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ED ने Manappuram पर मारा छापा, कम बताई शेयर्स की कीमत?
ED द्वारा जिन शेयर्स पर रोक लगाई गयी उनकी कीमत 2000 करोड़ रुपये है लेकिन ED ने इनकी कीमत 140 करोड़ रुपये ही बताई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
केरल स्थित NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) Manappuram Finance लिमिटेड ने हाल ही में एक बयान जारी करते हुए जानकारी दी है कि ED (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा कंपनी के MD (मैनेजिंग डायरेक्टर) और CEO (चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) VP नंदकुमार की संपत्ति पर लगाई गई रोक से 19.2 करोड़ रुपयों के शेयर्स पर भी रोक लग गयी है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 19.2 करोड़ रुपये की कीमत वाली इन शेयर्स के मालिक भी VP नंदकुमार ही हैं.
2000 करोड़ के शेयर्स को बताया 140 करोड़
VP नंदकुमार ने कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को एक पत्र लिखकर बताया कि ED द्वारा जिन शेयर्स पर रोक लगाई गयी है उनकी कीमत लगभग 2000 करोड़ रुपये है लेकिन ED द्वारा इन शेयर्स की कीमत 140 करोड़ रुपये ही बताई गयी है. इस मामले में मैं अपने कानूनी विकल्पों की जांच कर रहा हूं. यह पत्र भारत के प्रमुख एक्सचेंजों को भी भेजे गए हैं. इसके साथ ही VP नंदकुमार ने अपने पात्र में यह भी बताया है कि मामले से संबंधित डिपॉजिट्स की कुल कीमत 10 लाख रुपये से भी कम है और यह राशि एक एस्क्रो अकाउंट (Escrow Account) में मौजूद है.
मनी लॉन्ड्रिंग की वजह से लगी रोक
आज दिन के शुरूआती सेशन के दौरान Manappuram Finance के शेयर्स 13% की गिरावट के साथ 103.6 रुपये प्रति शेयर की कीमत के साथ ट्रेड कर रहे थे. आपको बता दें कि हाल ही में ED ने जानकारी देते हुए बताया था कि ED द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के संबंध में की गयी छापेमारी के बाद कंपनी के 143 करोड़ रुपये की कीमत के शेयर्स पर रोक लगा दी गयी है. कंपनी का हेडक्वार्टर केरल के त्रिस्सुर (Thrissur) में स्थित है और त्रिस्सुर में मौजूद कंपनियों की 6 शाखाओं पर छापेमारी की गयी थी. ED ने बताया है कि यह छापेमारी जनता से गैर कानूनी तरीके से पैसे इकट्ठा करके मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में की गयी थी.
जांच में क्या मिला?
ED ने जांच के दौरान यह पाया कि जुर्म से संबंधित सारी राशि VP नंदकुमार के द्वारा भटकाकर अपने, अपनी बीवी और अपने बच्चों के नाम पर Manappuram Finance Limited के शेयर्स में अचल संपत्ति के रूप में इन्वेस्ट कर दी गयी है. इतना ही नहीं जांच के दौरान मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित बहुत ही जरूरी दस्तावेज और 60 से ज्यादा अचल संपत्तियों के कागजात भी मिले हैं. इन सभी सबूतों को ध्यान में रखकर ही ED ने कंपनी के शेयर्स पर रोक लगा दी है.
VP नंदकुमार ने क्या कहा?
ED द्वारा लगाए गए सभी आरोपों के जवाब में VP नंदकुमार ने कहा कि डिपॉजिट्स से संबंधित जो आरोप लगाए जा रहे हैं उनकी जांच, संबंधित एजेंसियों द्वारा पहले ही का जा चुकी है. मैं 2015-2016 तक Magro (Manappuram Agro Farms) का इकलौता मालिक था जो मुख्य रूप से कृषि के नॉन-फाइनेंशियल बिजनेस को देखती थी और साथ ही त्रिस्सुर में इको-फार्मिंग के बिजनेस की भी देख-रेख करती थी. Magro, Valapad और उसके आस पास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से जमा इकट्ठा करती थी और इस क्षेत्र में मेरे परिवार ने 60 सालों से ज्यादा समय तक काम किया है. Magro इकट्ठा की गयी इस जमा राशि पर इंटरेस्ट देती थी और इकट्ठा हुई राशि को कृषि के अपने प्रमुख काम में लगाती थी.
Magro पर बकाया
1 फरवरी 2012 को Magro पर कुल 143.85 करोड़ रुपये बकाया थे जो पूरी तरह से Magro की बुक्स में देखने को मिलता है. RBI के साथ 2012 में हुई बातचीत के बाद Magro ने डिपॉजिट्स प्राप्त करना और रिन्यु करना पूरी तरह से बंद कर दिया. और फिर Magro ने तय किया कि वह सारा डिपाजिट वापस कर देगा और RBI द्वारा वापस किये गए इस डिपाजिट की मासिक रिपोर्ट्स इकट्ठा की गयीं. और हाल ही में RBI द्वारा की गयी जांच में यह बात सामने आई थी कि 30 सितम्बर 2022 को Magro पर कुल 9.29 लाख रुपये ही बकाया थे जो कि एक Escrow अकाउंट में पड़े हुए हैं.
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