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PLI स्कीम चलते इस नामी मोबाइल कंपनी में पैदा हो सकते हैं नौकरी के नए अवसर
केन्द्र सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में पीएलआई स्कीम की शुरुआत की है जिसके बाद इसका फायदा लेते हुए मोबाइल सेक्टर में काम करने वाली कई कंपनियां अपना उत्पादन बढ़ाने की तैयारी कर रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
केन्द्र सरकार ने देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई स्कीम की शुरुआत की है. इस योजना को प्रोडक्शन लिंक स्कीम के नाम से भी जाना जाता है. इस योजना के आने के बाद कई नामी कंपनियां देश में अपना प्रोडक्शन बढ़ाने को लेकर विचार कर रही हैं. इन्हीं में एक है नामी मोबाइल कंपनी एप्पल. मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि आने वाले दिनों में एप्पल सरकार की इस योजना का फायदा उठाते हुए अपनी मैन्युफैक्चरिंग में इजाफा कर सकती है. मीडिया रिपोर्ट ये भी कह रही है कि कंपनी वित्त वर्ष 24 तक 1 लाख 30 हजार से ज्यादा नौकरियों के अवसर पैदा सकती है. अगर ऐसा होता है तो मोबाइल प्रोडक्शन के सेक्टर में देश में अच्छा रोजगार पैदा हो सकता है.
क्या है सरकार की इस योजना का मकसद
सरकार की इस योजना का मकसद देश में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देना है. इस योजना के जरिए सरकार वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना, देश में निवेश लाना, एक्सपोर्ट बढ़ाना और इंपोर्ट कम करना है. सरकार इसी मकसद से इस सेक्टर को पीएलआई स्कीम का फायदा दे रही है. खुद केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव कह चुके हैं कि आने वाले वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम मैन्यूफैक्चरिंग तेजी से बढ़ने जा रहा है. वो ये भी कह चुके हैं एप्पल अब तक देश में 1 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार दे चुका है. वहीं मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि एप्पल वित्त वर्ष 26 तक 3 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार देने की योजना पर भी काम कर रहा है.
मोबाइल के बाजार पर पड़ा है असर
वहीं इस सेक्टर के जानकारों का कहना है कि पिछले सात सालों में मोबाइल सेक्टर में अलग-अलग कंपनियों ने जिस तरह से देश में अपना कारोबार शुरू किया है उसके बाद देश में 20 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है. अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक की तिमाही में गिरावट के बावजूद मोबाइल कंपनी xiaomi पहले स्थान पर रही है. इस तिमाही में मोबाइल फोन की बिक्री लगभग 3 करोड़ रही है जबकि पिछले साल ये 4 करोड़ से ज्यादा थी.
इस बाजार पर महंगाई का भी पड़ा है असर
देश में लगातार बढ़ रही ब्याज दरों और महंगाई के कारण मोबाइल के अलग-अलग सेगमेंट की बिक्री पर भी इसका बुरा असर पड़ा है. महंगाई बढ़ने के कारण कंज्यूमर की डिमांड में कमी आई है. 25 हजार से कम की कैटेगिरी में स्मार्टफोन की शिपमेंट 15 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है जबकि 41 हजार से कम और ज्यादा की मिड प्राइस कीमत वाले फोन के शिपमेंट में 15 और 22 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है.
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