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एक्सपर्ट्स ने बताया, ब्रैंड की सफलता के लिए कितनी जरूरी है इवेंट मार्केटिंग
BW APPLAUSE द्वारा आयोजित Experiential Marketing Summit & Awards में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अपने विचार व्यक्त किए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
किसी भी ब्रैंड की सफलता में इवेंट मार्केटिंग का क्या रोल होता है. इस विषय पर BW APPLAUSE 'Experiential Marketing Summit & Awards' में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अपने विचार व्यक्त किए. दिल्ली में आयोजित इस इवेंट की शुरुआत BW Business World के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ डॉक्टर अनुराग बत्रा के Inaugural Address के साथ हुई. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में किस तरह से सबकुछ बदल गया है और कैसे इवेंट ब्रैंड को कंज्यूमर से कनेक्ट करने की दिशा में काम करते हैं.
इन्होंने लिए पैनल डिस्कशन में भाग
इवेंट के दौरान 'Event Marketing: How to make your brand experience more immersive' विषय पर पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया, जिसे NewsX के स्पेशल प्रोजेक्ट्स के एडिटर तरुण नांगिया ने होस्ट किया. इस डिस्कशन में EBIXCASH Travel Services के मैनेजिंग डायरेक्टर Naveen Kundu, 212 Brand Lab & Connexus Global की फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर देवप्रिया खन्ना, Vibgyor Brand Services के फाउंडर एवं MD अंकुर कालरा, Workhalolics Entertainment के फाउंडर एवं MD Vipul Pandhi, Event Crafter के फाउंडर एवं CEO सिद्धार्थ चतुर्वेदी, Cheil India की ब्रैंड एक्सपीरियंस हेड सोनल वर्मा शामिल रहे.
ह्यूमन टच और पर्सनलाइजेशन जरूरी
डिस्कशन की शुरुआत करते हुए EBIXCASH Travel Services के मैनेजिंग डायरेक्टर Naveen Kundu ने कहा कि किसी भी ब्रैंड को ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए उसमें ह्यूमन टच, पर्सनलाइजेशन होना ज़रूरी है. क्योंकि जब लोग किसी ब्रैंड के बारे में कुछ बोलते हैं, तो वह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है. उन्होंने आगे कहा कि यदि आप अपने कर्मचारियों और स्टेकहोल्डर्स को अच्छे से ट्रीट करेंगे, उनकी आवश्यकताओं का ध्यान रखेंगे, तो उनका प्रोडक्ट से ज्यादा जुड़ाव होगा. इसलिए कंपनी और ब्रैंड के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वो इस तरह के इवेंट, इंसेटिव प्रोग्राम आयोजित करें, जहां से लौटने के बाद लोगों को उस ब्रैंड के बारे में बहुत अच्छा महसूस हो.
ब्रैंड एक्सपीरियंस और परसेप्शन का कलेक्शन
देवप्रिया खन्ना ने ब्रैंड क्या है इसके बारे में बताते हुए कहा कि ब्रैंड एक्सपीरियंस और परसेप्शन का कलेक्शन है, जो कोई कंपनी का व्यक्ति अपने स्टेकहोल्डर के माइंड में क्रिएट करते हैं. उन्होंने कहा कि आजकल कंज्यूमर इमोशनल टच के साथ ब्रैंड चुनते हैं. यदि प्रोडक्ट और उसके कंज्यूमर के बीच एक भावनात्मक जुड़ाव है, तो उस प्रोडक्ट के चलने की संभावना ज्यादा हो जाती है. खन्ना के मुताबिक, कंपनियां भी इमोशनल टच पर ज्यादा काम कर रही हैं, ताकि उनके प्रोडक्ट केवल शेल्फ में रखा उत्पाद ही बनकर न रह जाएं. इवेंट उस इमोशनल कनेक्ट को क्रिएट करने का बेहतरीन माध्यम हैं
कंज्यूमर के साथ कनेक्ट जरूरी
Vibgyor Brand Services के फाउंडर एवं MD अंकुर कालरा ने कहा कि इमर्सिव ब्रैंड एक्सपीरियंस का मतलब है ब्रैंड और कंज्यूमर के बीच कनेक्ट निर्मित करना. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि इमर्सिव ब्रैंड एक्सपीरियंस को सेक्सी या लार्जर देन लाइफ होने की ज़रूरत नहीं है. उन्हें ब्रैंड के उद्देश्य को रेखांकित करना चाहिए और कंज्यूमर के साथ कनेक्ट करना चाहिए. उन्होंने अमेज़न के एक कैंपेन का उदाहरण देते हुए कहा कि इवेंट किसी ब्रैंड की इमेज के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. वहीं, Workhalolics Entertainment के फाउंडर एवं MD Vipul Pandhi ने नए ब्रैंड को एक सीख देते हुए कहा कि उन्हें कंज्यूमर से कनेक्ट होना चाहिए. ब्रैंड जिस वर्ग के लिए है, उसे ध्यान में रखकर एक्टिविटी आयोजित करनी चाहिए, ताकि दोनों के बीच एक कनेक्ट निर्मित हो सके.
इवेंट से होती है इमेज बिल्डिंग
पैनल डिस्कशन में अपनी बात रखते हुए सोनल वर्मा ने कहा कि क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी के साथ-साथ इन्वोल्वमेंट बेहद ज़रूरी है. जब तक हम किसी चीज़ में पूरी तरह शामिल नहीं होते, हमारे दिमाग में उसकी मेमोरी नहीं बनती. आजकल ब्रैंड यही कर रहे हैं, वो कंज्यूमर के माइंड में अपनी छवि छोड़ रहे हैं और ऐसा इवेंट के माध्यम से किया जा रहा है. इसलिए इवेंट इमेज बिल्डिंग के लिए जरूरी हैं. इस दौरान, Naveen Kundu ने रेखांकित किया कि एक्सपीरियंस क्रिएट करना कितना महत्वपूर्ण है. उन्होंने इंश्योरेंस कंपनी की टीम की स्पेन ट्रिप का जिक्र किया, उन्होंने बताया कि उस ट्रिप ने किस तरह से टीम की सोच को बदला, जिसका फायदा आगे चलकर कंपनी को मिला. नवीन ने कहा कि अच्छे रिजल्ट के लिए, अच्चे अनुभव निर्मित करने पड़ते हैं.
एंटी-एजिंग क्रीम का दिया उदाहरण
देवप्रिया ने कहा कि किसी भी ब्रैंड को तीन C पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, Context, Customisation और कल्चर. देवप्रिया के मुताबिक, सही अनुभव निर्मित करना जरूरी है. उन्होंने एक एंटी-एजिंग क्रीम के कैंपेन का उदाहरण देते हुए कहा कि इवेंट आयोजक को ब्रैंड का ऑब्जेक्टिव पता होना चाहिए. , 212 Brand Lab & Connexus Global की फाउंडर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर ने कहा कि एंटी-एजिंग क्रीम के कैंपेन के लिए हमने 40 साल से ऊपर की मॉडल को रैंप पर उतारा. जाहिर है इस क्रीम की जरूरत यंग वुमेन को तो पड़ेगी नहीं, इसलिए हमने उन्हें सिलेक्ट किया जिनके लिए ये प्रोडक्ट है और इस तरह से हमने ब्रैंड से लोगों को कनेक्ट कर दिया. इसी कड़ी में Vipul Pandhi ने KPM बाइक का उदाहरण दिया. उन्होंने बताया कि किस तरह से कंपनी राइड ट्रिप आयोजित करके युवाओं के साथ खुद को कनेक्ट करती है.
सुनाया ‘मैन ऑफ द टाउन’ का किस्सा
इस दौरान, अंकुर कालरा ने बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाते हुए इवेंट के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक पुरुष फेयर एंड लवली खरीदने में शर्माते थे. वो अपनी बहन या पत्नी के नाम पर क्रीम खरीदते थे, लेकिन इस्तेमाल खुद करते थे. पुरुषों की इस शरमाहट को दूर करने के लिए ‘मैन ऑफ द टाउन’ इवेंट आयोजित किया गया. इस इवेंट में पुरुषों वाली सभी गतिविधियां आयोजित की गईं. करीब 500 से 600 लोग वहां जमा हुए. इसके विजेता को पल्सर बाइक दी गई. इस इवेंट ने काफी हद तक पुरुषों की झिझक कम करने में मदद की. बाद में हमने पाया कि 90 शहरों में क्रीम की बिक्री में तेजी आई है. वहीं, सोनल ने डिस्कशन के आखिरी में कहा कि एक्सपीरियंस को केवल कंज्यूमर तक ही सीमित न रखें, बड़े समुदाय को भी इसका हिस्सा बनाएं.
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