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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पेश किया नौवां बजट, शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने पर जोर
यह बजट स्पष्ट रूप से युवाओं के रोजगार, सेवा क्षेत्र और रचनात्मक उद्योगों पर केंद्रित है, जिससे भारत को वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक अग्रणी स्थिति दिलाने का लक्ष्य रखा गया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को 2026–27 के लिए अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करते हुए शिक्षा को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने पर विशेष जोर दिया. वित्त मंत्री ने संसद में कहा कि सरकार ने भारत की युवा आबादी की आकांक्षाओं को पूरा करने और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने के लिए सेवा क्षेत्र को मजबूत करने का निर्णय लिया. इस दिशा में, सरकार ने "एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइजेस स्टैंडिंग कमिटी" बनाने का प्रस्ताव रखा है. यह कमिटी सेवा क्षेत्र को आर्थिक विकास का मुख्य चालक बनाने के उपाय सुझाएगी.
कमिटी का कार्य होगा
1. प्राथमिक क्षेत्र निर्धारित करना ताकि विकास, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिले.
2. उभरती तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रोजगार और कौशल पर प्रभाव का आकलन करना.
3. लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की रणनीति बनाना, ताकि 2047 तक वैश्विक सेवा व्यापार में 10% हिस्सेदारी हासिल की जा सके.
क्षेत्र-विशेष रोजगार सृजन योजनाएँ
सीतारमण ने पर्यटन क्षेत्र को रोजगार और विदेशी मुद्रा अर्जन का प्रमुख स्रोत बताया. उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने की बड़ी क्षमता है. साथ ही, एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है. इस योजना से 2030 तक लगभग 20 लाख रोजगार सृजित होने की संभावना है.
उच्च शिक्षा में नई पहलें
सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई नई पहलें घोषित की हैं:
1. नए संस्थानों और विश्वविद्यालय टाउनशिप की स्थापना.
2. हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास निर्माण, पूंजीगत वित्तपोषण के माध्यम से समर्थित.
3. पूर्वी भारत में डिजाइन शिक्षा को मजबूत करने के लिए नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना.
इसके अलावा, राज्य सरकारों को पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने के लिए चैलेंज-आधारित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा. ये टाउनशिप्स प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास स्थापित होंगी, जिनमें विश्वविद्यालय, कॉलेज, अनुसंधान संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय सुविधाएँ शामिल होंगी.
विद्यार्थियों और परिवारों के लिए राहत
वित्त मंत्री ने शिक्षा और चिकित्सा संबंधित लेनदेन पर लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत स्रोत पर वसूले जाने वाले कर को 5% से घटाकर 2% करने की घोषणा की. यह कदम छात्रों और उनके परिवारों के लिए राहत का काम करेगा.
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