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EV प्रोडक्शन को मिलेगी नई ताकत, लिथियम की भी हो सकेगी खोज
समूची दुनिया में इस वक्त लिथियम की खोज से लेकर उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने का अभियान चल रहा है. इसी कड़ी में लिथियम माइनिंग को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में केन्द्र सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स से जुड़े एक महत्वपूर्ण मिनरल को लेकर अहम फैसला लिया है. केन्द्र सरकार ने लिथियम सहित कई ऑयनों की खोज को हरी झंडी दिखा दी है. वर्ष 2014 के बाद से अब तक ये माइनिंग एक्ट में किया गया ये पांचवां संशोधन है. इसी के साथ अब सरकार ने मिनरल रिसोर्स की बिक्री की ई-नीलामी को आवश्यक बना दिया है. लिथियम माइन की खोज से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी के निर्माण को और तेजी मिल सकेगी.
कैबिनेट में लिया गया फैसला
बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग हुई माइनिंग से जुड़े संशोधन को पास कर दिया गया. कैबिनेट के इस निर्णय के अनुसार अब माइनिंग से जुड़ी कंपनियां उन क्षेत्रों में भी खोज कर सकेंगी जहां वो करना चाहती हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकार के द्वारा किए गए इस संशोधन के बाद अब ब्लॉक या माइन की नीलामी नए सिरे से की जाएगी. साथ ही कैबिनेट ने ये भी निर्णय लिया है कि अब उन्हें केवल गहराई में खनन की अनुमति दी जाएगी.
किन- किन मिनरल की हो सकेगी खोज
सरकार ने 12 जुलाई को जिस संशोधन को मंजूरी दी है उसके बाद तांबा, जस्ता, सीसा, कैडमियनम, सोना, इंडियम, चांदी, रॉक फॉसफेट, हीरा, एपेटाइट और पोटाश सहित कई इंपोर्टेड मिनरल शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भी तक 6 मिनरल ऐसे थे जिनपर सरकार ने प्राइवेट सेक्टर को माइनिंंग करने का अधिकार नहीं दिया था. लेकिन अब टानियम, बेरीलियम, नीयोबीयम, टांटालम और जिरकोनियम मिनरल्स की माइनिंग प्राइवेट सेक्टर को सौंपी जा सकेगी. सरकार की योजना आने वाले समय में माइनिंग के लिए प्राइवेट सेक्टर को प्रोत्साहित करने की भी है, ताकि वो ज्यादा से ज्यादा माइनिंग कर सकें और देश को खनिज पदार्थ मिल सकें.
लिथियम से घटेगी दूसरों पर निर्भरता
लिथियम एक ऐसा मिनरल है जो इलेक्ट्रिक व्हीकल में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है. कोई भी बैटरी बनानी हो उसमें प्रमुख तौर पर लिथियम ही इस्तेमाल होता है. मौजूदा समय में भारत में ये मिनरल बहुत ही कम पाया जाता है, जिसके कारण इसे बोलिविया सहित चीन और कई अन्य देशों में हमें इंपोर्ट करना पड़ता है. लेकिन अगर भारत में इसकी खोज हो जाती है तो ऐसे में भारत में सिर्फ इस माइन की उपलब्धता ही नहीं होगी बल्कि इलेक्ट्रिक कारों के दाम भी काफी कम होने की उम्मीद है. कार की कीमत में लिथियम से बनने वाले प्रोडक्ट की भूमिका महत्वपूर्ण होती है.
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