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अवैध वॉकी-टॉकी की बिक्री पर CCPA का प्रहार, फ्लिपकार्ट, अमेजन सहित 8 कंपनियों पर जुर्माना

CCPA के अनुसार अवैध और बिना मंजूरी वाले वॉकी-टॉकी न सिर्फ कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

भारत में अवैध रूप से बिक रहे वॉकी-टॉकी उपकरणों के खिलाफ केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने Meta, Amazon, Flipkart और Meesho जैसे बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई करते हुए प्रत्येक पर ₹10-10 लाख का जुर्माना लगाया है. इसके अलावा Chimiya, JioMart, Talk Pro और Maskman Toys पर ₹1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया है. इस तरह कुल 8 कंपनियों पर ₹44 लाख का जुर्माना ठोका गया है.

कैसे सामने आया मामला

CCPA ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 और दूरसंचार नियमों के उल्लंघन को लेकर स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू की थी. जांच में पाया गया कि 13 अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर 16,970 से ज्यादा ऐसे वॉकी-टॉकी प्रोडक्ट लिस्ट किए गए थे, जो नियमों के अनुरूप नहीं थे. इसके बाद Amazon, Flipkart, Meesho, Meta (Facebook Marketplace), IndiaMART, TradeIndia, JioMart, Chimiya, Talk Pro, Maskman Toys, Krishna Mart, VardaanMart और Antariksh Technologies को नोटिस जारी किए गए.

क्या था नियमों का उल्लंघन

जांच में सामने आया कि कई प्लेटफॉर्म्स पर बिक रहे वॉकी-टॉकी तय फ्रीक्वेंसी बैंड से बाहर काम कर रहे थे. कई प्रोडक्ट्स के पास जरूरी ETA (Equipment Type Approval) सर्टिफिकेट नहीं था और न ही लाइसेंस से जुड़ी कोई जानकारी दी गई थी. नियमों के मुताबिक केवल 446.0 से 446.2 MHz फ्रीक्वेंसी पर काम करने वाले PMR (Personal Mobile Radio) डिवाइस ही बिना लाइसेंस के इस्तेमाल किए जा सकते हैं.

जांच में क्या-क्या खामियां मिलीं

CCPA की रिपोर्ट के मुताबिक, Flipkart पर हजारों ऐसे वॉकी-टॉकी बेचे गए जिनकी फ्रीक्वेंसी की जानकारी या तो गलत थी या दी ही नहीं गई थी. Amazon पर भी कई लिस्टिंग बिना जरूरी सर्टिफिकेशन के पाई गईं. Meesho पर एक ही विक्रेता ने हजारों यूनिट बेचीं लेकिन नियमों से जुड़ी जानकारी नहीं दी. Facebook Marketplace पर बार-बार नियम तोड़ने वाली लिस्टिंग सामने आईं. कुछ प्लेटफॉर्म्स ने नोटिस मिलने के बाद प्रोडक्ट हटाए, लेकिन CCPA ने इसे नाकाफी बताया.

‘हम सिर्फ प्लेटफॉर्म हैं’ की दलील खारिज

कई कंपनियों ने खुद को सिर्फ “इंटरमीडियरी” बताते हुए जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की, लेकिन CCPA ने इस दलील को साफ तौर पर खारिज कर दिया. प्राधिकरण ने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म बिक्री को बढ़ावा देता है, तो उसकी जिम्मेदारी बनती है कि वह पूरी जांच-पड़ताल करे और गैरकानूनी प्रोडक्ट्स को रोके.

ई-कॉमर्स के लिए नए सख्त नियम

CCPA ने अब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इसके तहत फ्रीक्वेंसी और ETA सर्टिफिकेशन की जांच अनिवार्य होगी, भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगेगी, ऑटोमैटिक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना होगा और प्लेटफॉर्म्स को समय-समय पर खुद का ऑडिट करना पड़ेगा.

राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला

CCPA ने चेतावनी दी है कि बिना मंजूरी वाले वॉकी-टॉकी पुलिस, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की संचार व्यवस्था में बाधा डाल सकते हैं, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. मौजूदा नियमों के अनुसार, केवल 446.0–446.2 MHz बैंड में काम करने वाले डिवाइस ही लाइसेंस-फ्री कैटेगरी में आते हैं. शॉर्ट रेंज रेडियो फ्रीक्वेंसी उपकरण नियम 2018 के तहत ऐसे उपकरणों के आयात, बिक्री या उपयोग से पहले ETA लेना अनिवार्य है.


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