गिरावट आई थी. दो हफ्तों में आई इस तेज गिरावट ने बाजार में चिंता बढ़ा दी है. हालांकि फरवरी के अंत में यह भंडार 728.494 अरब डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया था.
एफसीए में सबसे ज्यादा कमी
विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह फॉरेन करेंसी एसेट (FCA) में कमी रही है. समीक्षा सप्ताह में एफसीए 7.678 अरब डॉलर घटकर 555.568 अरब डॉलर रह गया. इससे पहले भी इसमें करीब 9.88 अरब डॉलर की गिरावट आई थी. एफसीए कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होता है, जिसमें डॉलर के साथ-साथ यूरो, पाउंड और येन जैसी मुद्राएं शामिल होती हैं.
रुपये को संभालने के लिए RBI का हस्तक्षेप
विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये में कमजोरी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने बाजार में डॉलर की बिकवाली की है. इसी कारण विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा है.
सोने के भंडार में आई बढ़ोतरी
जहां एक ओर कुल रिजर्व घटा है, वहीं सोने के भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने से गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 664 मिलियन डॉलर बढ़कर 130.681 अरब डॉलर हो गई है. देश के कुल फॉरेक्स रिजर्व में सोने की हिस्सेदारी अब करीब 15% के आसपास है और आरबीआई के पास 880 टन से ज्यादा सोना मौजूद है.
SDR और IMF रिजर्व में भी कमी
समीक्षाधीन सप्ताह में स्पेशल ड्रॉइंग राइट (SDR) में 23 मिलियन डॉलर की गिरावट आई है, जिससे यह घटकर 18.697 अरब डॉलर रह गया है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे भारत के रिजर्व में भी 15 मिलियन डॉलर की कमी आई है, जो अब 4.814 अरब डॉलर रह गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रुपये पर दबाव बना रहता है, तो आने वाले हफ्तों में भी विदेशी मुद्रा भंडार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. हालांकि मजबूत स्तर पर मौजूद कुल रिजर्व अभी भी देश की बाहरी स्थिरता को सहारा दे रहा है.
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