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बाजार में फिलहाल कायम रहेगा बुल का जलवा, गिरावट के नहीं दिख रहे कोई संकेत!

बाजार एक्सपर्ट और जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटजिस्ट क्रिस वुड का अनुमान है कि भारतीय शेयर बाजार में तेजी बरकरार रहेगी.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

शेयर बाजार (Stock Market) में गिरावट को खरीदारी का मौका माना जाता है. इसलिए अधिकांश निवेशक इस मौके की तलाश में रहते हैं. लेकिन हाल-फिलहाल ऐसा कोई मौका आपको नहीं मिलने वाला. क्योंकि हमारे शेयर बाजार में बुल रैली जल्द खत्म होने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. वैसे, बाजार का गुलजार रहना अच्छा है. इससे आपके निवेश की वैल्यू बढ़ सकती है. बता दें कि 4 जून यानी लोकसभा चुनाव परिणाम वाले दिन के बाद से शेयर बाजार रॉकेट बना हुआ है. सेंसेक्स और निफ्टी लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं.

दिख रही पहले वाली तेजी 
जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटजिस्ट क्रिस वुड (Chris Wood) ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ी बात कही है. उनका कहना है कि हमें भारत में बुल रैली के कहीं से भी खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं. क्रिस वुड को ऐसा लगता है कि भारत में साल 2002 से 2009 के दौरान जो तेजी देखी गई थी, उसकी पुनरावृत्ति हो रही है. उस समय रियल एस्टेट में तेजी से शुरुआत हुई थी, जिसे नीतिगत ब्याज दरों की सख्ती से भी रोका नहीं जा सका था. बाद में कंपनियों की ओर से बड़े स्तर पर निवेश और कैपिटल एक्सपेंडिचर देखने को मिला था. एक बार फिर से हम प्रॉपर्टी मार्केट में 7 साल की मंदी से बाहर आ चुके हैं. इसमें लगातार तीसरे साल तेजी देखी जा रहा है. RBI की ओर से नीतिगत ब्याज दरों में सख्ती का दौर भी जारी है, लेकिन इसके बावजूद प्रॉपर्टी मार्केट के तेजी है. पिछले साल हमने प्राइवेट सेक्टर के निवेश में भी तेजी देखी है.

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इन सेक्टर्स पर अधिक फोकस
जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट वुड ने आगे कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्राइवेट सेक्टर के निवेश में तेजी कायम रहेगी और शेयर बाजार अच्छा प्रदर्शन करेगा.  क्रिस वुड  ने कहा कि बदली स्थिति में ग्रामीण कंज्प्शन से जुड़े सेक्टर्स पर कुछ पैसा लगाना समझदारी होगी, क्योंकि बजट में इस सेक्टर्स के लिए कई तरह के लाभों की घोषणा संभव है. मेरे पोर्टफोलियो में भी फिलहाल इनवेस्टमेंट और कंज्प्शन थीम वाले अधिक शेयर हैं. वुड का यह बयान ऐसे समय आया है, जब 23 जुलाई को निर्मला सीतारमण संसद में पूर्ण बजट पेश करने वाली हैं. पिछले एक दशक के आंकड़े बताते हैं कि बजट के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी में अगले एक महीने तक औसतन 5.7% की तेजी देखी गई है. वहीं बजट के दिन निफ्टी इंडेक्स औसतन 1.1 प्रतिशत तक चढ़ा है.
 


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