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15 साल बाद भारत लौटी फ्लिपकार्ट, अब IPO की तैयारी तेज
फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को आंतरिक पुनर्गठन के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है और इसके तहत फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड अब समूह की होल्डिंग कंपनी बन गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारत की प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट ने अपनी होल्डिंग कंपनी का पंजीकृत पता सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली कंपनी के इस कदम को संभावित मेगा IPO से पहले एक अहम कॉरपोरेट पुनर्गठन माना जा रहा है. उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कंपनी का ढांचा सरल होगा और भारतीय पूंजी बाजार में सूचीबद्ध होने की राह आसान हो सकती है.
सरकार से मिली अंतिम मंजूरी
कंपनी को इस पुनर्गठन के लिए केंद्र सरकार से अंतिम मंजूरी मिल गई है. इसमें प्रेस नोट 3 से जुड़ी अनुमति भी शामिल है, जो कुछ पड़ोसी देशों के निवेशकों के लिए विदेशी निवेश की मंजूरी से संबंधित नियम है. फ्लिपकार्ट में चीन की टेक कंपनी टेनसेंट की लगभग 5 से 6 प्रतिशत हिस्सेदारी है, इसलिए इस प्रक्रिया के लिए इस मंजूरी का इंतजार किया जा रहा था.
NCLT से पहले ही मिल चुकी थी हरी झंडी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करीब तीन महीने पहले राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) ने फ्लिपकार्ट की कई संस्थाओं के विलय को मंजूरी दे दी थी. यह मंजूरी कंपनी की होल्डिंग संरचना को कानूनी रूप से सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित करने के लिए जरूरी थी. हालांकि, कंपनी की ‘रिवर्स फ्लिपिंग’ यानी वतन वापसी की प्रक्रिया टेनसेंट की हिस्सेदारी के कारण प्रेस नोट 3 की मंजूरी मिलने तक लंबित थी.
15 साल बाद भारत वापसी
फ्लिपकार्ट ने 2011 में अपनी होल्डिंग कंपनी को सिंगापुर स्थानांतरित किया था. उस समय विदेशी निवेश और नियामकीय माहौल को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से अहम माना गया था. अब कंपनी ने 15 साल बाद फिर से भारत में अपनी होल्डिंग संरचना स्थापित की है. विश्लेषकों का कहना है कि इसका उद्देश्य IPO से पहले कॉरपोरेट ढांचे को सरल बनाना और निवेशकों के लिए पारदर्शिता बढ़ाना है.
कंपनी ने क्या कहा
फ्लिपकार्ट के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी को आंतरिक पुनर्गठन के लिए भारत सरकार से मंजूरी मिल गई है और इसके तहत फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राइवेट लिमिटेड अब समूह की होल्डिंग कंपनी बन गई है. उन्होंने कहा कि यह फ्लिपकार्ट समूह की भारत वापसी का अहम पड़ाव है और यह भारत के प्रति कंपनी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
2026 या 2027 में आ सकता है IPO
मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, फ्लिपकार्ट 2026 के अंत या 2027 में अपना IPO ला सकती है, जो बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा. हालांकि, वॉलमार्ट की दो कंपनियों फ्लिपकार्ट और फोनपे को एक ही साल सूचीबद्ध किए जाने की संभावना कम मानी जा रही है. फिनटेक कंपनी फोनपे के इस साल बाजार में आने की उम्मीद है.
50 अरब डॉलर तक हो सकता है मूल्यांकन
सूत्रों के मुताबिक फ्लिपकार्ट 35 से 50 अरब डॉलर के मूल्यांकन पर IPO लाने की तैयारी कर रही है. कंपनी इस इश्यू के जरिए 1 से 2 अरब डॉलर तक की पूंजी जुटाने पर विचार कर सकती है. IPO की संभावनाओं को देखते हुए कंपनी ने गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टैनली और जेपी मॉर्गन जैसे प्रमुख निवेश बैंकों के साथ शुरुआती बातचीत भी की है.
भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स बाजार पर नजर
भारत में फ्लिपकार्ट के प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में अमेजन, रिलायंस जियोमार्ट और टाटा समूह का ई-कॉमर्स कारोबार शामिल हैं. उद्योग संगठन फिक्की और डेलॉयट की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत का ई-कॉमर्स बाजार 21 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि वृद्धि दर से बढ़ते हुए 2030 तक 325 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. ऐसे में फ्लिपकार्ट का भारत में सूचीबद्ध होना निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है.
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