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भारत में रक्षा उत्पादन ने बनाया नया रिकॉर्ड, 2024-25 में पहुंचा 1.46 लाख करोड़ रुपये के पार
वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय रक्षा क्षेत्र में 1.46 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड उत्पादन और 24,000 करोड़ रुपये के निर्यात ने इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बना दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.46 लाख करोड़ रुपये के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है. यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष 2023-24 के 1.27 लाख करोड़ रुपये की तुलना में 15% अधिक है. ये जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) सम्मेलन में साझा की है. आइए जानते हैं रक्षा मंत्री ने और क्या बताया है?
रक्षा निर्यात में भी ऐतिहासिक उछाल
राजनाथ सिंह ने बताया कि रक्षा वस्तुओं का निर्यात भी उल्लेखनीय वृद्धि के साथ 24,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. यह 2023-24 में दर्ज 21,083 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 14% अधिक है. उन्होंने इस उपलब्धि को आत्मनिर्भर भारत अभियान और 'मेक इन इंडिया' पहल का सकारात्मक परिणाम बताया.
निजी क्षेत्र का बढ़ता योगदान
रक्षा मंत्री ने सम्मेलन में कहा कि कुल रक्षा उत्पादन में निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है. वित्त वर्ष 2024 में निजी कंपनियों का योगदान 32,000 करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो कुल उत्पादन का लगभग 22% है. पिछले साल यह हिस्सेदारी 20.8% थी, जो निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है.
एएमसीए परियोजना में निजी क्षेत्र को भी मिलेगा अवसर
राजनाथ सिंह ने यह भी घोषणा की कि एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) परियोजना में पहली बार निजी क्षेत्र को सार्वजनिक कंपनियों की तरह बड़े रक्षा प्रोजेक्ट में भागीदारी का मौका मिलेगा. उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत पहले पांच प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे, जिसके बाद बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होगा. रक्षा मंत्री ने इसे 'मेक इन इंडिया' की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया.
बता दें, ऑपरेशन सिंदूर में मुंह की खाने के बाद पाकिस्तान चीन से 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत ने मेक इन इंडिया AMCA प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें देश की सरकारी और प्राइवेट कंपनी मिलकर स्वदेशी 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान विकसित करेंगे.
10 वर्षों में 3 गुना से अधिक बढ़ा रक्षा उत्पादन
राजनाथ सिंह ने कहा कि एक दशक पहले भारत में रक्षा उत्पादन महज 43,000 करोड़ रुपये का था, जो अब 1.46 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है. उन्होंने कहा, “यह भारत की आर्थिक ताकत और रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक है.”
रक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि आज भारतीय हथियार, प्रणाली, पुर्जे और सेवाएं लगभग 10 देशों तक निर्यात की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि एक समय पर भारत का रक्षा निर्यात 600-700 करोड़ रुपये तक सीमित था, लेकिन आज यह 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
‘मेक इन इंडिया’ बना राष्ट्रीय सुरक्षा की रीढ़
राजनाथ सिंह ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को देश की सुरक्षा नीति का अभिन्न हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि हाल ही में आतंकवाद के खिलाफ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में स्वदेशी रक्षा प्रणालियों की अहम भूमिका रही है.
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