होम / बिजनेस / उड़ान में गिरावट: Air India के खिलाफ बढ़ता असंतोष और घटती प्रतिष्ठा

उड़ान में गिरावट: Air India के खिलाफ बढ़ता असंतोष और घटती प्रतिष्ठा

Air India अभी भी पुराने परिचालन संबंधी अकार्यक्षमता, बिखरी हुई प्रणालियों और असंगत सेवा वितरण से जूझ रही है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अभिषेक शर्मा

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने सोशल मीडिया साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा कर सचखंड हरमंदिर साहिब के मुख्य ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी रघुबीर सिंह के साथ दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए दुर्व्यवहार की निंदा की. उन्होंने नई दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली एयर इंडिया (Air India) की उड़ान संख्या AI183 के कर्मचारियों पर इस धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण और सम्मानित सिख हस्ती के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने अत्यंत निराशाजनक बताया.

उन्होंने आगे लिखा “यह घटना केवल किसी व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार का मामला नहीं है, बल्कि सिख धर्म और इसकी पूजनीय शख्सियत का अपमान है. इस मामले की तुरंत जांच केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री @RamMNK और @MoCA_GoI द्वारा की जानी चाहिए और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भारत की राष्ट्रीय एयरलाइन किसी भी यात्री के साथ ऐसा व्यवहार न करे जिससे देश की छवि को ठेस पहुंचे,”

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय एयरलाइनों, विशेष रूप से राज्य संचालित सेवाओं के खिलाफ यात्री शिकायतों में वृद्धि हो रही है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के 2024-25 के वार्षिक उपभोक्ता शिकायत आंकड़ों के अनुसार, देश की घरेलू एयरलाइनों के खिलाफ 49,000 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक हैं.

एयर इंडिया, जो अब टाटा समूह (Tata Group) का हिस्सा है लेकिन अभी भी भारत की प्रमुख एयरलाइन मानी जाती है, इन शिकायतों में एक महत्वपूर्ण हिस्सा रखती है. इनमें से कई शिकायतें स्टाफ के व्यवहार, उड़ानों में देरी और सामान की बदइंतजामी से जुड़ी हुई हैं. हालांकि एयरलाइन ने क्रू संवेदनशीलता और यात्री सेवा प्रोटोकॉल जैसे कई आंतरिक सुधारों की घोषणा की है, लेकिन हालिया घटनाएं इन उपायों की प्रभावशीलता और विशेष रूप से धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण व्यक्तियों के प्रति एयरलाइन स्टाफ की संवेदनशीलता पर सवाल उठाती हैं.

कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास ने भी एयर इंडिया के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी के साथ हुई एक परेशान करने वाली यात्रा का ज़िक्र किया, जो उस समय पैर की चोट से उबर रही थीं. X पर 15 अप्रैल 2025 को साझा किए गए एक विस्तृत पोस्ट में, दास ने खराब ग्राउंड असिस्टेंस, टूटी हुई इन-फ्लाइट सुविधाओं और प्रीमियम सेवाओं की बुकिंग के बावजूद बुनियादी सेवाओं की कमी को लेकर एयरलाइन की आलोचना की.

दास ने अपनी पोस्ट में लिखा "प्रिय @airindia, कृपया अपनी व्हीलचेयर वापस ले लीजिए," उन्होंने शुरुआत की, यह बताते हुए कि हालांकि वह एयरलाइन के "आसमान में सबसे अच्छे केबिन क्रू" के कारण "हमेशा वफादार" रहे हैं, लेकिन यह अनुभव उन्हें बेहद निराश कर गया. दास ने बताया कि उन्होंने दिल्ली की उड़ान के लिए एयरलाइन की प्रनाम सेवा और एक व्हीलचेयर पहले से बुक की थी. प्रति सीट ₹50,000 का भुगतान करने के बावजूद, उन्होंने दावा किया कि उनकी पत्नी की सीट रीक्लाइन पोजिशन में फंसी हुई थी और उसका लेग रेस्ट और ट्रे टेबल टूटा हुआ था। "हमें बताया गया कि यह फ्लाइट हाल ही में रिफर्बिश की गई है."

दिल्ली पहुंचने पर, दो घंटे की देरी से, स्थिति कथित रूप से और खराब हो गई. दास ने लिखा, "हम दिल्ली में उतरते हैं और बताया जाता है कि यह स्टेपलैडर है," यह दर्शाते हुए कि न तो एयरोब्रिज था और न ही गतिशीलता समस्याओं वाले यात्रियों के लिए कोई सुगम उतरने की व्यवस्था. उन्होंने दावा किया कि जब वह चार बैग ले जा रहे थे, तब केबिन क्रू ने उनकी पत्नी को सीढ़ियों से नीचे उतरने में कोई मदद नहीं की. "चुप्पी और एक-दूसरे की ओर भ्रमित नजरें," उन्होंने फ्लाइट अटेंडेंट्स की प्रतिक्रिया को इस तरह वर्णित किया एक पुरुष ग्राउंड स्टाफ सदस्य ने कथित तौर पर विमान के दरवाजे पर उनकी सहायता की गुहार को "कंधे उचका कर नजरअंदाज" कर दिया.

दास ने कहा, टर्मिनल पर, पहले से बुक की गई एनकैल्म व्हीलचेयर सेवा भी उपलब्ध नहीं थी. हर जगह व्हीलचेयर हैं, कोई स्टाफ नहीं क्योंकि फ्लाइट लेट है, उन्हें खुद अपनी पत्नी को बैगेज एरिया और फिर पार्किंग तक व्हीलचेयर में ले जाना पड़ा. अंत में उन्होंने एयरलाइन को सूचित किया: "वैसे, आपकी एक व्हीलचेयर दिल्ली की पार्किंग की दूसरी मंजिल पर है। कृपया उसे क्लेम कर लें."

एयर इंडिया का निजीकरण भारत की सबसे चर्चित विनिवेश पहलों में से एक था. वर्षों तक बढ़ते कर्ज और असफल बिक्री प्रयासों के बाद, एयरलाइन को आधिकारिक रूप से जनवरी 2022 में टाटा समूह को सौंप दिया गया. सरकार ने एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और ग्राउंड-हैंडलिंग कंपनी AISATS में अपनी 100 प्रतिशत और 50 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा संस को ₹18,000 करोड़ में बेची, जिसमें ₹15,300 करोड़ एयरलाइन का मौजूदा कर्ज था जिसे टाटा ने लेने पर सहमति जताई और ₹2,700 करोड़ का भुगतान नकद किया गया। विनिवेश के समय, एयर इंडिया ने ₹85,000 करोड़ से अधिक का घाटा जमा कर लिया था, और दशकों से कई पुनरुद्धार योजनाएं असफल रही थीं. यह बिक्री लगभग 69 वर्षों के सरकारी स्वामित्व का अंत था और भारत की व्यापक विनिवेश रणनीति की दिशा में एक अहम कदम था.

पुराना बेड़ा, पुराने विमान और उड़ानों में देरी
विशेषज्ञों ने BW बिजनेसवर्ल्ड को बताया है कि एयर इंडिया अभी भी पुराने परिचालन संबंधी अकार्यक्षमता, बिखरी प्रणालियों और असंगत सेवा वितरण से जूझ रही है. इंडिगो की इन वर्गों में सीमित उपस्थिति के कारण प्रीमियम इकोनॉमी और बिजनेस क्लास में लगभग एकाधिकार होने के बावजूद, एयर इंडिया के मानक असंगत और अविश्वसनीय बने हुए हैं.  भारतीय विमानन बाजार अब प्रभावी रूप से एक द्वैधाधिकार बन चुका है और इसके साथ ही निगरानी और अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं.

हैदराबाद गोल्डन ईगल एविएशन के मैनेजिंग पार्टनर अतुल चंद्रा ने कहा "हाल की उड़ानों में देरी और सेवा संबंधी समस्याओं ने एयरलाइनों की प्रतिष्ठा और ग्राहक वफादारी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया है. यात्रियों को जब देरी और खराब सेवा का सामना करना पड़ता है तो वे क्रोधित और चिंतित होते हैं, जिससे विश्वास और वफादारी में कमी आती है. इसका परिणाम यह होता है कि यात्री वैकल्पिक एयरलाइनों का चयन करते हैं या हवाई यात्रा को ही त्याग सकते हैं."

चंद्रा ने कहा कि पुराना विमान बेड़ा और अप्रचलित विमानों के कारण उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और रखरखाव की समस्याएं होती हैं, जिससे संचालन की दक्षता प्रभावित होती है. यात्रा समय को घटाना, बोर्डिंग की प्रक्रिया को कुशल बनाना और गेट पर देरी को न्यूनतम करना समय पर संचालन सुधारने के कुछ तरीके हैं। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, विमानन विश्लेषकों ने सुझाव दिया कि एयर इंडिया को अपने विमान बेड़े का आधुनिकीकरण प्राथमिकता से करना चाहिए और अपने संचालन में तकनीकी उन्नयन में निवेश करना चाहिए. इसमें पूर्वानुमानित रखरखाव प्रणाली लगाना, ग्राहक सेवा प्रशिक्षण में सुधार करना और रियल-टाइम संचार उपकरणों को एकीकृत करना शामिल है ताकि यात्रा में किसी व्यवधान के दौरान यात्रियों को जानकारी मिलती रहे.

कॉर्पोरेट सलाहकार और विभिन्न कॉर्पोरेट बोर्डों के स्वतंत्र निदेशक श्रीनाथ श्रीधरन ने कहा "एयरलाइन लगभग हर यात्री संपर्क बिंदु पर संघर्ष कर रही है, एक औसत से कम वेबसाइट और ऐप अनुभव से लेकर चेक-इन काउंटरों, बोर्डिंग गेटों और इन-फ्लाइट सेवा तक में असंगतता देखने को मिलती है. इन-फ्लाइट अनुभव खुद भी अत्यधिक बदलता रहता है, कभी प्रभावशाली तो कभी 'क्या गड़बड़ है' जैसे हालात केबिन सेवा, क्रू की प्रतिक्रिया या यहां तक कि भोजन की गुणवत्ता में कोई निरंतरता नहीं है. सामान की हैंडलिंग एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जो प्रमुख हवाई अड्डों पर देरी और बदइंतजामी से ग्रस्त है. ये सभी पूरे सिस्टम में संचालन की गंभीरता और गुणवत्ता आश्वासन की कमी को दर्शाते हैं."

श्रीधरन ने उल्लेख किया कि विस्तारा के साथ एकीकरण और प्रणालियों व सेवा प्रोटोकॉल में एकरूपता लाने की आवश्यकता पहले से ज्ञात चुनौतियाँ थीं, न कि कोई नई आश्चर्यजनक बात, इस स्तर और स्थिति पर, और समूह के समर्थन के साथ, असंगतता अब स्वीकार्य नहीं है. BW बिजनेसवर्ल्ड ने इस पर टिप्पणी के लिए एयर इंडिया से संपर्क किया भी किया, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है, ऐसे ही प्रतिक्रिया प्राप्त होगी, तो इस खबर को अपडेट किया जाएगा.

ग्राहक असंतोष और ब्रांड छवि पर प्रभाव
2024 में, एयर इंडिया को यूके हवाई अड्डों से उड़ानों में देरी के मामले में सबसे खराब एयरलाइन का दर्जा दिया गया था, जिसमें उसकी उड़ानें औसतन 45 मिनट और 48 सेकंड की देरी से रवाना हुईं, यह जानकारी PA न्यूज एजेंसी द्वारा सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) के डेटा के विश्लेषण के आधार पर दी गई. समीक्षा में उन सभी निर्धारित और चार्टर्ड उड़ानों को शामिल किया गया था जो पिछले वर्ष यूके हवाई अड्डों से 2,500 से अधिक बार संचालित हुईं. सबसे अधिक देरी वाला मार्ग गैटविक से बेंगलुरु था, जहां 50 उड़ानों में औसतन 1 घंटा 23 मिनट की देरी दर्ज की गई.

हिंदुस्तान टाइम्स ने एयर इंडिया के प्रवक्ता के हवाले से बताया, “2024 के दौरान, एयर इंडिया की यूके से आने-जाने वाली उड़ानों में कभी-कभी देरी हुई, जो मुख्य रूप से हमारे नियंत्रण से बाहर के कारणों से थी. सेल्फ चेक-इन, बैगेज ड्रॉप और स्वचालित बोर्डिंग प्रक्रिया जैसे सक्रिय परिचालन प्रयासों ने हवाई अड्डे के संपर्क बिंदुओं पर अनुभव को बेहतर बनाया है और विमानों के तेजी से टर्नअराउंड को सुनिश्चित किया है, जिससे समय पर रवाना होने में सुधार हुआ है.”

केंद्रीय मंत्रियों ने भी जाहिर की निराशा
आज की प्रतिस्पर्धी एयरलाइन इंडस्ट्री में, ब्रांड की छवि बनाए रखना ग्राहकों को बनाए रखने की कुंजी है. एयर इंडिया के लिए, एकसमान रूप से सकारात्मक यात्रा अनुभव सुनिश्चित करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं सार्वजनिक रूप से ऑनलाइन दिखाई देती हैं. 22 फरवरी 2025 को, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी X पर एयर इंडिया की सेवा को लेकर अपनी निराशा जाहिर की. मंत्री शिवराज चौहान भोपाल से दिल्ली की उड़ान AI436 से यात्रा कर रहे थे, जिसमें उन्हें सीट 8C आवंटित की गई थी, जो टूटी और धंसी हुई थी, जिससे बैठना अत्यंत असुविधाजनक हो गया था.

चौहान ने खुलासा किया कि एयरलाइन स्टाफ ने स्वीकार किया कि प्रबंधन को पहले से सीट की खराब स्थिति की जानकारी थी और उन्हें यह सीट न बेचने की सलाह दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों को यह सीटें दी जा रही थीं. साथी यात्रियों द्वारा सीट बदलने के प्रस्ताव के बावजूद, मंत्री ने दूसरों को असुविधा न हो इसलिए अपनी यात्रा उसी खराब सीट में पूरी की.

अपनी निराशा व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "मुझे यह विश्वास था कि टाटा प्रबंधन के अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया की सेवाओं में सुधार हुआ होगा, लेकिन यह मेरा भ्रम साबित हुआ." उन्होंने आगे एयरलाइन की आलोचना की कि पूर्ण किराया लेकर भी घटिया सीटिंग दी जा रही है, जो “अनैतिक” और यात्रियों के साथ “विश्वासघात” है. मंत्री ने सवाल किया कि क्या एयर इंडिया का प्रबंधन भविष्य में ऐसी असुविधा को रोकने के लिए कोई सुधारात्मक कदम उठाएगा या फिर यात्रियों की अपनी मंज़िल तक पहुंचने की मजबूरी का फायदा उठाता रहेगा.

चंद्रा ने कहा वर्तमान चुनौतियाँ एयरलाइन की वित्तीय स्थिति और ब्रांड धारणा को प्रभावित करने की संभावना रखती हैं, जिससे एयरलाइन के प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धात्मकता पर असर पड़ेगा, विशेषज्ञों का मानना है टाटा समूह को अपने वित्तीय प्रदर्शन में सुधार लाने के लिए अपनी संचालन दक्षता में सुधार करना चाहिए, अपने बेड़े का आधुनिकीकरण करना चाहिए जिसमें युवा और अधिक ईंधन-कुशल विमान हों, उपयुक्त रणनीतिक मार्ग नियोजन और विस्तार के साथ समय पर प्रदर्शन, सही लैंडिंग स्लॉट और अच्छी ग्राहक सेवा पर ध्यान देना चाहिए.

 

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की 2024-25 की रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया का ऑन-टाइम प्रदर्शन सिर्फ 68% रहा, जो घरेलू औसत 82% से काफी कम है. उड़ानों में देरी और रद्द होने से न केवल यात्रियों का विश्वास घटा, बल्कि दोबारा बुकिंग में भी 15% की गिरावट आई. एशिया पैसिफिक एविएशन के शोध में सामने आया कि बेहतर समय पालन करने वाली एयरलाइनों के ग्राहक ज्यादा वफादार रहते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, एयर इंडिया को संचालन क्षमता और सेवा निरंतरता में सुधार की सख्त जरूरत है.

श्रीधरन ने कहा कि बार-बार की सेवा गड़बड़ियों से कंपनी की बची-खुची छवि भी प्रभावित हो रही है. अब एयर इंडिया सिर्फ टाटा ब्रांड की छाया में नहीं रह सकती; संचालन दक्षता और उत्पाद गुणवत्ता दिखानी होगी.

वित्तीय प्रदर्शन
FY24 में एयर इंडिया का घाटा 50% घटकर ₹4,444 करोड़ और राजस्व 25% बढ़कर ₹38,812 करोड़ हुआ. एयर इंडिया अब लगभग 306 विमानों के बेड़े का संचालन कर रही है और बेड़े के विस्तार के लिए नए विमानों के ऑर्डर भी दिए गए हैं.

श्रीधरन ने कहा कि टाटा समूह को अब विरासत के बजाय प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए और पूरे समूह की क्षमताओं जैसे TCS, ताज, क्रोमा को एयर इंडिया की सेवा में लाना चाहिए.

विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि वित्तीय प्रदर्शन सुधारने के लिए एयर इंडिया को संचालन में कुशलता, आधुनिक और ईंधन-कुशल विमान, रणनीतिक मार्ग योजना, और बेहतर ग्राहक सेवा सुनिश्चित करनी होगी.

 

सुधार की आवश्यकता
उद्योग विशेषज्ञों ने उल्लेख किया कि संचालन की कठोरता को संस्थागत रूप दिया जाना चाहिए. अधिक सख्त क्रू रोस्टरिंग से लेकर टर्नअराउंड समय के अनुशासन तक यात्रियों के साथ संवाद ईमानदार और समयबद्ध होना चाहिए और फ्रंटलाइन टीमों को सेवा में असफलताओं से पेशेवर ढंग से निपटने के लिए सुसज्जित किया जाना चाहिए. नेतृत्व को संचालन स्थिरता को एक ब्रांड वादा के रूप में मानना चाहिए.

श्रीधरन ने कहा "सेवा गुणवत्ता उन लोगों से शुरू होती है जो इसे प्रदान करते हैं. एयरलाइन को केवल कौशल निर्माण में ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्संरचना में भी निवेश करना चाहिए. कर्मचारियों को एक नए युग का हिस्सा महसूस होना चाहिए, जो उत्कृष्टता, पेशेवरता और गर्व से परिभाषित हो. प्रशिक्षण कार्यक्रमों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होना चाहिए, और मनोबल को पहचान, स्पष्टता और साझा मिशन की भावना के माध्यम से ऊंचा किया जाना चाहिए. इस सेवा वितरण पहलू में टाटा समूह के पास ताज होटलों के साथ एक वैश्विक सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है."

विशेषज्ञों ने यह भी सुझाव दिया कि संचालन संरचना में प्रौद्योगिकी का लाभ उठाया जाना चाहिए. पूर्वानुमानित रखरखाव, एआई-संचालित रोस्टरिंग, स्वचालित व्यवधान प्रतिक्रिया, और ग्राहक-सामना करने वाले उपकरण आवश्यक हैं और संचालन में रीयल-टाइम दृश्यता की आवश्यकता है, जो कि पुराने, असंबद्ध सिस्टम के साथ संभव नहीं है. 

चंद्रा ने कहा कहा रखरखाव, संचालन और शेड्यूलिंग के लिए एआई-आधारित एप्लिकेशन शामिल करने वाले उन्नत सॉफ्टवेयर संचालन को सरल बनाएंगे और उत्पादकता को बढ़ाएंगे. कर्मचारी प्रशिक्षण और मनोबल एयर इंडिया के लिए सेवा मानकों में सुधार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. प्रशिक्षण कर्मचारियों को विभिन्न परिस्थितियों को संभालने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान करता है, जबकि उच्च मनोबल एक सकारात्मक और प्रेरित कार्यबल को बढ़ावा देता है, जिससे बेहतर ग्राहक संवाद और समग्र सेवा गुणवत्ता मिलती है."

इस बीच, एयर इंडिया का पुनरुद्धार और एक सम्मानित और विश्वसनीय विमानन ब्रांड बनने की क्षमता अब टाटा समूह की एकीकृत करने, परिवर्तन लाने और बड़े स्तर पर नेतृत्व करने की क्षमता की परीक्षा बन गई है. अवसर महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रतिष्ठा का जोखिम भी उतना ही बड़ा है. निष्पादन ही इसका भविष्य तय करेगा. बाजार, यात्री और उद्योग सभी देख रहे हैं। जब विकल्प अधिक होते हैं, तभी ग्राहक अपने व्यवसाय से मतदान करते हैं.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

ICAR और सेशेल्स के बीच MoU, जलवायु-अनुकूल खेती और हॉर्टिकल्चर को मिलेगा बढ़ावा

भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

11 hours ago

फर्स्टक्राई समर्थित स्वारा बेबी लाएगी ₹1,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास दाखिल किया DRHP

स्वारा बेबी डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों का निर्माण करती है. कंपनी बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में कई प्रोडक्ट बनाती है.

12 hours ago

एनर्जी ड्रिंक बेचने के दावों पर FSSAI की नजर, रेड बुल सहित 6 बड़ी कंपनियों को जारी हुआ नोटिस

नियामक ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों को दवा जैसी प्रभावशीलता या विशेष स्वास्थ्य लाभ देने वाला बताना नियमों का उल्लंघन है.

13 hours ago

शिप रीसाइक्लिंग में दुनिया का हब बनेगा भारत, ₹76,000 करोड़ की योजना से 16,000 जहाजों का लक्ष्य

भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय शिप रीसाइक्लिंग रेगुलेशन (EUSRR) के तहत भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्ड्स को मान्यता दिलाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की.

14 hours ago

गोल्ड लोन में तेज उछाल पर नजर रखना जरूरी, फिर भी NBFC सेक्टर मजबूत: RBI रिपोर्ट

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) के विश्लेषण में एलारा सिक्योरिटीज ने कहा है कि NBFC क्षेत्र की परिसंपत्ति गुणवत्ता, पूंजी स्थिति और ऋण वसूली मजबूत बनी हुई है.

15 hours ago


बड़ी खबरें

एनर्जी ड्रिंक बेचने के दावों पर FSSAI की नजर, रेड बुल सहित 6 बड़ी कंपनियों को जारी हुआ नोटिस

नियामक ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों को दवा जैसी प्रभावशीलता या विशेष स्वास्थ्य लाभ देने वाला बताना नियमों का उल्लंघन है.

13 hours ago

ICAR और सेशेल्स के बीच MoU, जलवायु-अनुकूल खेती और हॉर्टिकल्चर को मिलेगा बढ़ावा

भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

11 hours ago

OXMIQ Labs ने जुटाए 35 मिलियन डॉलर, AI चिप आर्किटेक्चर के विस्तार को मिलेगी रफ्तार

Samsung Catalyst Fund समेत कई वैश्विक निवेशकों ने किया निवेश, अब तक 60 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल

17 hours ago

फर्स्टक्राई समर्थित स्वारा बेबी लाएगी ₹1,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास दाखिल किया DRHP

स्वारा बेबी डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों का निर्माण करती है. कंपनी बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में कई प्रोडक्ट बनाती है.

12 hours ago

शिप रीसाइक्लिंग में दुनिया का हब बनेगा भारत, ₹76,000 करोड़ की योजना से 16,000 जहाजों का लक्ष्य

भारत और यूरोपीय संघ ने यूरोपीय शिप रीसाइक्लिंग रेगुलेशन (EUSRR) के तहत भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्ड्स को मान्यता दिलाने की दिशा में हुई प्रगति की समीक्षा की.

14 hours ago