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Crystal Crop Protection लाएगी नया IPO, प्रमोटर्स और IFC हिस्सेदारी बेचेंगे
Crystal Crop Protection का IPO निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पेश कर सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो एग्रोकेमिकल और बीज सेक्टर में लंबी अवधि का निवेश करना चाहते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
दिल्ली स्थित एग्रोकेमिकल और सीड कंपनी Crystal Crop Protection ने अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी IPO लाने की तैयारी शुरू कर दी है. कंपनी ने इसके लिए बाजार नियामक SEBI के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है. इस IPO के जरिए कंपनी नए शेयर जारी कर ₹600 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जबकि प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर-फॉर-सेल के तहत 74.05 लाख शेयर भी बाजार में उतारे जाएंगे.
OFS में प्रमोटर्स के साथ IFC भी बेचेगा हिस्सेदारी
IPO के ऑफर-फॉर-सेल हिस्से में प्रमोटर अग्रवाल परिवार के अलावा इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) और उसकी सहायक इकाई IFC Emerging Asia Fund भी अपने शेयर बिक्री के लिए रखेंगे. फिलहाल कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 86.69 प्रतिशत है. सार्वजनिक शेयरधारकों में IFC और IFC Emerging Asia Fund के पास 8.48 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि 4.83 प्रतिशत शेयर Crystal Crop Protection Employees Welfare Trust के पास हैं.
प्री-IPO प्लेसमेंट से जुट सकते हैं ₹120 करोड़
ड्राफ्ट दस्तावेजों के मुताबिक कंपनी IPO से पहले प्री-IPO प्लेसमेंट के जरिए ₹120 करोड़ तक जुटा सकती है. यदि ऐसा होता है तो IPO में नए शेयरों का साइज उसी अनुपात में घटाया जाएगा. इससे कंपनी के कैपिटल स्ट्रक्चर को लिस्टिंग से पहले और मजबूत करने में मदद मिलेगी.
मैन्युफैक्चरिंग और विस्तार योजनाएं
1994 में स्थापित Crystal Crop Protection एग्रोकेमिकल्स और बीज कारोबार में सक्रिय है. कंपनी हरियाणा, गुजरात, जम्मू और कश्मीर में स्थित चार प्रमुख यूनिट्स के जरिए फॉर्मूलेशन प्रोडक्ट्स का निर्माण करती है. इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में हर्बिसाइड्स, कीटनाशकों और फफूंदनाशकों के लिए दो टेक्निकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी मौजूद हैं. कंपनी गुजरात के झगड़िया में एक नया प्लांट लगाने की योजना पर काम कर रही है. वहीं, हैदराबाद और बेंगलुरु में इसकी तीन बीज प्रोसेसिंग यूनिट्स भी हैं.
IPO से मिले फंड का उपयोग कहां होगा
IPO में नए शेयर जारी कर जुटाए गए पैसों में से ₹465.5 करोड़ का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने के लिए करेगी. सितंबर 2025 तक कंपनी पर कंसोलिडेटेड आधार पर कुल ₹1,205 करोड़ का कर्ज था. शेष राशि का उपयोग इनऑर्गेनिक ग्रोथ और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा.
वित्तीय प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धा
Crystal Crop Protection ने अप्रैल से सितंबर 2025 के दौरान ₹1,978 करोड़ का रेवेन्यू और ₹153.5 करोड़ का प्रॉफिट दर्ज किया है. वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का शुद्ध लाभ 35.7 प्रतिशत बढ़कर ₹118.4 करोड़ हो गया, जबकि एक साल पहले यह ₹87.2 करोड़ था. इसी अवधि में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2,690.5 करोड़ पर पहुंच गया. कंपनी के लिस्टेड प्रतिस्पर्धियों में Kaveri Seed Company, Sumitomo Chemical India, Bayer Cropscience, Rallis India और Dhanuka Agritech जैसे नाम शामिल हैं.
IPO मैनेजमेंट और मर्चेंट बैंकर्स
इस IPO के लिए IIFL Capital Services, DAM Capital Advisors और Motilal Oswal Investment Advisors को मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया है. निवेशकों की नजर अब कंपनी की वैल्यूएशन, इश्यू प्राइस और लिस्टिंग टाइमलाइन पर टिकी रहेगी.
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