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जानते हैं आखिर कौन है सबसे ज्यादा बेरोजगार? जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे?
रिपोर्ट कहती है कि स्वरोजगार और वेतन प्राप्त करने वाले लोगों में स्वरोजगार से जुड़े लोगों की संख्या में ज्यादा इजाफा हुआ है. लेकिन वेतन देने वाली नौकररयों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
हमारे देश की कुछ प्रमुख समस्याओं में एक है बेरोजगारी. ये समस्या ऐसी है जिसका हल निकालने का दावा हर राजनीतिक दल करता है लेकिन ये समस्या है कि बढ़ती जा रही है. पहले कहा जाता था कि अगर पढ़ोगे लिखोगे नहीं तो कुछ नहीं कर पाओगे. लेकिन कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज की रिपोर्ट कुछ अलग ही बात सामने रख रही है. रिपोर्ट कहती है कि हमारे देश में सबसे ज्यादा पढ़े लिखे लोग बेरोजगार हैं, और इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है.
क्या कहती है ये रिपोर्ट?
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बेरोजगारी को लेकर कोटक इंस्टीट्यूशनल सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में कई तथ्य निकलकर सामने आए हैं. रिपोर्ट कहती है कि जून 2023 तक हमारे देश में ऐसे 12.1 प्रतिशत लोग हैं जो डिप्लोमाधारी होते हुए बेरोजगार हैं, जबकि स्नातकों का बेरोजगारी प्रतिशत 13.4 प्रतिशत और परास्नातकों के लिए ये 12.1 प्रतिशत है. रिपोर्ट कहती है कि जिन लोगों ने डिग्री या डिप्लोमा लिया है उनके बेरोजगारी प्रतिशत में पिछले पांच सालों में इजाफा हुआ है. यही नहीं बेरोजगारों की संख्या और नौकरी के अवसरों में बड़ा अंतर है. रिपोर्ट कहती है कि उसको भरने में काफी समय लगेगा.
क्वॉलिटी जॉब में नहीं हुआ है इजाफा
कोटक की बेरोजगारी पर सामने आई ये रिपोर्ट बताती है कि हमारे देश में 2018 से लेकर 2023 तक बेरोजगारी दर में कमी आई है. लेकिन ये कमी लोगों को स्वरोजगार मिलने के कारण आई है. वहीं अगर वेतन वाली जॉब की संख्या का आंकड़ा देखें तो उसमें कोई खास इजाफा नहीं हुआ है. इसका मतलब ये है कि ये देश में क्वॉलिटी जॉब में इजाफा नहीं हुआ है. रिपोर्ट कहती है कि स्वरोजगार के आंकड़ों में 510 आधार अंकों की बढ़ोतरी हुई है. इसमें भी विशेष रूप से महामारी के दौरान घरेलू सहायकों में 470 आधार अंकों की बढ़ोतरी हुई है. जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा स्वरोजगार पैदा हुआ है उनमें कृषि, व्यापार और परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं.
किसके वेतन में कितना हुआ इजाफा?
वहीं स्वरोजगार करने वाले और वेतनभोगी लोगों की सैलरी में इजाफे पर नजर डालें तो पता चलता है कि वेतनभोगी श्रमिकों के वेतन में 3.4 प्रतिशत सीएजीआर का इजाफा हुआ है जबकि स्वरोजगार व्यक्तियों की सकल आय में 1.8 प्रतिशत सीएजीआर का इजाफा हुआ है. रिपोर्ट ये भी कह रही है कि आने वाले समय में आईटी सेक्टर से संबंध रखने वाले कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. क्योंकि उन्हें लागत कटौती की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है.
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