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ड्यूनविस्टा कैपिटल का 1 अरब डॉलर का ग्लोबल फंड, निवेश के केंद्र में रहेगा भारत
1 अरब डॉलर के ग्लोबल फंड के साथ ड्यूनविस्टा कैपिटल की एंट्री यह संकेत देती है कि वैश्विक निवेशकों के लिए भारत अब सिर्फ उभरता बाजार नहीं, बल्कि रणनीतिक निवेश का केंद्र बन चुका है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
भारतीय नेतृत्व वाली एसेट मैनेजमेंट कंपनी ड्यूनविस्टा कैपिटल ने 1 अरब डॉलर के ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फंड की घोषणा की है, जिसमें भारत को प्रमुख बाजार के तौर पर रखा जाएगा. कंपनी 21 जनवरी 2026 को दावोस में होने वाली वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक से पहले इस फंड की औपचारिक शुरुआत करने जा रही है. इस कदम को भारत-केंद्रित वैश्विक निवेश रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
भारतीय स्टार्टअप्स और ग्रोथ स्टेज कंपनियों में निवेश
ड्यूनविस्टा कैपिटल का यह फंड मुख्य रूप से भारतीय स्टार्टअप्स और ग्रोथ-स्टेज कंपनियों में निवेश करेगा. इसके साथ ही कंपनी प्राइवेट इक्विटी, पब्लिक मार्केट्स, हेज फंड्स और कमोडिटीज में भी चुनिंदा निवेश करेगी, ताकि एक विविध और संतुलित निवेश पोर्टफोलियो तैयार किया जा सके.
भारत से जुड़े प्लेटफॉर्म्स में 100 मिलियन डॉलर की शुरुआती प्रतिबद्धता
कंपनी ने बताया कि वह पहले ही भारत और भारत से जुड़े निवेश प्लेटफॉर्म्स में 100 मिलियन डॉलर का निवेश कर चुकी है. इनमें इंडसब्रिज वेंचर्स शामिल है, जो हाई-ग्रोथ टेक्नोलॉजी कंपनियों पर फोकस करने वाली वेंचर कैपिटल और वेंचर-बिल्डिंग फर्म है. इसके अलावा दुबई स्थित एल डोराडो कैपिटल, जो एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट फर्म और हेज फंड है, उसमें भी निवेश किया गया है.
मुंबई से न्यूयॉर्क तक, मल्टी-ज्यूरिस्डिक्शन प्लेटफॉर्म
ड्यूनविस्टा कैपिटल मुंबई, दुबई, न्यूयॉर्क, लंदन और सिंगापुर में अपनी मौजूदगी रखती है और इसे एक मल्टी-ज्यूरिस्डिक्शन इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म के रूप में संरचित किया गया है. कंपनी के मुताबिक, मौजूदा फंड साइकिल के दौरान भारत कैपिटल डिप्लॉयमेंट और निवेश निर्णयों का अहम केंद्र बना रहेगा.
‘भारतीय उद्यमियों को चाहिए पेशेंट कैपिटल’
ड्यूनविस्टा कैपिटल के CEO मयंक सिंहवी ने कहा कि ऐसे समय में जब भारतीय फाउंडर्स मजबूत और मुनाफे वाली कंपनियां बना रहे हैं, उन्हें ऐसे पेशेंट कैपिटल की जरूरत है जो स्थानीय परिस्थितियों और वैश्विक बाजारों दोनों को समझता हो. उन्होंने कहा कि कंपनी खास तौर पर भारतीय कंपनियों, विशेष रूप से महिला-नेतृत्व वाले व्यवसायों को समर्थन देने पर ध्यान देगी, ताकि वे टिकाऊ तरीके से विस्तार कर सकें और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कदम रख सकें.
प्राइवेट इक्विटी में कंट्रोल और माइनॉरिटी स्टेक पर नजर
कंपनी की प्राइवेट इक्विटी रणनीति कैश-फ्लो जनरेट करने वाली कंपनियों में कंट्रोल और माइनॉरिटी हिस्सेदारी लेने पर केंद्रित होगी. इसके तहत ड्यूनविस्टा कैपिटल ऑपरेशनल सहयोग, मर्जर और एक्विजिशन विशेषज्ञता के जरिए फाउंडर्स के साथ मिलकर काम करेगी. गवर्नेंस, स्केलिंग रणनीतियों और क्रॉस-बॉर्डर विस्तार पर भी विशेष जोर रहेगा.
पब्लिक मार्केट, हेज फंड और कमोडिटीज में भी निवेश
स्टार्टअप और प्राइवेट इक्विटी निवेश के अलावा, ड्यूनविस्टा कैपिटल पब्लिक मार्केट्स में लॉन्ग-टर्म इक्विटी और फिक्स्ड इनकम पोर्टफोलियो, विशेष ग्लोबल हेज फंड्स और ऊर्जा, धातु तथा कृषि जैसी कमोडिटीज में भी पूंजी लगाएगी. इसका उद्देश्य निवेश में विविधता लाना और लंबे समय तक पूंजी संरक्षण सुनिश्चित करना है.
भारतीय नेतृत्व वाली टीम, स्टार्टअप इकोसिस्टम पर रहेगा फोकस
ड्यूनविस्टा कैपिटल की लीडरशिप टीम में भारतीय अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, प्राइवेट इक्विटी और इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टिंग का व्यापक अनुभव है. कंपनी ने कहा कि दावोस लॉन्च के बाद वह भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ सक्रिय रूप से जुड़ना शुरू करेगी, जिसमें फाउंडर-लेड और महिला-लेड कंपनियों पर खास फोकस रहेगा.
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