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भारत में फ्लेक्स ऑफिस स्पेस: 2027 तक 100 मिलियन स्क्वायर फीट पार करने की उम्मीद: कॉलियर्स इंडिया
भारत का फ्लेक्स ऑफिस मार्केट अगले 2-3 वर्षों में तीव्र वृद्धि की ओर बढ़ रहा है. तकनीक और BFSI कंपनियों के नेतृत्व में GCCs की भागीदारी, शहरवार विस्तार और कस्टमाइज्ड, ग्रीन-फोकस्ड समाधान इस ग्रोथ को तेज करेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
कॉलियर्स इंडिया की हालिया रिपोर्ट “Flex India: Pioneering the Future of Work” के अनुसार, भारत का फ्लेक्स ऑफिस मार्केट अगले 2-3 वर्षों में तेज वृद्धि के चरण में प्रवेश करने जा रहा है. शीर्ष सात शहरों में फ्लेक्स स्टॉक 2027 तक 100 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक होने की उम्मीद है, जो 2025 में 72.3 मिलियन स्क्वायर फीट था. कुल ऑफिस स्टॉक में फ्लेक्स स्पेस की हिस्सेदारी भी 8.5% से बढ़कर 2027 तक 10.5% तक पहुंचने की संभावना है.
सालाना एंटरप्राइज डिमांड में 25% की बढ़ोतरी की उम्मीद
कॉलियर्स इंडिया के अनुसार, अगले दो वर्षों में औसत वार्षिक सीट डिमांड लगभग 200,000 सीट तक पहुंच सकती है, जो 2024 और 2025 में देखी गई 160,000 सीटों की तुलना में 25% की वृद्धि है.
शहरवार फ्लेक्स स्टॉक: बेंगलुरु 31%, पुणे 11.5% पैठ
बेंगलुरु में 22 मिलियन स्क्वायर फीट से अधिक फ्लेक्स स्पेस है, जबकि दिल्ली एनसीआर में 12.5 मिलियन स्क्वायर फीट स्टॉक है. कुल मिलाकर, ये दोनों शहर भारत के कुल फ्लेक्स स्टॉक का लगभग आधा हिस्सेदार हैं. फ्लेक्स स्पेस अपनाने के मामले में पुणे सबसे आगे है, जहां फ्लेक्स पैठ 11.5% है. चेन्नई ने भी पिछले पांच वर्षों में 5.6 गुना वृद्धि दर्ज की है.
तकनीक और BFSI कंपनियां फ्लेक्स डिमांड का 60-65% योगदान करेंगी
एंटरप्राइज डिमांड में तकनीक और BFSI कंपनियां प्रमुख भूमिका निभा रही हैं. 2021 में औसत वार्षिक सीट डिमांड लगभग 50,000 थी, जो 2024 और 2025 में बढ़कर 160,000 सीट हो गई. आने वाले वर्षों में यह संख्या ~200,000 सीट तक पहुंचने की संभावना है. इंजीनियरिंग, निर्माण और कंसल्टिंग कंपनियां भी 10-15% हिस्सेदारी के साथ योगदान करेंगी.
अगले 2 वर्षों में कुल डिमांड का लगभग आधा
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) फ्लेक्स स्पेस अपनाने में तेजी ला रहे हैं. 2025 में GCCs कुल एंटरप्राइज सीट डिमांड का 40-45% हिस्सा थे और अगले दो वर्षों में यह हिस्सा लगभग आधा होने की संभावना है.
तकनीक-समर्थित, कस्टमाइज्ड और ग्रीन-फोकस्ड समाधान फ्लेक्स ग्रोथ को बढ़ावा
फ्लेक्स ऑपरेटर्स तकनीक-समर्थित, पूरी तरह प्रबंधित कार्यस्थल और कस्टमाइज्ड सुविधाएं पेश कर रहे हैं. GCCs के लिए “GCC-as-a-Service” मॉडल भी उपलब्ध कराया जा रहा है. पिछले 2-3 वर्षों में लगभग 70% फ्लेक्स स्पेस ग्रीन सर्टिफाइड डेवलपमेंट में लिया गया, जिससे स्थिरता की दिशा में बाजार की व्यावहारिक सोच दिखती है.
टियर I और टियर II शहरों में विस्तार
भारत में फ्लेक्स मार्केट मुख्य रूप से टियर I शहरों द्वारा संचालित है, जहां सेकेंडरी बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (SBDs) मुख्य केंद्र हैं. इन शहरों में टियर II शहरों जैसे अहमदाबाद, भुवनेश्वर, कोयंबटूर, इंदौर, जयपुर आदि में विस्तार तेजी से हो रहा है. इन शहरों में सीट किराया 30-35% कम होने के कारण फ्लेक्स स्पेस अपनाने में आकर्षक विकल्प हैं. टियर II शहर 2027 तक देश के कुल फ्लेक्स स्टॉक का 10-15% हिस्सा बन सकते हैं.
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