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डिजिटल प्लेटफॉर्म को पब्लिशर्स के साथ राजस्व साझा करना चाहिए: अश्विनी वैष्णव
अश्विनी वैष्णव ने स्वैच्छिक राजस्व-साझाकरण ढांचे की मांग की, डीपफेक खतरे और AI कंटेंट के लिए जिम्मेदारी पर जोर दिया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से अपील की कि वे न्यूज़ पब्लिशर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए न्यायसंगत मुआवजा और राजस्व-साझाकरण तंत्र लागू करें. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्वैच्छिक उपाय काम नहीं करते हैं तो कानूनी विकल्प हमेशा उपलब्ध हैं.
राजस्व-साझाकरण के लिए पुनर्विचार की आवश्यकता
DNPA Conclave 2026 को संबोधित करते हुए, मंत्री ने प्लेटफॉर्म्स से कहा कि उन्हें अपनी मौजूदा राजस्व-साझाकरण नीतियों पर पुनर्विचार करना चाहिए ताकि डिजिटल कंटेंट इकोसिस्टम में मूल्य का न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित हो. उन्होंने जोर दिया कि पारंपरिक न्यूज पब्लिशर्स और स्वतंत्र क्रिएटर्स चाहे वे दूरदराज इलाकों से काम कर रहे हों, उन्हें उनके बौद्धिक संपदा के लिए उचित मुआवजा मिलना चाहिए.
वैष्णव ने कहा कि कॉपीराइटेड सामग्री के लिए अपर्याप्त मुआवजे की समस्या केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बनी हुई है. कई देशों ने ऐसे नियामक ढांचे बनाए हैं जो प्लेटफॉर्म्स को पब्लिशर्स के साथ भुगतान पर बातचीत करने के लिए बाध्य करते हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि यदि स्वैच्छिक प्रयास पर्याप्त नहीं रहे, तो भारत में भी ऐसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है.
डीपफेक और सिंथेटिक मीडिया से खतरे
मंत्री ने डीपफेक और सिंथेटिक मीडिया के बढ़ते जोखिमों पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थान जैसे न्यायपालिका, विधानमंडल और मीडिया भरोसे पर आधारित हैं, जो अब मैनिपुलेटेड डिजिटल कंटेंट के कारण चुनौती का सामना कर रहे हैं. वैष्णव ने चेतावनी दी कि AI टूल्स का दुरुपयोग करके वास्तविक लेकिन भ्रामक तस्वीरें, ऑडियो और वीडियो बनाने से जनता का विश्वास कमजोर हो सकता है और बहस का स्वरूप भी विकृत हो सकता है.
प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी
मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्लेटफॉर्म्स को वे कंटेंट जो होस्ट करते हैं उसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति का चेहरा, आवाज़ या पहचान उपयोग करके बनाई गई सिंथेटिक सामग्री बिना स्पष्ट सहमति के उत्पादित या साझा नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि भ्रामक और हानिकारक सामग्री का फैलाव एक बढ़ती चुनौती है, जिसका प्रभाव नागरिकों की सुरक्षा और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर भी पड़ सकता है.
प्लेटफॉर्म्स को जवाबदेही बढ़ानी होगी
वैष्णव ने कहा कि इंटरनेट के बदलते स्वरूप के कारण प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदारी बढ़ाने और दुरुपयोग से बचाव के लिए सुरक्षा उपाय लागू करने की आवश्यकता है. सहमति, प्रामाणिकता और सुरक्षा के सिद्धांतों का पालन न करने पर नियामक जांच और कानूनी जोखिम बढ़ सकते हैं.
उन्होंने नीति निर्माताओं और टेक्नोलॉजी कंपनियों के बीच सहयोग बढ़ाने की अपील की, ताकि कॉपीराइट संरक्षण, डीपफेक और न्यायसंगत मूल्य-साझाकरण से जुड़ी चुनौतियों का समाधान किया जा सके.
वैष्णव के ये बयान वैश्विक स्तर पर जारी बहसों में शामिल हैं, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा पब्लिशर्स को मुआवजा देने, AI कंटेंट को नियंत्रित करने और उपयोगकर्ताओं को भ्रामक या सिंथेटिक मीडिया से सुरक्षित रखने के तरीकों पर चर्चा की जा रही है.
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