होम / बिजनेस / खेल उपकरण निर्यात में MSMEs को लागत और पैमाने की चुनौतियां: रिपोर्ट

खेल उपकरण निर्यात में MSMEs को लागत और पैमाने की चुनौतियां: रिपोर्ट

भारत का खेल उपकरण उद्योग MSMEs पर आधारित निर्यात अवसर प्रदान करता है. लेकिन लागत और वैश्विक नेटवर्क में कमी को दूर किए बिना, छोटे उद्यम कम-मूल्य वाले सेगमेंट तक ही सीमित रह सकते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 6 months ago

भारत का MSME-चालित खेल उपकरण उद्योग वैश्विक मांग के बावजूद निर्यात बढ़ाने में संघर्ष कर रहा है. नीति आयोग और फाउंडेशन फॉर इकोनॉमिक डेवलपमेंट की साझा रिपोर्ट के अनुसार, उच्च लागत, उत्पादन का खंडित ढांचा और वैश्विक नेटवर्क में सीमित जुड़ाव छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की बड़ी बाधा बन रहे हैं.

वैश्विक अवसर बनाम भारत की हिस्सेदारी
रिपोर्ट में बताया गया है कि वैश्विक खेल उपकरण बाजार का मूल्य लगभग 140 अरब अमेरिकी डॉलर है और 2036 तक यह 300 अरब डॉलर से अधिक होने की संभावना है. लेकिन भारत की हिस्सेदारी केवल 0.5 प्रतिशत है, जो इस क्षेत्र के छोटे निर्माताओं के लिए छूटा हुआ अवसर दर्शाता है.

MSMEs की भूमिका और उत्पादन की संरचना
भारत के खेल उपकरण उद्योग में लगभग 90 प्रतिशत उत्पादन MSMEs द्वारा किया जाता है, जो जालंधर और मेरठ जैसे क्लस्टरों में केंद्रित हैं. ये कंपनियां कौशल और श्रम-गहन क्षमता में समृद्ध हैं, लेकिन वैश्विक मानकों और आवश्यक मात्रा को पूरा करने में लगातार बाधाओं का सामना कर रही हैं.

लागत और प्रतिस्पर्धा की चुनौतियां
MSMEs को चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के मुकाबले 10–20 प्रतिशत लागत में disadvantage झेलना पड़ता है. कच्चे माल की उच्च कीमतें, महंगी भूमि और अप्रभावी लॉजिस्टिक्स प्रमुख कारण हैं. छोटे उद्यमों के पास आधुनिक मशीनरी और प्रमाणन लागत वहन करने के लिए पूंजी की कमी होती है.

प्रमाणन और वैश्विक मान्यता की बाधाएं
अंतरराष्ट्रीय tournaments और ब्रांड्स को सप्लाई करने के लिए प्रमाणन अनिवार्य है. इसमें उच्च प्रारंभिक लागत आती है, जिसे अधिकांश MSMEs वहन नहीं कर पाते. परिणामस्वरूप, वे उच्च-मूल्य वाले निर्यात बाजारों तक पहुंच नहीं बना पाते.

वैश्विक नेटवर्क और ब्रांड इंडिया की कमी
MSMEs का वैश्विक मूल्य श्रृंखला से जुड़ाव सीमित है. वैश्विक ब्रांड्स के साथ साझेदारी की कमी, “ब्रांड इंडिया” की न्यूनतम उपस्थिति और घरेलू निर्मित उपकरणों का कमजोर प्रचार प्रमुख बाधाएं हैं.

आयात निर्भरता और तकनीकी क्षमता की कमी
भारत का घरेलू खेल उपकरण बाजार लगभग 0.5 अरब डॉलर का है, जिसमें 63 प्रतिशत मांग आयात से पूरी होती है. उच्च तकनीकी और प्रदर्शन-गहन उपकरणों में घरेलू उत्पादन की कमी MSMEs को वैश्विक उच्च-मूल्य वाले सेगमेंट में प्रवेश से रोकती है.

सरकारी प्रयास और नीति हस्तक्षेप
साल 2026 के संघीय बजट में खेल सामान निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ₹500 करोड़ और SME विकास के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, यदि ये पहल प्रभावी ढंग से लागू हों, तो MSMEs तकनीक में निवेश, क्षमता विस्तार और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन बेहतर तरीके से कर सकते हैं.

क्लस्टर विकास और साझा सुविधाएं
मेरठ और जालंधर जैसे मौजूदा क्लस्टरों को अपग्रेड करना और पोर्ट्स के पास नए क्लस्टर विकसित करना लॉजिस्टिक्स लागत कम कर सकता है. क्लस्टरों में साझा परीक्षण और प्रमाणन सुविधाएं लागत घटाने और निर्यात तैयारी में मदद करेंगी.

निर्यात अवसर और रोजगार सृजन
रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत 2036 तक खेल उपकरण के निर्यात में 8.1 अरब डॉलर का लक्ष्य हासिल कर सकता है, जो वैश्विक बाजार का लगभग 11 प्रतिशत होगा. इस विस्तार से लगभग 54 लाख नौकरियां उत्पन्न हो सकती हैं, मुख्य रूप से MSME क्लस्टरों में, जिससे यह श्रम-गहन विकास इंजन बन सकता है.

समस्याओं का समाधान और दीर्घकालीन सुधार
रिपोर्ट में लागत, वैश्विक जुड़ाव और तकनीकी क्षमता की कमियों को दूर करने के लिए संरचनात्मक सुधारों और लक्षित वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया गया है. इसमें कच्चे माल पर आयात शुल्क में संशोधन, नियामकीय रुकावटें कम करना, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारना और विदेशी विशेषज्ञों के लिए सरल वीज़ा प्रक्रियाएं शामिल हैं.

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत, ईयू समेत 7 देशों ने P4M पहल शुरू की, संयुक्त राष्ट्र में सुधार पर दिया जोर

भारत, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, बारबाडोस और केन्या ने न्यूयॉर्क में शुरू की ‘बहुपक्षवाद के लिए साझेदार’ पहल; अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति और समावेशी विकास के लिए सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य

13 hours ago

भारत लॉन्च करेगा ₹1,000 करोड़ का पहला ब्लू बॉन्ड, समुद्री और जल परियोजनाओं को मिलेगा फंड

सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन अगले सप्ताह कर सकता है देश के पहले ब्लू बॉन्ड का इश्यू, पोर्ट कनेक्टिविटी, जहाज निर्माण और तटीय बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को मिल सकता है वित्त

14 hours ago

AIF निवेश ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहली बार ₹7 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा

जून 2026 तक AIF में कुल निवेश ₹7.1 लाख करोड़ पहुंचा, सालाना आधार पर निवेश प्रतिबद्धता 23.6% बढ़ी; रियल एस्टेट में पहली बार गिरावट

15 hours ago

सीमेंट कंपनियों की नई रणनीति, कीमत बढ़ाने के बजाय लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने पर जोर: रिपोर्ट

मजबूत मांग के बीच UltraTech, Ambuja Cement और JSW Cement का फोकस लागत घटाने, क्षमता बढ़ाने और प्रीमियम उत्पादों की बिक्री पर; आने वाले वर्षों में 7-8% सालाना बढ़ सकती है सीमेंट की मांग

17 hours ago

बैंक हड़ताल पर सरकार की अपील, 28 सितंबर से प्रस्तावित स्ट्राइक वापस लेने को कहा

5 दिन तक प्रभावित हो सकती हैं बैंकिंग सेवाएं, हाफ इयरली क्लोजिंग के बीच हड़ताल से बढ़ सकती है परेशानी

18 hours ago


बड़ी खबरें

भारत में बढ़ रहा अल्जाइमर का खतरा, 2036 तक दोगुने हो सकते हैं डिमेंशिया के मरीज

शुरुआती लक्षणों को उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा मानकर नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, विशेषज्ञों ने समय पर जांच और डॉक्टर से सलाह लेने की दी सलाह

13 hours ago

AIF निवेश ने बनाया नया रिकॉर्ड, पहली बार ₹7 लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा

जून 2026 तक AIF में कुल निवेश ₹7.1 लाख करोड़ पहुंचा, सालाना आधार पर निवेश प्रतिबद्धता 23.6% बढ़ी; रियल एस्टेट में पहली बार गिरावट

15 hours ago

भारत, ईयू समेत 7 देशों ने P4M पहल शुरू की, संयुक्त राष्ट्र में सुधार पर दिया जोर

भारत, यूरोपीय संघ, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, बारबाडोस और केन्या ने न्यूयॉर्क में शुरू की ‘बहुपक्षवाद के लिए साझेदार’ पहल; अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति और समावेशी विकास के लिए सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य

13 hours ago

भारत लॉन्च करेगा ₹1,000 करोड़ का पहला ब्लू बॉन्ड, समुद्री और जल परियोजनाओं को मिलेगा फंड

सागरमाला फाइनेंस कॉरपोरेशन अगले सप्ताह कर सकता है देश के पहले ब्लू बॉन्ड का इश्यू, पोर्ट कनेक्टिविटी, जहाज निर्माण और तटीय बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं को मिल सकता है वित्त

14 hours ago

सीमेंट कंपनियों की नई रणनीति, कीमत बढ़ाने के बजाय लागत घटाकर मुनाफा बढ़ाने पर जोर: रिपोर्ट

मजबूत मांग के बीच UltraTech, Ambuja Cement और JSW Cement का फोकस लागत घटाने, क्षमता बढ़ाने और प्रीमियम उत्पादों की बिक्री पर; आने वाले वर्षों में 7-8% सालाना बढ़ सकती है सीमेंट की मांग

17 hours ago