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AI के दौर में बदल रहा कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन, 2026 तक रणनीति पूरी तरह बदलेगी: रिपोर्ट
Gartner के नए रिसर्च के अनुसार कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस एक संरचनात्मक बदलाव के दौर में प्रवेश कर रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 month ago
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बीच कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन सेक्टर बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है. गार्टनर (Gartner) की एक नई रिपोर्ट कम्युनिकेशंस इंडस्ट्री में चल रहे एक बड़े बदलाव को उजागर करती है. जैसे-जैसे ChatGPT जैसे AI टूल्स यह बदल रहे हैं कि लोग जानकारी कैसे खोजते हैं और उस पर भरोसा करते हैं, कम्युनिकेशन टीमों पर खुद को ढालने का दबाव बढ़ रहा है.
इंडस्ट्री के लिए यह बदलाव बड़े पैमाने पर प्रसारण से हटकर सटीकता और प्रासंगिकता की ओर शिफ्ट को दर्शाता है. पारंपरिक चैनल, जो लंबे समय तक कॉर्पोरेट मैसेजिंग की रीढ़ रहे हैं, अब AI-सक्षम सिस्टम्स को जगह दे रहे हैं जो मांग के अनुसार जानकारी उपलब्ध कराते हैं. इसके साथ ही, कंपनियां अब अर्जित मीडिया (earned media) और तृतीय-पक्ष सत्यापन (third-party validation) को ज्यादा रणनीतिक महत्व दे रही हैं क्योंकि AI-जनरेटेड जवाबों में दृश्यता बेहद महत्वपूर्ण हो गई है.
रिपोर्ट “कम्युनिकेशंस प्रेडिक्शंस 2024 (और आगे): अनलॉक्ड” के अनुसार, कम्युनिकेशन की भूमिका अब बड़े पैमाने पर संदेश भेजने से बदलकर AI का उपयोग करते हुए सही समय पर सही जानकारी देने की हो रही है. मुख्य संचार अधिकारी (CCOs) के लिए इसका मतलब केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि AI-आधारित माहौल में नैरेटिव, भरोसे और प्रभाव को आकार देने में उनकी भूमिका का पुनर्परिभाषण है.
पारंपरिक कम्युनिकेशन से AI आधारित मॉडल की ओर बदलाव
रिपोर्ट के अनुसार, अब कंपनियां बड़े स्तर पर संदेश प्रसारित करने की बजाय सही समय पर सही जानकारी देने पर फोकस कर रही हैं. AI टूल्स जैसे ChatGPT और अन्य प्लेटफॉर्म्स ने लोगों के जानकारी खोजने और उस पर भरोसा करने के तरीके को बदल दिया है. इसके चलते कंपनियां अब earned media और third-party validation पर ज्यादा जोर दे रही हैं.
PR और Earned Media पर बढ़ेगा खर्च
Gartner का अनुमान है कि 2027 तक AI आधारित सर्च के बढ़ते इस्तेमाल के कारण PR और earned media बजट में दोगुनी बढ़ोतरी हो सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक:
1. AI सर्च इंजन 95 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में non-paid कंटेंट को प्राथमिकता देते हैं.
2. लगभग 27 प्रतिशत कंटेंट सीधे earned media से आता है.
3. पारंपरिक सर्च इंजन की ग्रोथ धीमी पड़ रही है.
इससे साफ है कि कंपनियों को अब अपनी डिजिटल विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए नई रणनीतियां अपनानी होंगी.
2028 तक चैटबॉट बनेंगे मुख्य कम्युनिकेशन टूल
रिपोर्ट के अनुसार, 2028 तक 75 प्रतिशत कर्मचारी कंपनी के अंदर जानकारी पाने के लिए चैटबॉट्स का इस्तेमाल करेंगे. आज ही 75 प्रतिशत कर्मचारी AI टूल्स का उपयोग कर रहे हैं और 55 प्रतिशत नियमित रूप से इनका इस्तेमाल करते हैं. चैटबॉट्स कर्मचारियों को पर्सनलाइज्ड और तुरंत जानकारी देंगे, जिससे सूचना का बोझ कम होगा और कम्युनिकेशन ज्यादा प्रभावी बनेगा.
बाजार और कंपनियों पर असर
AI के बढ़ते इस्तेमाल से कंपनियों को अपनी कम्युनिकेशन रणनीति पूरी तरह बदलनी होगी.
1. न्यूजलेटर्स और पारंपरिक चैनल्स की भूमिका घटेगी
2. AI आधारित प्लेटफॉर्म्स की अहमियत बढ़ेगी
3. कंपनियों को अपने कंटेंट को AI सर्च के लिए ऑप्टिमाइज करना होगा
साथ ही, गलत जानकारी (misinformation) और AI से जुड़े जोखिमों को देखते हुए मजबूत गवर्नेंस सिस्टम भी जरूरी होगा.
कर्मचारियों के लिए बदलता कार्य वातावरण
रिपोर्ट में कहा गया है कि AI के कारण कंपनियों की संरचना भी बदल सकती है.
1. मैनेजमेंट लेयर्स कम हो सकती हैं
2. कर्मचारी ज्यादा self-service मॉडल पर काम करेंगे
3. HR और IT के साथ मिलकर नई स्किल्स पर फोकस करना होगा
कंपनियों के लिए सुझाव
Gartner ने कंपनियों को कुछ अहम सुझाव दिए हैं:
1. AI सर्च प्लेटफॉर्म्स को समझकर अपनी रणनीति बनाएं
2. PR और earned media में निवेश बढ़ाएं
3. चैटबॉट्स को कम्युनिकेशन का हिस्सा बनाएं
4. IT, HR और लीगल टीम के साथ मिलकर गवर्नेंस मजबूत करें
निष्कर्ष
रिपोर्ट का साफ संदेश है कि आने वाले समय में AI कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन का केंद्र बन जाएगा. जो कंपनियां समय रहते AI, अर्जित मीडिया और नई रणनीतियों को अपनाएंगी, वे इस बदलते दौर में आगे रहेंगी. वहीं, जो कंपनियां बदलाव के साथ नहीं चलेंगी, वे धीरे-धीरे अपने ऑडियंस के बीच अपनी पहचान खो सकती हैं.
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