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भारत की वृद्धि से बढ़ेगी प्रोफेशनल वेल्थ मैनेजमेंट की मांग: SEBI प्रमुख
देश की आर्थिक प्रगति अमीर निवेशकों को आकर्षित करेगी और पेशेवर निवेश समाधान की ओर रुख तेज करेगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनियम बोर्ड (SEBI) के चेयरमैन तुहिन कुमार पांडेय ने सोमवार को कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि देश में धन और निवेशक परिदृश्य में महत्वपूर्ण बदलाव लाएगी, जिससे अमीर निवेशकों की संख्या बढ़ेगी और वे पेशेवर रूप से प्रबंधित निवेश समाधानों की मांग करेंगे.
भारत की तेज आर्थिक वृद्धि और अमीर निवेशक
पोर्टफोलियो मैनेजर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए पांडेय ने कहा कि भारत प्रमुख उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेजी से बढ़ने वाला देश बना हुआ है और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है. उन्होंने कहा कि इस आर्थिक विकास का असर अमीर निवेशकों की संख्या में भी दिखाई देगा.
पांडेय ने बताया कि ऐसे निवेशक अब पारंपरिक उत्पादों से आगे देख रहे हैं और वे पेशेवर रूप से प्रबंधित निवेश समाधान चाहते हैं.
SEBI द्वारा नियामक समीक्षा
पांडेय ने कहा कि SEBI वर्तमान में लिस्टिंग ऑब्लिगेशंस और डिस्क्लोज़र रिक्वायरमेंट्स (LODR), सेटलमेंट नियम और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) नियमों की समीक्षा कर रहा है. उनका कहना था कि यह समीक्षा उद्योग और निवेशकों से प्राप्त फीडबैक के आधार पर नियमों के तर्कसंगत सुधार के लिए की जा रही है.
PMS नियमों में प्रस्तावित बदलावों पर सार्वजनिक सुझावों के लिए SEBI जल्द ही एक परामर्श पत्र जारी करेगा. पांडेय ने स्पष्ट किया कि PMS नियमों की समीक्षा 2020 से पहचाने गए कुछ पहलुओं को तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता के कारण की जा रही है, और समीक्षा का अंतिम दायरा अभी तय नहीं हुआ है क्योंकि प्रस्ताव अभी विकास के चरण में हैं.
बाजार स्थिरता और तकनीकी निगरानी
बाजार स्थिरता और तकनीक से जुड़े सवालों के जवाब में पांडे ने कहा कि SEBI अब केवल प्रतिक्रियात्मक प्रवर्तन पर निर्भर रहने के बजाय बाजार में गड़बड़ियों का वास्तविक समय में पता लगाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग पर विचार कर रहा है.
कॉर्पोरेट बॉन्ड और उद्योग सहयोग
पांडेय ने कहा कि SEBI और Reserve Bank of India (RBI) मिलकर एक कॉर्पोरेट बॉन्ड इंडेक्स और संबंधित उत्पाद विकसित कर रहे हैं, जिन्हें एक्सचेंजों पर ट्रेड किया जाएगा . उन्होंने कहा कि यह उत्पाद दोनों संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आता है, क्योंकि इसे एक्सचेंज पर ट्रेड किया जाएगा.
उद्योग की चिंताओं पर पांडे ने कहा कि SEBI ब्रोकर्स द्वारा प्रस्तुत आरबीआई मार्गदर्शन, कोलेटरल और बैंक गारंटी से संबंधित प्रतिनिधित्वों की जांच करेगा . उन्होंने कहा कि नियामक उनके दृष्टिकोण पर विचार करेगा ताकि प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग को अधिक सुचारू बनाया जा सके .
इस प्रकार SEBI भारत में पेशेवर वेल्थ मैनेजमेंट के लिए आवश्यक संरचनात्मक बदलावों और तकनीकी निगरानी के जरिए निवेशकों की सुरक्षा और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है .
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