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अडानी ग्रुप के मुंद्रा पोर्ट पर फिर पकड़ी गई ड्रग्स की खेप, कीमत 350 करोड़!
पिछले साल सितंबर में मुंद्रा पोर्ट से 21,000 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त हुए थे. साल भर भी नहीं हुआ एक बार फिर मुंद्रा पोर्ट से 350 करोड़ रुपये की हेरोइन मिली है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: अडानी ग्रुप के मुंद्रा पोर्ट पर एक बार फिर ड्रग्स पकड़े जाने की खबर मिली है. गुजरात की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) और डायरेक्टरेट रेवेन्यू इंटेलीजेंस (DRI) ने 70 किलो हेराइन जब्त की है, जिसकी कीमत करीब 350 करोड़ रुपये है. साल भर के अंदर मुंद्रा पोर्ट पर ड्रग्स पकड़े जाने की ये दूसरी बड़ी घटना है.
अडानी ग्रुप के मुंद्रा पोर्ट पर फिर मिला ड्रग्स
सूत्रों के हवाले से मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी खाड़ी देश से चला एक कंटेनर सोमवार की सुबह कच्छ जिले के मुंद्रा पोर्ट पर उतरा, DRI और ATS ने तुरंत ही उस कंटेनर को अपने कब्जे में ले लिया. शिपिंग बिल और कस्टम पेपर्स में बताया गया कि ये एक टेक्सटाइल से भरा कंटेनर है, हालांकि जब इसकी जांच पड़ताल की गई तो इसमें जांच एजेंसीज को हेरोइन मिली. सूत्रों के मुताबिक इसका सही-सही वजन क्या है और इसकी कीमत कितनी हो सकती है, अभी इसका आंकलन किया जा रहा है. हालांकि बताया जा रहा है कि हेरोइन का वजन 70 किलोग्राम हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक गुजरात डायरेक्टर जनरल पुलिस आशीष भाटिया आज दोपहर में इसे लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं और इस ऑपरेशन की जानकारी मीडिया से साझा कर सकते हैं.
दूसरी बार पकड़ा गया ड्रग्स का खेप
जैसा कि हमने आपको बताया कि ये साल भर के अंदर दूसरी घटना है, जब मुंद्रा पोर्ट पर इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स की बरामदगी हुई है. पिछले साल सितंबर में भी DRI ने 3000 किलोग्राम प्रतिबंधित हेरोइन पकड़ी थी. ये देश के इतिहास की सबसे बड़ी नशे की खेप थी, जिसे पकड़ा गया. इस ड्रग्स को दो कंटनरों में लाया गया था. एक कंटेनर से 1999.57 किलोग्राम और दूसरे कंटेनर से 988.64 किलोग्राम हीरोइन पकड़ी गई. पहले ये बताया गया कि 3500 करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त हुआ, लेकिन 6 दिन बाद जब उसकी कीमत निकाली गई तो लोगों के होश उड़ गए, इसकी कीमत 210000 करोड़ रुपये आंकी गई.
कहां से आई थी खेप
माना जाता है कि ये ड्रग्स अफगानिस्तान के कंधार से ईरान के बंदर अब्बास पोर्ट और फिर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट भेजा गया. ED के सूत्रों के मुताबिक आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक लिस्टेड कंपनी ने मंगवाया था. पेपर्स में इसे सेमी प्रोसेस्ड टैल्क पत्थर बताया गया था यानी आसान भाषा में समझें तो सुगंधित पाउडर. इस कंटेनर को मंगाने वाली कंपनी को चलाने वालों का गिरफ्तार कर लिया गया.
राजनीतिक मुद्दा बना
मुंद्रा पोर्ट अडानी ग्रुप चलाती है, इसमें अडानी का नाम आने से ये राजनीतिक मुद्दा भी बना, कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाए कि वो इस मामले पर चुप क्यों है. कांग्रेस ने सभी एजेंसियों से इस मामले की जांच कराने की मांग भी की. कांग्रेस ने कहा कि मुंद्रा पोर्ट पर ही ड्रग्स क्यों पहुंच रहे हैं बाकी पोर्ट पर क्यों नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए.
अडानी ग्रुप ने दी थी सफाई
तब इस मामले में अडानी का नाम आने पर अडानी ग्रुप की ओर से सफाई भी दी गई. ग्रुप ने कहा कि कानून भारत सरकार के सीमा शुल्क और DRI के सक्षम अधिकारियों को गैरकानूनी कार्गो को खोलने, जांच करने और जब्त करने का अधिकार देता है. देश भर में कोई भी पोर्ट ऑपरेटर कंटेनर की जांच नहीं कर सकता है. उनकी भूमिका बंदरगाह चलाने तक सीमित है. अब देखना ये है कि इस नई ड्रग्स बरामदगी के बाद अडानी पोर्ट की ओर से क्या सफाई आती है और क्या ये एक बार फिर राजनीतिक मुद्दा बनेगा.
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