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लगातार तीसरी बार फेडरल रिजर्व ने घटाई ब्याज दरें, 0.25% की कटौती का किया ऐलान
फेड ने माना कि महंगाई अभी भी ज्यादा है. फेड की तरफ से कहा गया, साल की शुरुआत के बाद से लेबर मार्केट की स्थिति में सुधार हुआ है और बेरोजगारी दर बढ़ी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने प्रमुख ब्याज दर में कटौती की है. फेडरल रिजर्व ने बुधवार देर रात ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती करने का फैसला लिया. यूएस फेड ने लगातार तीसरी बार ब्याज दर में कटौती की है. फेड ने फेडरल फंड्स टारगेट रेट रेंज को 0.25% घटाकर 4.25% से 4.5% के बीच कर दिया है. वहीं, रिवर्स रेपो दर को 4.55% से घटाकर 4.25% कर दिया है, जो 0.30% की कटौती है.
3.75 से 4 प्रतिशत के बीच आ सकती है ब्याज दर
फेड ने साल 2025 और 2026 में 50-50 बेसिस प्वाइंट की कटौती का अनुमान लगाया गया है. यानी जेरोम पॉवेल 2025 के आखिर तक ब्याज दर को घटाकर 3.75 प्रतिशत से 4 प्रतिशत के दायरे में ला सकते हैं. अमेरिकी केंद्रीय बैंक ने कहा है कि हालिया संकेतों से यह साफ है कि आर्थिक गतिविधियां मजबूत गति से जारी हैं. फेड ने माना कि महंगाई अभी भी ज्यादा है. फेड की तरफ से कहा गया, साल की शुरुआत के बाद से लेबर मार्केट की स्थिति में सुधार हुआ है और बेरोजगारी दर बढ़ी है लेकिन अभी कम है. महंगाई में 2% के टारगेट की तरफ बढ़े हैं लेकिन अभी भी यह ज्यादा है.
अगले साल दो बार ही होगी ब्याज दर में कटौती!
फेड प्रमुख Jerome Powell ने कहा कि हम रोजगार और महंगाई के टारगेट को हासिल करने के करीब हैं. पिछले कुछ महीनों में महंगाई में थोड़ा इजाफा हुआ है, जिससे अगले साल ब्याज दर में कटौती की संख्या उम्मीद से कम हो गई है. अगले साल ब्याज दरों में होने वाली कटौती के बारे में फेड का अनुमान बदल गया है. पहले ऐसा लग रहा था कि अगले साल ब्याज दर में चार बार थोड़ी-थोड़ी कटौती की जाएगी, लेकिन अब सिर्फ दो बार ही ब्याज दर में कमी की जाएगी.
महंगाई दर 2.5% तक पहुंचने की उम्मीद
इसके अलावा, सेंट्रल बैंक ने अगले साल महंगाई का अनुमान भी बढ़ाया है. पहले लग रहा था कि अगले साल महंगाई 2.1% के आसपास रहेगी. लेकिन अब महंगाई को लेकर उम्मीद 2.5% तक है. जानकारों ने पहले ही अनुमान लगाया था कि फेड अगले साल ब्याज दर में कटौती की गति को धीमा कर देगा, क्योंकि हाल के दिनों में महंगाई में थोड़ी इजाफा हुआ है. इसके लिए ब्याज दर को थोड़े समय के लिए ज्यादा रहने की जरूरत है. आने वाले समय में ब्याज दर में होने वाले बदलावों के लिए फेड ने कहा कि वह आने वाले आंकड़ों, बदलते हुए आर्थिक परिदृश्य और रिस्क के संतुलन का ध्यानपूर्वक आकलन करेगा.
क्या होगा भारत पर असर?
फेड के ब्याज दरों में कटौती अनुमान के मुताबिक है लेकिन 2025 में 4 की जगह 2 कटौती से जरूर निराशा होगी. ज्यादा कटौती होने से भारत जैसे इमर्जिंग मार्केट में निवेश बढ़ने के आसार थे. वहीं भारत के सेंट्रल बैंक के लिए ये जरूर महत्वपूर्ण संकेत है. महंगाई दर के लक्ष्य से ज्यादा होने के बावजूद फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कर रहा है जिससे अर्थव्यवस्था को गति दी जा सके. जबकि आरबीआई इसे लेकर बेहतर सतर्क है. आरबीआई के नए गवर्नर के आने और नवंबर में महंगाई दर के घटने और आने वाले महीनों में और भी राहत के बाद नए साल में फरवरी महीने में होने वाले आरबीआई की मॉनिटरी पॉलिसी में आरबीआई के भी अब ब्याज दरों में कटौती की संभावना जताई जा रही है.
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