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कल गिरावट के बावजूद बाजार में दिखी मजबूती, जानिए आज कहां है कमाई का मौका?
सोमवार को शेयर बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, जहां सेंसेक्स 271 अंक और निफ्टी 74 अंक नीचे रहे, बावजूद इसके बाजार में सकारात्मक संकेत देखे गए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
सोमवार यानि 20 मई 2024 को भारतीय शेयर बाजार हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, बावजूद इसके बाजार में दीर्घकालिक निवेश के लिए सकारात्मक रुझान दिखाई दिए. मई महीने में विदेशी निवेशकों की सक्रियता और मजबूत तिमाही नतीजों ने बाजार को सपोर्ट किया है. विश्लेषकों का मानना है कि कुछ चुनिंदा कंपनियां निवेश के लिए मुफीद हैं, वहीं कुछ क्षेत्रों में जोखिम बना हुआ है. इस समय DLF, HAL और CAG जैसी कंपनियों में दीर्घकालिक निवेश पर विचार किया जा सकता है. वहीं, अडानी समूह और सीमेंट क्षेत्र के शेयरों से अल्पकालिक दूरी बनाना समझदारी होगी.
गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्ट और निफ्टी
कल यानी सोमवार को कारोबार के अंत में सेंसेक्स 271.17 अंक यानी 0.33 फीसदी की गिरावट के साथ 82,059.42 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं निफ्टी 74.35 अंक यानी 0.30 फीसदी की गिरावट के साथ 24,945.45 के स्तर पर बंद हुआ.
इन शेयरों पर दांव लगाने की सलाह
1. DLF लिमिटेड: रियल एस्टेट सेक्टर की अग्रणी कंपनी DLF ने मार्च तिमाही में ₹920.7 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया है, जो साल दर साल 61.5% की बढ़त है. कंपनी की लॉन्च पाइपलाइन और लैंड बैंक इसे भविष्य के लिए मजबूत स्थिति में लाते हैं. Edelweiss ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस ₹1,081 तय किया है.
2. क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण (CAG): माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र की यह प्रमुख कंपनी वित्तीय रूप से लगातार मजबूत हो रही है. चौथी तिमाही में ₹397.1 करोड़ का मुनाफा और शाखाओं का विस्तार निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र है. KR Choksey ने ₹1,850 का लक्ष्य मूल्य सुझाया है.
3. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL): रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की मुहिम का लाभ HAL को मिल रहा है. ₹1.8 लाख करोड़ की ऑर्डर बुक और स्वदेशी रक्षा उत्पादों पर फोकस इसे एक दीर्घकालिक निवेश का अवसर बनाता है. Motilal Oswal ने इसका टारगेट ₹5,100 रखा है.
इनसे फिलहाल दूरी बनाना फायदेमंद
1. अडानी समूह की कंपनियां: SEBI की सख्ती और विदेशी फंड्स से जुड़े विवादों के चलते अदानी समूह की कंपनियों पर फिर से निगरानी बढ़ गई है. इस कारण अल्पकालिक अस्थिरता बनी रह सकती है.
2. सीमेंट सेक्टर: मानसून के चलते मांग में गिरावट और कीमतों में स्थिरता की वजह से सीमेंट कंपनियों की ग्रोथ फिलहाल सीमित रह सकती है. निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए.
इन शेयरों में 57 प्रतिशत की गिरावट के संकेत
ब्रोकरेज फर्मों ने कम से कम 5 ऐसे स्टॉक्स की पहचान की है, जिनमें उन्हें मौजूदा स्तर से करीब 57% तक की गिरावट आने का अनुमान है. ब्रोकरेज का कहना है कि इन कंपनियों के हालिया मार्च तिमाही के नतीजे बाजार के अनुमानों के मुताबिक नहीं रहे हैं, ऐसे में निवेशकों को इन शेयरों को लेकर सतर्क रहना है. इस लिस्ट में भेल (BHEL), कोचिन शिपयार्ड (Cochin Shipyard), इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) और टाटा पावर (Tata Power) के शेयर शामिल हैं.
बाजार का व्यापक परिदृश्य
मई में अब तक ₹18,620 करोड़ का विदेशी निवेश भारतीय इक्विटी बाजार में आया है, जिससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि भारत एक बार फिर वैश्विक निवेशकों का पसंदीदा बाजार बन रहा है. हालांकि, वैश्विक अनिश्चितताओं और आगामी लोकसभा चुनावों की हल
(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)
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