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सरकार की रडार में Zerodha AMC, नितिन कामथ समेत कई बड़े अधिकारियों पर लगा जुर्माना
जेरोधा एसेट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड और इसके फाउंडर नितिन कामथ पर जुर्माना लगाया गया है. नोटिस मिलने के 90 दिनों के भीतर जुर्माना भरने का निर्देश मिला है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जीरोधा (Zerodha) के खिलाफ बड़ा एक्शन हुआ है. कंपनी के फाउंडर नितिन कामथ समेत कई बड़े अधिकारियों पर कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs) द्वारा कार्रवाई की गई है. मंत्रालय ने तय समय के भीतर चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त करने में असफल रहने के चलते जीरोधा एसेट मैनेजमेंट के सभी डायरेक्टर पर जुर्माना लगाया है.
बिना सीएफओ के ही काम कर रही थी कंपनी
कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने 31 जुलाई को यह आदेश जारी किया है. इसके अनुसार, Zerodha AMC ने कंपनी एक्ट, 2013 की धारा 203 का उल्लंघन किया है. इसके तहत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा पेड अप कैपिटल वाली कंपनियों को सीएफओ के पद पर स्थायी तैनाती करना आवश्यक है. मगर, कंपनी बिना सीएफओ के ही काम कर रही थी. आदेश में कहा गया है कि कंपनी रेगुलेटर ने जीरोधा एएमसी पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. साथ ही कंपनी के फाउंडर नितिन कामथ पर भी 4.08 लाख रुपये का जुर्माना लगा है.
इन सभी अधिकारियों पर लगाया गया जुर्माना
जीरोधा ने खुद ही 9 जनवरी, 2024 को आवेदन दायर किया और स्वीकार किया कि कंपनी ने अधिनियम 2013 की धारा 203 का उल्लंघन किया है. जिसमें उसने मुख्य वित्तीय अधिकारी की नियुक्ति नहीं की थी. कंपनी के फाउंडर नितिन कामथ पर भी 4.08 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. इसके अलावा राजन्ना भुवनेश पर 5 लाख रुपये, जीरोधा एएमसी के सीईओ विशाल वीरेंद्र जैन पर 3.45 लाख रुपये, कंपनी सेक्रेटरी शिखा सिंह पर 3.45 लाख रुपये, नित्या ईश्वरन पर 1.5 लाख रुपये और तुषार महाजन पर 1.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है.
459 दिनों तक खाली था कंपनी का CFO पद
जीरोधा एएमसी ने मार्च, 2023 में चिंतन भट्ट को कंपनी का सीएफओ बनाया था. उससे पहले तक वह कंपनी एक्ट का पालन नहीं कर रही थी. इसी देरी के चलते यह कार्रवाई की गई है. मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि 20 दिसंबर, 2021 से 23 मार्च, 2023 यानी 459 दिनों तक कंपनी का सीएफओ पद खाली था. जीरोधा और उसके अधिकारियों को जुर्माना चुकाने के लिए 90 दिन का समय दिया गया है. आदेश में कहा गया है कि कंपनी के डायरेक्टर जुर्माने का भुगतान अपने पैसे से करेंगे.
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