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जुलाई में घरेलू हवाई यातायात 4.8% घटा, IndiGo का दबदबा कायम; 67.4% रही बाजार हिस्सेदारी
1.20 करोड़ यात्रियों ने की घरेलू उड़ानों से यात्रा, Akasa Air का लोड फैक्टर सबसे ज्यादा 91.9%
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 hours ago
भारत के घरेलू विमानन क्षेत्र में जुलाई 2026 में यात्री यातायात में सालाना आधार पर 4.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, यात्रियों की संख्या घटने के बावजूद एयरलाइंस ने सीटों का बेहतर इस्तेमाल किया. नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में घरेलू एयरलाइंस ने करीब 1.20 करोड़ यात्रियों को उड़ान सेवा दी, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह आंकड़ा करीब 1.26 करोड़ था.
IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 67.4%
घरेलू विमानन बाजार में IndiGo का दबदबा जुलाई में भी कायम रहा. एयरलाइन ने महीने के दौरान 80.82 लाख यात्रियों को उड़ान सेवा दी और कुल घरेलू यात्री यातायात में इसकी हिस्सेदारी 67.4 फीसदी रही. Air India और Air India Express को मिलाकर बने Air India Group ने जुलाई में 28.75 लाख यात्रियों को सफर कराया. दोनों एयरलाइंस की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 24 फीसदी रही. वहीं, Akasa Air ने 6.65 लाख यात्रियों के साथ 5.5 फीसदी बाजार हिस्सेदारी हासिल की.
SpiceJet की बाजार हिस्सेदारी 1.6 फीसदी रही. इसके अलावा Star Air की 0.7 फीसदी, Fly91 की 0.5 फीसदी, Alliance Air की 0.4 फीसदी और IndiaOne Air की हिस्सेदारी 0.1 फीसदी से कम रही. इस तरह IndiGo और Air India Group ने मिलकर जुलाई में घरेलू हवाई यातायात का 90 फीसदी से अधिक हिस्सा अपने नाम किया.
Akasa Air का लोड फैक्टर सबसे ज्यादा
यात्रियों की संख्या में गिरावट के बावजूद एयरलाइंस ने विमानों में उपलब्ध सीटों का अच्छा इस्तेमाल किया. जुलाई में Akasa Air का पैसेंजर लोड फैक्टर सबसे अधिक 91.9 फीसदी रहा. इसके बाद SpiceJet का 84.1 फीसदी, Air India Group का 83.2 फीसदी और IndiGo का 82.4 फीसदी रहा. लोड फैक्टर से पता चलता है कि किसी एयरलाइन की उपलब्ध सीटों में से कितनी सीटों पर यात्रियों ने यात्रा की.
0.62% रही उड़ानों की कैंसिलेशन दर
DGCA के आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में निर्धारित घरेलू एयरलाइंस की कुल कैंसिलेशन दर 0.62 फीसदी रही. इनमें तकनीकी कारण सबसे बड़ी वजह रहे, जिनकी हिस्सेदारी 39.9 फीसदी थी. परिचालन संबंधी कारणों से 27.4 फीसदी उड़ानें रद्द हुईं, जबकि मौसम संबंधी कारणों की हिस्सेदारी 22.7 फीसदी रही. जुलाई में एयरलाइंस को यात्रियों से कुल 2,196 शिकायतें मिलीं. यह प्रति 10,000 यात्रियों पर करीब 1.83 शिकायत के बराबर है.
समय पर उड़ान के मामले में भी IndiGo आगे
देश के 10 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर प्रमुख घरेलू एयरलाइंस के बीच समय पर उड़ान भरने के मामले में IndiGo सबसे आगे रही. जुलाई में उसका ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) 91.2 फीसदी रहा. Akasa Air 90.8 फीसदी OTP के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि Air India Group का OTP 88.5 फीसदी रहा. Alliance Air का OTP 76 फीसदी और SpiceJet का 34.6 फीसदी रहा.
हवाई अड्डों की बात करें तो चेन्नई एयरपोर्ट ने 96.7 फीसदी के साथ सबसे बेहतर ऑन-टाइम परफॉर्मेंस दर्ज किया. इसके बाद बेंगलुरु 94 फीसदी और हैदराबाद 92.4 फीसदी के साथ रहे.
उड़ानों में देरी की सबसे बड़ी वजह 'रिएक्शनरी' कारण
जुलाई में उड़ानों में देरी की सबसे बड़ी वजह रिएक्शनरी कारण रहे. कुल देरी में इनकी हिस्सेदारी 65 फीसदी रही. परिचालन संबंधी और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़ी समस्याओं की हिस्सेदारी 7-7 फीसदी रही.
तकनीकी और मौसम संबंधी कारणों से होने वाली देरी की हिस्सेदारी 6-6 फीसदी रही. यात्रियों से जुड़े कारण 3 फीसदी, एयरपोर्ट से संबंधित कारण 2 फीसदी और रैंप से जुड़े कारण 1 फीसदी रहे. बाकी 3 फीसदी देरी अन्य कारणों से हुई.
क्षमता में संतुलित बढ़ोतरी से यातायात पर असर
जुलाई में घरेलू हवाई यातायात में गिरावट के पीछे यात्रा गतिविधियों में मौसमी नरमी और एयरलाइंस की ओर से क्षमता को नियंत्रित तरीके से बढ़ाना प्रमुख कारण रहे. हालांकि, मजबूत पैसेंजर लोड फैक्टर से संकेत मिलता है कि उपलब्ध सीटों का इस्तेमाल अभी भी बेहतर स्तर पर हुआ, भले ही कुल यात्री यातायात में सालाना आधार पर कमी दर्ज की गई.
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