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क्या Bharat से बाहर निकलने की जल्दबाजी में है Carlyle? धड़ाधड़ बेच रही हिस्सेदारी!

कार्लाइल, भारती एयरटेल की डेटा सेंटर कारोबार वाली सहायक यूनिट नेक्स्ट्रा डेटा में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

दिग्गज अमेरिकी प्राइवेट इ​क्विटी फर्म कार्लाइल भारत से बाहर निकलने की जल्दबाजी में नजर आ रही है. कंपनी अब भारती एयरटेल की डेटा सेंटर कारोबार वाली सहायक यूनिट नेक्स्ट्रा डेटा (Nxtra Data Limited) में अपनी 25% हिस्सेदारी बेचने वाली है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो कार्लाइल इसके लिए न्यूयॉर्क की कंपनी ब्लैकस्टोन से बातचीत कर रही है. कार्लाइल ने अपनी हिस्सेदारी की कीमत 2500 करोड़ रुपए आंकी है. इस हिसाब से एयरटेल के डेटा सेंटर कारोबार की वैल्यू लगभग 10,000 करोड़ रुपए बैठेगी.

Yes Bank में भी बेची है हिस्सेदारी
कार्लाइल ने 2020 में 23.5 करोड़ डॉलर यानी करीब 1800 करोड़ रुपए में इस डेटा सेंटर कंपनी में 25% हिस्सेदारी खरीदी थी. ब्लैकस्टोन हिस्सेदारी बेचने के लिए कार्लाइल से बातचीत कर रही है, लेकिन साथ ही उसने दूसरे विकल्प भी खुले रखे हैं. यदि कार्लाइल एयरटेल की डेटा सेंटर कंपनी में अपमा स्टेक बेचती है, तो इस वित्त वर्ष में यह उसकी चौथी हिस्सेदारी बिक्री होगी. इस इ​क्विटी फर्म ने हाल ही में प्राइवेट सेक्टर के यस (Yes Bank) बैंक में अपनी कुछ हिस्सेदारी 1,160 करोड़ में बेची है. पिछले साल अगस्त में उसने पीरामल फार्मा में अपना 2.17% हिस्सा बेच दिया था और जून में जून में कार्लाइल ने डेलिवरी में अपनी समूची 2.5% फीसदी हिस्सेदारी का सौदा 709 करोड़ रुपए में किया था. 

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ब्लैकस्टोन ने Bharat पर बढ़ाया फोकस
कार्लाइल ने नेक्स्ट्रा डेटा में पहली बार 2020 में निवेश किया था. इसके बाद से भारती एयरटेल की इस सहायक यूनिट ने तेजी से अपना कारोबार बढ़ाया है. कंपनी की योजना अगले कुछ सालों में 5000 करोड़ रुपए निवेश कर मुंबई, पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, NCR और कोलकाता में नए हाइपरस्केल डेटा सेंटर तैयार करने की है. दूसरी तरफ, ब्लैकस्टोन भारत में तेजी से पैर जमाने में लगी है. कंपनी का फोकस अ​धिग्रहण और नए निवेश पर है. वह कर्नाटक की चिकित्सा उपकरण बनाने वाली फर्म Healthium Medtech के अ​धिग्रहण की दौड़ में भी शामिल है. ब्लैकस्टोन सिप्ला (Cipla) में भी बड़ा स्टेक खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बन पाई. कंपनी ने आधार हाउसिंग फाइनेंस में भी निवेश किया हुआ है, जिसने आईपीओ के लिए सेबी के पास मसौदा जमा कराया है.
 


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