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NSE के अनलिस्टेड शेयर घोटाले की जांच में ED की कार्रवाई, मुंबई और चेन्नई में छापे
ED ने बताया कि इस कथित घोटाले को लेकर कई राज्यों से निवेशकों की शिकायतें सामने आई हैं. हालांकि कुछ मामलों में स्थानीय पुलिस ने अभी तक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने कथित निवेश धोखाधड़ी और धन शोधन मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई और चेन्नई में आठ स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया है. यह जांच नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के कथित प्री-आईपीओ अनलिस्टेड शेयर घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है.
कई कंपनियां और उनके निदेशक जांच के दायरे में
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई 27 फरवरी को मुख्यालय की जांच इकाई ने Prevention of Money Laundering Act (धन शोधन निवारण अधिनियम) के प्रावधानों के तहत की. जांच के दायरे में आने वाली संस्थाओं में Atum Capital, Optimus Financial Solutions, Babli Investment और Supremus Angel सहित उनके निदेशक शामिल हैं. इस मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनमें सतीश कुमार, संजय दमानी, नीरज निसार, कृष वोहरा, मनीष सोनी और निशा कुमारी शामिल हैं. एजेंसी का आरोप है कि इन लोगों ने मिलकर एक गिरोह बनाकर निवेशकों को धोखा दिया.
अनलिस्टेड शेयर दिलाने का झांसा
प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार आरोपियों ने निवेशकों को यह कहकर आकर्षित किया कि उनके पास नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अनलिस्टेड शेयर हैं और वे निजी शेयर खरीद समझौते के जरिए उन्हें अधिक कीमत पर हस्तांतरित कर सकते हैं. हालांकि जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास वास्तव में वे शेयर मौजूद नहीं थे जिन्हें वे बेचने का दावा कर रहे थे.
एनएसई के शेयर किसी शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं
चूंकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज फिलहाल किसी भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है, इसलिए इसके शेयरों का कारोबार न तो एनएसई पर होता है और न ही BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) पर, एजेंसी का कहना है कि आरोपियों ने निजी शेयर सौदों में औपचारिक निगरानी की कमी का फायदा उठाकर निवेशकों से बड़ी रकम अग्रिम के रूप में वसूल की.
बैंक खातों के जरिए रकम का हेरफेर
जांच एजेंसी के मुताबिक निवेशकों से जुटाई गई रकम को कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया और कथित तौर पर उसे चल और अचल संपत्तियों में निवेश कर दिया गया. तलाशी के दौरान अधिकारियों ने संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल अभिलेख और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है.
कई बैंक और डिमैट खाते फ्रीज
छापेमारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने सतीश कुमार, संजय दमानी और जांच के दायरे में आने वाली कंपनियों से जुड़े कई बैंक और डिमैट खातों को फ्रीज कर दिया है. यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम की धारा 17(1ए) के तहत की गई, क्योंकि जांच में इन खातों में कथित तौर पर अपराध से अर्जित धन मिलने के संकेत मिले.
कई राज्यों से निवेशकों की शिकायतें
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि इस कथित घोटाले को लेकर कई राज्यों से निवेशकों की शिकायतें सामने आई हैं. हालांकि कुछ मामलों में स्थानीय पुलिस ने अभी तक औपचारिक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है.
एनएसई के संभावित IPO के बीच बढ़ी दिलचस्पी
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब निजी बाजार में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के शेयरों को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ रही है. इसके पीछे एक्सचेंज संचालक के संभावित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को लेकर चल रही अटकलों को कारण माना जा रहा है.
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