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इस टायर कंपनी को खरीदने की दौड़ में डालमिया समूह सबसे आगे, अब खेला ये दांव
पिछले साल राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) ने बिड़ला टायर्स के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही को मंजूरी दी थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
डालमिया समूह एक बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है. समूह ने दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही टायर कंपनी बिड़ला टायर्स को अपने पोर्टफोलियो में शामिल करने की कोशिशों को तेज कर दिया है. डालमिया ग्रुप ने बिड़ला टायर्स के 1100 करोड़ रुपए के बैंक कर्ज के लिए संशोधित समाधान योजना पेश की है, जिसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है. बिड़ला टायर्स की पैरेंट कंपनी Kesoram Industries Ltd है और इसकी स्थापना 1991 में हुई थी. डालमिया समूह ने अपनी समाधान योजना में कहा है कि वो इस टायर कंपनी के बकाया कर्ज का लगभग 300 करोड़ चुकाने को तैयार है.
डिमांड से 3 गुना अधिक
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डालमिया ग्रुप की संशोधित समाधान योजना लेंडर्स की डिमांड से करीब 3 गुना अधिक है, इसलिए इसे मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, नए प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा गया है और लेंडर्स ग्रुप की तरफ से मंगलवार तक इस पर निर्णय लिया जा सकता है. बिड़ला टायर्स को कर्ज देने वालों की लिस्ट में पहला नाम एक्सिस बैंक का है. बिड़ला टायर्स गंभीर वित्तीय मुश्किलों से जूझ रही थी और वह बैंकों का पैसा लौटाने में नाकाम रही. जिसके चलते उसे दिवाला प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है.
ऐसा है स्टॉक का हाल
बिड़ला टायर्स के शेयर की बात करें, तो यह 4.55 रुपए के मूल्य पर उपलब्ध है. पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन इस स्टॉक में 4.60% की बढ़त दर्ज की गई थी. इस शेयर का पिछले 5 दिनों का रिकॉर्ड भी ग्रीन लाइन में दिखा रहा है. इसका 52 वीक का हाई लेवल 5.80 रुपए है. यदि डालमिया समूह की योजना को मंजूरी मिल जाती है, तो बिड़ला टायर्स के शेयरों में कुछ और हलचल देखने को मिल सकती है. बता दें कि कॉमर्शियल वाहन और टू-व्हीलर टायर सेगमेंट में बिड़ला टायर्स एक बड़ा नाम रही है.
खरीदार की होगी चांदी!
पिछले साल राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (National Company Law Tribunal-NCLT) ने बिड़ला टायर्स के खिलाफ दिवालिया कार्यवाही को मंजूरी दी थी. बिड़ला टायर्स को खरीदने में डालमिया समूह के साथ-साथ सिएट (Ceat), नवीन जिंदल की कंपनी जिंदल पावर, बेन व पिरामल समर्थित इंडिया रिसर्जेंट फंड ने भी दिलचस्पी दिखाई थी. जानकार मानते हैं कि बिड़ला टायर्स अपने खरीदार के लिए काफी मूल्यवान साबित होगी. क्योंकि कंपनी के पास बालासोर स्थित टायर प्लांट है. इसके अलावा 181 एकड़ फ्रीहोल्ड जमीनें भी हैं, जो तीन अहम बंदरगाहों और एक हवाई अड्डे के पास स्थित हैं.
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