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60 के हुए सीवीएल श्रीनिवास, भारतीय मीडिया और विज्ञापन उद्योग के बदलाव के सूत्रधार
सीवीएल श्रीनिवास को e4m मीडिया एसीई अवॉर्ड्स 2025 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. यह सम्मान भारतीय मीडिया उद्योग में उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान का प्रतीक है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
भारतीय विज्ञापन और मीडिया उद्योग में सीवीएल श्रीनिवास ऐसा नाम है जिसने सिर्फ बदलावों को देखा नहीं, बल्कि उन्हें दिशा भी दी. बेंगलुरु से शुरू हुई उनकी पेशेवर यात्रा आज वैश्विक कम्युनिकेशन समूह WPP इंडिया के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुकी है. आज जैसे ही श्रीनिवास अपने 60वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, उद्योग उनके तीन दशकों से अधिक लंबे उस योगदान को याद कर रहा है जिसने भारत के आधुनिक मीडिया और विज्ञापन परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
भारतीय विज्ञापन और मीडिया जगत में ‘श्रीनी’ के नाम से प्रसिद्ध सीवीएल श्रीनिवास की यात्रा 1990 के दशक की शुरुआत में बेंगलुरु से शुरू हुई थी और आज यह दुनिया के सबसे बड़े कम्युनिकेशन समूहों में से एक के शीर्ष पद तक पहुंच चुकी है. इन दो पड़ावों के बीच की कहानी सिर्फ एक शानदार करियर की नहीं. बल्कि आधुनिक भारतीय मीडिया के निर्माण की भी कहानी है.
करियर की शुरुआत और मीडिया खरीद में क्रांति
श्रीनी ने अपने करियर की शुरुआत 1993 में लिंटास बेंगलुरु से की और 1994 में JWT से जुड़े. लेकिन उद्योग में उनकी पहली बड़ी पहचान HTA फुलक्रम के साथ बनी. वह HTA फुलक्रम की संस्थापक टीम का हिस्सा थे. जिसने 1995 में हिंदुस्तान यूनिलीवर के लिए भारत का पहला मीडिया AOR लॉन्च किया. यह कदम भारतीय मीडिया खरीद प्रणाली की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. उस समय यह बदलाव छोटा लग सकता था. लेकिन इसके प्रभाव बेहद गहरे थे और श्रीनी इसकी अगुवाई करने वालों में शामिल थे.
मैडिसन वर्ल्ड में मजबूत पहचान
1998 से 2003 के बीच श्रीनी मैडिसन वर्ल्ड में चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) के रूप में काम किया. इस दौरान उन्होंने भारत के तेजी से बदलते मीडिया और मार्केटिंग इकोसिस्टम को गहराई से समझा. उनकी रणनीति के चलते कंपनी को कई बड़े क्लाइंट मिले और मैडिसन की बाजार में मजबूत उपस्थिति बनी. इस दौर में श्रीनी को सिर्फ आंकड़ों के जानकार के रूप में नहीं. बल्कि बाजार की दिशा और उसकी बारीकियों को समझने वाले लीडर के रूप में पहचाना जाने लगा.
एशिया-प्रशांत में नेतृत्व
2003 से 2006 के बीच श्रीनी मैक्सस के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के CEO रहे. इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय बाजारों में नेटवर्क के विस्तार और विकास को दिशा दी. यह वह समय था जब एशिया में विज्ञापन उद्योग तेजी से बदल रहा था और इस भूमिका ने उन्हें पूरे क्षेत्र के मीडिया परिदृश्य को समझने का व्यापक दृष्टिकोण दिया. इसके बाद उन्होंने स्टारकॉम मेडियावेस्ट ग्रुप इंडिया के चेयरमैन और बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड में प्राइवेट ट्रीटीज के डायरेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया. जिसके बाद 2013 में उन्होंने WPP से जुड़कर एक नया अध्याय शुरू किया.
WPP में नेतृत्व और भारत का वैश्विक उदय
जनवरी 2013 में श्रीनी ग्रुपएम के दक्षिण एशिया CEO बने और अक्टूबर 2017 में उन्हें WPP इंडिया का कंट्री मैनेजर नियुक्त किया गया. लगभग एक दशक से इस पद पर रहते हुए उन्होंने सिर्फ समूह की स्थिति को बनाए नहीं रखा. बल्कि उसे नई दिशा भी दी.
उनके नेतृत्व में भारत WPP के चार सबसे बड़े वैश्विक बाजारों में शामिल हुआ. साथ ही भारत में WPP का ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर भी स्थापित हुआ. ये उपलब्धियां सिर्फ प्रशासनिक नहीं बल्कि एक दूरदर्शी रणनीति का परिणाम थीं.
डेटा, डिजिटल और सहयोग की संस्कृति
श्रीनी का नेतृत्व इस विचार पर आधारित रहा है कि उद्योग को समय के साथ बदलना ही होगा. वरना वह पीछे रह जाएगा. ग्रुपएम में उन्होंने डेटा और डिजिटल को संगठन के केंद्र में लाने की रणनीति लागू की ताकि कंपनी भविष्य के लिए तैयार हो सके. वहीं WPP में उन्होंने कई एजेंसियों वाले बड़े ढांचे में सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा दिया और तकनीक तथा क्रिएटिविटी को साथ लेकर चलने पर जोर दिया.
सैटेलाइट टीवी क्रांति से लेकर डिजिटल और अब AI आधारित मीडिया के दौर तक. श्रीनी हमेशा उन नेताओं में रहे जिन्होंने बदलाव को जल्दी पहचाना और उसे अपनाया.
उद्योग संस्थानों में भी अहम भूमिका
सिर्फ कॉरपोरेट नेतृत्व तक सीमित न रहते हुए श्रीनी ने पूरे उद्योग के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. वह BARC, ABC, MRUC और IAA जैसे संस्थानों के बोर्ड में रहे हैं. साथ ही MMA इंडिया के संस्थापक सदस्य और सह-अध्यक्ष भी रहे. यह दिखाता है कि उन्होंने उद्योग के संस्थागत विकास और मानकों को मजबूत करने में भी बड़ी भूमिका निभाई.
पुरस्कार और सम्मान
श्रीनी को 2025 में e4m मीडिया एसीई अवॉर्ड्स में उन्हें लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह सम्मान भारतीय मीडिया उद्योग में उनके लंबे और प्रभावशाली योगदान का प्रतीक है. इसके अलावा उन्हें ‘मीडिया एजेंसी हेड ऑफ द ईयर’ और एशियन फेडरेशन ऑफ एडवरटाइजिंग एसोसिएशन्स द्वारा ‘इंडस्ट्री लीडर’ जैसे कई सम्मान भी मिल चुके हैं.
शिक्षा और शुरुआती पेशेवर जीवन
श्रीनी 1993 बैच के XLRI जमशेदपुर के पूर्व छात्र हैं. इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने TVS ग्रुप के साथ काम किया और उसके बाद विज्ञापन उद्योग में कदम रखा. इंजीनियरिंग की अनुशासनात्मक सोच, एक प्रमुख बिजनेस स्कूल की सख्त ट्रेनिंग और कॉरपोरेट अनुभव ने उनके नेतृत्व को बेहद संतुलित और व्यावहारिक बनाया.
अल्बर्ट आइंस्टीन से एक दिलचस्प संयोग
एक दिलचस्प संयोग यह भी है कि श्रीनी का जन्मदिन 14 मार्च को है और इसी दिन प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का भी जन्मदिन होता है. आइंस्टीन का मानना था कि ज्ञान का सबसे बड़ा स्रोत अनुभव है. भारतीय मीडिया उद्योग को आकार देने के 36 वर्षों के अनुभव के साथ श्रीनिवास ने इस विचार को अपने करियर में पूरी तरह साबित किया है.
आगे की यात्रा अभी बाकी
जैसे ही सीवीएल श्रीनिवास अपने जीवन के 60वें वर्ष में प्रवेश करते हैं. उद्योग उन्हें शुभकामनाएं दे रहा है. तीन दशकों से अधिक समय तक उन्होंने जिस उद्योग को आकार दिया. उसे दिशा दी और नई पीढ़ियों का मार्गदर्शन किया. वह विरासत लंबे समय तक याद रखी जाएगी.
उपलब्धियां कई हैं, विरासत मजबूत है और कहानी शायद अभी खत्म नहीं हुई है.
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