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भ्रष्टाचार अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी जैसे बयान का सीईसी ने ये कहकर किया खारिज...
बयान देने वाली सलोनी खन्ना यूपीएससी परीक्षाओं के मॉक इंटरव्यू लेने का काम करती हैं वहीं वो दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाने का काम भी करती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
भारत की तेज ग्रोथ रेट के साथ आगे बढ़ने की एक ओर जहां सभी भविष्यवाणी कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर भारत के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार ने अर्थशास्त्री सलोनी खन्ना के बयान की निंदा की है. उन्होंने कहा है कि सलोनी खन्ना ने जिस तरह से भ्रष्टाचार को अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बताया वो एक सही बयान नहीं है. उन्होंने उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया.
सलोनी खन्ना ने कही थी क्या बात
अर्थशास्त्री सलोनी खन्ना ने 13 जून को एक पॉडकास्ट में इस विषय पर अपनी बात रखते हुए कहा कि क्या एक आईएएस अधिकारी का 80 से 90 हजार रुपये में घर चल सकता है. उन्होंने कहा था कि सरकार को भ्रष्टाचार को कम करने के लिए कोई तरीका खोजना चाहिए. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि आज सिर्फ अधिकारी ही नहीं बल्कि समाज भी भ्रष्टाचार कर रहा है. ये नैतिक रूप से अच्छा नहीं है लेकिन एक अर्थशास्त्री के तौर पर भ्रष्टाचार अर्थव्यव्स्था का तेल है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर भ्रष्टाचार नहीं होगा तो सबकुछ बहुत धीरे चलेगा. इसका असर देश के ट्रेड, प्रोडक्शन और जीडीपी पर पड़ेगा.
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केवी सुब्रमण्यम ने कही क्या बात?
पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने इस मामले में अपनी बात ट्वीट के जरिए कही. उन्होंने कहा कि ये एक खराब तर्क है. अर्थशास्त्र में, विशुद्ध सैद्धांतिक मॉडल सुविधाजनक मान्यताओं का उपयोग करके कोई भी परिणाम दे सकते हैं. उदाहरण के लिए, सीईए के रूप में @kaushikcbasu उन्होंने यह हास्यास्पद विचार पेश किया कि रिश्वत देने को वैध कर दिया जाना चाहिए क्योंकि उनके सैद्धांतिक मॉडल ने ‘भविष्यवाणी की’ थी कि इससे भ्रष्टाचार कम होगा. एक इंजीनियर से अर्थशास्त्री बने के रूप में, मुझे ऐसा शुद्ध सैद्धांतिक कार्य बेकार लगता है. @kaushikcbasu यदि आप उन्हें सहकर्मी समीक्षकों को अच्छी तरह से बेच सकते हैं तो आप सुविधाजनक मान्यताओं का उपयोग करके कोई भी ‘सुंदर’ परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. इसीलिए ‘भ्रष्टाचार अच्छा है’ जैसे दावे केवल अर्थशास्त्र में पाए जाते हैं.
आखिर कौन हैं सलोनी खन्ना?
सलोनी खन्ना दिल्ली विश्वविद्यालय की प्रोफेसर हैं. वो मूल रूप से हरियाणा के पानीपत के पास के गांव स्मालखा की रहने वाली हैं. उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही पढ़ाई की और अब वो वहां अध्यापन कार्य करती हैं. सलोनी खन्ना एक प्रोफेसर होने के साथ साथ यूपीएससी की इंटरव्यूवर भी हैं. वो उन यूपीएससी कैंडिडेट के मॉक इंटरव्यू लेती हैं. हिमानी ने 2016 से लेकर 2018 तक हिमालयन गढवाल यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री ली है. सलोनी 2015 से 2017 के बीच भारत सरकार में बतौर रिसर्च स्पेशलिस्ट के तौर पर भी काम कर चुकी हैं. वो 2021 से दिल्ली यूनिवर्सिटी में अध्यापन कार्य कर रही हैं.
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