होम / बिजनेस / Zee की कमाई में 5% बढ़ोतरी, मुनाफा 48% घटकर ₹743 करोड़
Zee की कमाई में 5% बढ़ोतरी, मुनाफा 48% घटकर ₹743 करोड़
सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में 16% की मजबूत ग्रोथ, लेकिन विज्ञापन से कमाई 11.5% घटी; खर्च बढ़ने का भी पड़ा असर
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
जी एंटरटेन्मेंट (Zee Entertainment Enterprises) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में परिचालन आय में 5 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की है. हालांकि, इस दौरान कंपनी के मुनाफे में करीब 48 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है. 30 जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग रेवेन्यू बढ़कर ₹1,907.3 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹1,821 करोड़ था.
कंपनी का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) घटकर ₹743 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में यह ₹1,437 करोड़ था. वहीं, कंपनी की कुल आय ₹1,993.5 करोड़ रही, जो पिछले साल की जून तिमाही में ₹1,849.8 करोड़ थी.
सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू में 16% की बढ़ोतरी
जी की कमाई में इस तिमाही के दौरान सब्सक्रिप्शन कारोबार ने बेहतर प्रदर्शन किया. कंपनी का सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू करीब 16 फीसदी बढ़कर ₹1,136.9 करोड़ हो गया. पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹980.6 करोड़ था. इसके विपरीत, विज्ञापन से होने वाली कमाई पर दबाव देखने को मिला. कंपनी का एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू करीब 11.5 फीसदी घटकर ₹671.4 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की समान अवधि में ₹758.5 करोड़ था. अन्य बिक्री और सेवाओं से होने वाली आय भी बढ़कर ₹99 करोड़ हो गई, जबकि एक साल पहले यह ₹84.6 करोड़ थी.
बढ़े कंपनी के कुल खर्च
तिमाही के दौरान Zee का कुल खर्च बढ़कर ₹1,864.4 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹1,652.7 करोड़ था. ऑपरेशनल कॉस्ट ₹971 करोड़ से बढ़कर ₹1,031.7 करोड़ हो गई. वहीं, विज्ञापन और पब्लिसिटी पर कंपनी का खर्च भी काफी बढ़ा. यह पिछले साल के ₹275.3 करोड़ से बढ़कर ₹446.8 करोड़ हो गया. हालांकि, कर्मचारी लाभ पर खर्च ₹220.1 करोड़ से घटकर ₹213.6 करोड़ रहा. कंपनी का एक्सेप्शनल आइटम और टैक्स से पहले का मुनाफा ₹741 करोड़ रहा, जबकि जून 2025 तिमाही में यह ₹1,972 करोड़ था.
कंटेंट और निवेश के ढांचे में बदलाव
तिमाही के दौरान जी ने अपने कंटेंट और निवेश ढांचे में भी कई बदलाव किए. कंपनी ने Phantom Digital Effects की ओर से जारी कंपल्सरी कन्वर्टिबल डिबेंचर्स में ₹115.7 करोड़ का निवेश किया. इन डिबेंचर्स पर सालाना 0.1 फीसदी कूपन है और इन्हें निवेश वाली कंपनी के इक्विटी शेयरों में बदला जा सकता है. इसके अलावा जी ने Culture of Real Experiences में कंपल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयरों के जरिए ₹10 करोड़ का निवेश किया और कंपनी में 33.33 फीसदी फुली डायल्यूटेड हिस्सेदारी हासिल की.
कंटेंट सिंडिकेशन कारोबार सब्सिडियरी को ट्रांसफर
जी ने 1 अप्रैल 2026 से अपने कंटेंट की सिंडिकेशन और लाइसेंसिंग से जुड़े कारोबार को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी ZI-IPL Enterprises को ट्रांसफर कर दिया है. इसके साथ संबंधित एसेट्स, देनदारियां और कमर्शियल राइट्स भी ट्रांसफर किए गए हैं.
यह ट्रांसफर स्लंप सेल के जरिए किया गया और ट्रांसफर किए गए नेट एसेट्स का मूल्य ₹490.2 करोड़ आंका गया है. इसके बराबर की रिसीवेबल राशि Zee की किताबों में दर्ज की गई है.
पिछले वित्त वर्ष में भी हुआ था इन्वेंट्री एडजस्टमेंट
यह पुनर्गठन ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी ने पिछले वित्त वर्ष में कंटेंट इन्वेंट्री से जुड़े अनुमान में बदलाव किया था. जी ने प्रीमियर फिल्मों की इन्वेंट्री के इस्तेमाल से जुड़े अपने अनुमानों को संशोधित किया था. इसके चलते मार्च 2026 तिमाही और पूरे वित्त वर्ष में ₹39.2 करोड़ का अतिरिक्त ऑपरेशनल कॉस्ट चार्ज दर्ज किया गया था.
टैग्स