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वर्ल्ड लीडर्स के मुकाबले कितनी है Modi की सैलरी, कौन है इस मामले में किंग?
आर्थिक तंगी का सामना कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की सैलरी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी ज्यादा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था अमेरिका (America) की मानी जाती है. दुनिया का सबसे ताकतवर देश भी अमेरिका ही है. इस लिहाज से देखे जाए तो अमेरिका के राष्ट्रपति की सैलरी भी सबसे ज्यादा होनी चाहिए, लेकिन ऐसा है नहीं. दुनिया में सालाना सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राष्ट्र प्रमुखों में पहला नंबर सऊदी अरब (Saudi Arabia) के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल-सऊद का है. उनकी सैलरी 9.6 अरब डॉलर है. इस मामले में यूएई का दूसरा नंबर है. यहां के राष्ट्राध्यक्ष को सालाना 4.61 अरब डॉलर की सैलरी मिलती है. तीसरे नंबर पर कुवैत है, जहां के राष्ट्र प्रमुख की सैलरी 16.5 करोड़ डॉलर है.
Monaco चौथे नंबर पर
दुनिया के सबसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति जो बाइडेन इस लिस्ट में 12वें नंबर पर हैं. चौंकाने वाली बात ये है कि पूरी दुनिया की नाक में दम करने वाले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और अर्जेंटीना एवं वेनेजुएला के राष्ट्रपतियों की भी कम सैलरी मिलती है. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मामले में जिनपिंग से आगे हैं. इस लिस्ट में टॉप 3 पोजीशन पर खाड़ी देशों के राष्ट्र प्रमुख हैं. इसके बाद यूरोपीय देश Monaco के हेड ऑफ स्टेट Albert II का नंबर है, उनकी सालाना सैलरी 5.2 करोड़ डॉलर है.
बाकी का ऐसा है हाल
World of Statistics के मुताबिक, दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राष्ट्र प्रमुखों में नॉर्वे के राष्ट्राध्यक्ष पांचवें पायदान पर हैं, उन्हें सालाना 3.3 करोड़ डॉलर की सैलरी मिलती है. इसके बाद स्वीडन के राष्ट्र प्रमुख को 1.6 करोड़ डॉलर, डेनमार्क के प्रमुख को 1.1 करोड़ डॉलर, नीदरलैंड के प्रमुख को 60 लाख डॉलर और जापान के राष्ट्र प्रमुख को 30 लाख डॉलर बतौर सैलरी मिलते हैं. स्विट्जरलैंड में हेड ऑफ स्टेट की वार्षिक सैलरी 507 मिलियन डॉलर और आयरलैंड के राष्ट्राध्यक्ष की 401 मिलियन डॉलर है.
बाइडेन कमाते हैं इतना
दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति जो बाइडेन की सालाना सैलरी 400 मिलियन डॉलर (करीब 33,37,11,00 रुपए) है. इसी तरह, ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्र प्रमुख को 378 हजार डॉलर, स्पेन (304 हजार डॉलर), कनाडा (290 हजार डॉलर), इटली (275 हजार डॉलर), जर्मनी (268 हजार डॉलर), साउथ कोरिया (211 हजार डॉलर), तुर्की (197 हजार डॉलर), फ्रांस (194 हजार डॉलर), चेक (149 हजार डॉलर), फिनलैंड (141 हजार डॉलर) और ब्राजील के हेड ऑफ स्टेट को बतौर सैलरी 102 हजार डॉलर की एनुअल सैलरी मिलती है.
एशिया के राष्ट्र प्रमुखों की सैलरी
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बात करें, तो उनकी सालाना 84 हजार डॉलर यानी करीब 70,07,931 रुपए है. जबकि हमारे पड़ोसी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की एनुअल सैलरी 65 हजार डॉलर है और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सैलरी 22 हजार डॉलर है. इसी तरह, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री Sheikh Hasina की सालाना सैलरी 17 हजार डॉलर और श्रीलंका के राष्ट्रपति Ranil Wickremesinghe की सैलरी 7 हजार डॉलर है. वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को 136 हजार डॉलर मिलते हैं. बता दें कि पाकिस्तान आर्थिक तंगी से गुजर रहा है. इसके बावजूद वहां के प्रधानमंत्री की सैलरी चीन के राष्ट्रपति से कम है.
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